सत्य निकेतन पीजी छात्रावास हादसे में मृतकों के परिवारों को 2-2 करोड़ मुआवजे की मांग, घायलों को 50-50 लाख देने की अपील
नई दिल्ली, 9 सितंबर 2026। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने सत्य निकेतन पीजी छात्रावास की इमारत ढहने की घटना में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को तत्काल 2-2 करोड़ रुपये का वित्तीय मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने हादसे में घायल छात्रों के लिए भी 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की अपील दिल्ली की भाजपा सरकार से की है।
देवेंद्र यादव ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को हुए नुकसान की भरपाई किसी भी आर्थिक सहायता से नहीं की जा सकती। इसके बावजूद सरकार को पीड़ित परिवारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए तत्काल पर्याप्त मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि घायल छात्रों को पूरी तरह स्वस्थ होने में कई महीने लग सकते हैं और उन्हें दोबारा पढ़ाई शुरू करने के लिए भी आर्थिक सहायता की आवश्यकता होगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, हादसे में मृत छात्रों की पहचान अभिषेक, युवराज सोनी, पवन, अर्पित जाज और अक्षत सिंह यादव के रूप में की गई है। इसके अलावा हादसे में एक मजदूर और क्षेत्र के एक बुजुर्ग निवासी की भी मौत होने की बात उन्होंने कही। देवेंद्र यादव ने इन मृतकों के परिवारों को भी 2-2 करोड़ रुपये की वित्तीय राहत देने की मांग की।
छात्रों के भविष्य पर उठाए सवाल
देवेंद्र यादव ने कहा कि मृतक छात्रों के माता-पिता ने अपने बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा दिलाने के लिए काफी त्याग किया था। देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने और अपना भविष्य बनाने के लिए आते हैं। अभिभावक अपने बच्चों की शिक्षा पर बड़ी राशि खर्च करते हैं, ताकि वे आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासक, सीईओ और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी छात्र की इस तरह जान चली जाना बेहद दर्दनाक है। उनके अनुसार, हादसे ने दिल्ली में छात्रों की सुरक्षित आवास व्यवस्था से जुड़े सवालों को भी सामने ला दिया है।
दिल्ली में छात्रों के लिए हॉस्टल की कमी का मुद्दा
देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले बड़ी संख्या में छात्र दूसरे राज्यों और शहरों से आते हैं। विश्वविद्यालय में हॉस्टल की पर्याप्त सीटें उपलब्ध नहीं होने के कारण कई छात्रों को निजी पीजी आवासों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी छात्रों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित पीजी आवास सुनिश्चित करने की दिशा में दिल्ली सरकार और दिल्ली विश्वविद्यालय ने पर्याप्त प्रयास नहीं किए। उनका कहना है कि अब सरकार दो-तीन महीने में पीजी आवास को लेकर विशेष नीति बनाने की बात कर रही है, लेकिन छात्रों की सुरक्षा का मुद्दा पहले ही गंभीर रूप ले चुका है।
सरकार और विश्वविद्यालय पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता ने दिल्ली सरकार और दिल्ली विश्वविद्यालय पर छात्रावास सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अकेले रहकर पढ़ाई करना बाहर से आने वाले छात्रों के लिए पहले से ही चुनौतीपूर्ण है और सुरक्षित आवास की कमी इस समस्या को और बढ़ा देती है।
देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन उन्हें पूरा करने की दिशा में पर्याप्त कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन पीजी छात्रावास हादसे के बाद सरकार को केवल घोषणाओं तक सीमित रहने के बजाय छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की ठोस व्यवस्था करनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि हादसे में मृतकों के परिवारों और घायलों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ दिल्ली में निजी पीजी और छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था की भी व्यापक समीक्षा की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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