जन्माष्टमी पर CM योगी का बड़ा बयान, बोले- मंदिरों पर इमारतें बन सकती हैं, श्रीराम-श्रीकृष्ण को कोई नहीं छू सकता
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिरों, भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई बार भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को मिटाने की कोशिश हुई, लेकिन सनातन धर्म और भारतीय आस्था कायम रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिरों के ऊपर दूसरी इमारतें खड़ी की जा सकती हैं, लेकिन लोगों के मन में बसे श्रीराम और श्रीकृष्ण को कोई नहीं छू सकता।
सीएम योगी ने जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं को संबोधित किया। इस दौरान मथुरा में जन्माष्टमी का उत्सव धूमधाम से मनाया गया और मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया था।
मंदिरों को नुकसान पहुंचाने का किया जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत के मंदिरों के इतिहास का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग दौर में आक्रांताओं ने मंदिरों और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय समाज की आस्था को समाप्त नहीं किया जा सका।
उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर का भी उल्लेख किया। योगी ने कहा कि मंदिर को कई बार नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन बाद में अहिल्याबाई होल्कर ने इसके पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने इसी संदर्भ में कहा कि किसी धार्मिक स्थल की इमारत को नुकसान पहुंचाया जा सकता है, लेकिन करोड़ों लोगों की आस्था और उनके मन में बसे भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को समाप्त नहीं किया जा सकता।
‘भारत की संस्कृति को मिटाने वाले खुद इतिहास में मिट गए’
सीएम योगी ने कहा कि भारत की संस्कृति और आस्था को समाप्त करने का प्रयास करने वाली ताकतें समय के साथ खुद इतिहास के पन्नों में चली गईं। उन्होंने कहा कि भारत आज भी अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आस्था के साथ जीवंत है।
उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा केवल किसी एक स्थान तक सीमित नहीं है। ब्रजभूमि में श्रीकृष्ण और राधारानी की स्मृति आज भी लोगों को प्रेरणा देती है और देश के अलग-अलग हिस्सों में उनकी आस्था दिखाई देती है।
श्रीकृष्ण के संदेश का भी किया जिक्र
जन्माष्टमी के मौके पर मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को वर्तमान समय से जोड़ते हुए कहा कि हजारों साल पहले दिया गया उनका संदेश आज भी प्रासंगिक है।
योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीकृष्ण के संदेश से जुड़े ‘परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्’ का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में अच्छे लोगों की रक्षा और दुष्ट प्रवृत्तियों के खिलाफ कार्रवाई का संदेश आज भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जब समाज में भ्रम और संशय की स्थिति आती है, तब श्रीकृष्ण का संदेश लोगों को रास्ता दिखाता है। उनके मुताबिक, श्रीकृष्ण का जीवन और उनकी शिक्षाएं लोगों को धर्म, कर्तव्य और सही रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
भारत की एकता और सामाजिक सौहार्द पर भी बात
मुख्यमंत्री ने ऐसे तत्वों को लेकर भी चेतावनी दी जो समाज में नफरत फैलाने या देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की एकता और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों को परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
योगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संदेश केवल धार्मिक संदर्भ में ही नहीं, बल्कि जीवन और समाज के लिए भी मार्गदर्शन देता है। उन्होंने लोगों से अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान किया।
मथुरा-वृंदावन को लेकर भी जोर
जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। शहर के मंदिरों और धार्मिक स्थलों को रोशनी और सजावट से सजाया गया। मुख्यमंत्री ने मथुरा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
मथुरा में जन्माष्टमी के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर समेत कई धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना और कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लिया।
श्रीकृष्ण के संदेश को बताया आज भी प्रासंगिक
सीएम योगी ने कहा कि हजारों वर्ष पुराने श्रीकृष्ण के संदेश आज भी समाज को दिशा दे सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से कर्तव्य, धर्म और सत्य के रास्ते पर चलने की प्रेरणा का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री के बयान में एक तरफ मंदिरों और सनातन परंपरा की ऐतिहासिक निरंतरता पर जोर रहा, वहीं दूसरी ओर उन्होंने श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को वर्तमान सामाजिक और राष्ट्रीय परिस्थितियों से जोड़कर पेश किया।
जन्माष्टमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और श्रीकृष्ण के संदेश से निःस्वार्थ कर्म की प्रेरणा लेने की बात कही।
रिपोर्टर; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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