दिल्ली विधानसभा युवा संपर्क कार्यक्रम में डीयू छात्रों ने समझी लोकतांत्रिक व्यवस्था
नई दिल्ली, 10 सितंबर 2026। दिल्ली विधानसभा के युवा संपर्क कार्यक्रम के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों ने विधानसभा परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों को लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज, संवैधानिक मूल्यों, विधायी प्रक्रिया और भारत की संसदीय विरासत को करीब से समझने का अवसर मिला।
किरोड़ीमल कॉलेज, सुखदेव कॉलेज, लॉ सेंटर-I, लॉ सेंटर-II और शहीद भगत सिंह कॉलेज के विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को कक्षा और पाठ्य पुस्तकों से आगे बढ़कर लोकतांत्रिक संस्थाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने और उनके कामकाज का अनुभव कराने का था।
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने युवाओं को भविष्य को लेकर अनावश्यक दबाव न लेने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें लगातार प्रयास करते रहना चाहिए, सीखते रहना चाहिए और जिज्ञासु बने रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत के भविष्य को आकार देने में प्रत्येक युवा की महत्वपूर्ण भूमिका है। युवा अपने चुने हुए क्षेत्र में ईमानदारी, उत्कृष्टता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना के साथ काम करके राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दे सकते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने छात्रों को विभिन्न विचारों को सुनने और किसी मुद्दे पर राय बनाने से पहले उसे समझने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों पर निर्भर करती है। मतभिन्नता और स्वस्थ बहस लोकतंत्र के आवश्यक हिस्से हैं, लेकिन यह संवाद संवैधानिक मूल्यों और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना के साथ होना चाहिए।
छात्रों ने पूछे लोकतंत्र से जुड़े सवाल
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने विधायिका के कामकाज, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका, लोकतांत्रिक भागीदारी और नागरिकों तथा सार्वजनिक संस्थाओं के बीच संबंधों से जुड़े सवाल पूछे। छात्रों ने समकालीन मुद्दों के साथ-साथ बदलते भारत में युवाओं की भूमिका पर भी अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दिल्ली विधानसभा परिसर का निर्देशित भ्रमण भी कराया गया। इस दौरान उन्हें विधानसभा भवन की स्थापत्य शैली और भारत के संसदीय इतिहास में इसके महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
छात्रों ने जानी विधानसभा की ऐतिहासिक विरासत
डॉक्यूमेंट्री और प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों को भवन के केंद्रीय विधान सभा से जुड़े ऐतिहासिक संबंधों, महत्वपूर्ण हस्तियों और ऐतिहासिक घटनाक्रमों की जानकारी दी गई।
छात्रों को विधानसभा की स्मृति और विरासत पर आधारित कॉफी टेबल बुक “एक शताब्दी यात्रा” से भी परिचित कराया गया। इस पुस्तक में विधानसभा की ऐतिहासिक यात्रा और उसकी संसदीय विरासत को संकलित किया गया है।
इसके बाद विद्यार्थियों ने मुख्य विधानसभा कक्ष का भ्रमण किया और उस स्थान को प्रत्यक्ष रूप से देखा, जहां सदन की विधायी बहस, चर्चा और कार्यवाही संचालित होती है।
युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान की अपील
कार्यक्रम के समापन पर विजेंद्र गुप्ता ने विद्यार्थियों से भारत की संवैधानिक और लोकतांत्रिक विरासत से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को अपने अवसरों का बेहतर उपयोग करने, संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, विचार और क्षमताएं विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। दिल्ली विधानसभा का युवा संपर्क कार्यक्रम इसी दिशा में युवाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच संवाद को मजबूत करने की पहल के रूप में सामने आया।

