कानपुर में एक्सपायर सिरप पीने से तीन बच्चे बीमार, स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप
सुनील बाजपेई
कानपुर। पांडु नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की मार झेल रहे बर्रा के मायापुरम इलाके में राहत के दौरान बांटी गई दवाओं को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच ऐसा सिरप वितरित किया, जिसकी मियाद जुलाई 2026 में ही खत्म हो चुकी थी। कथित तौर पर इस सिरप को पीने के बाद तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें उल्टियां होने लगीं। इलाज के बाद फिलहाल बच्चों की हालत में सुधार बताया गया है।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम बर्रा के मायापुरम इलाके में करीब 20 बाढ़ प्रभावित परिवारों को दवाएं वितरित करने पहुंची थी। इसी दौरान अन्य दवाओं के साथ एक सिरप भी दिया गया। परिजनों का दावा है कि सिरप की एक्सपायरी जुलाई 2026 में ही हो चुकी थी।
सिरप पीने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी
मायापुरम निवासी जयपाल और मीना के चार वर्षीय बेटे ऋषभ ने कथित तौर पर सिरप पीने के बाद उल्टियां शुरू कर दीं। बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे निजी डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे, जहां उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। इसी तरह तीन वर्षीय रुद्र और तीन वर्षीय आयुष की तबीयत भी दवा और सिरप लेने के बाद खराब होने की बात सामने आई है।
एक साथ कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद इलाके के लोगों में चिंता फैल गई। लोगों ने कथित एक्सपायर सिरप और अन्य दवाएं फेंक दीं। मंगलवार को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम दोबारा दवाएं लेकर इलाके में पहुंची तो कुछ बाढ़ प्रभावित लोगों ने दवा लेने से इनकार कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने आरोपों से किया इनकार
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक्सपायर सिरप बांटे जाने के आरोपों का खंडन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मुताबिक, 2 सितंबर को बाढ़ कैंप में Trimethoprim and Sulphamethoxazole IP सिरप वितरित नहीं किया गया था। विभाग के स्टॉक रजिस्टर में भी इस सिरप के वितरण की कोई प्रविष्टि नहीं मिलने की बात कही गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने मामले को जांच का विषय बताते हुए कहा है कि कथित एक्सपायर सिरप की सप्लाई विभाग की ओर से नहीं की गई। ऐसे में यह भी जांच की जा रही है कि संबंधित सिरप वहां कैसे पहुंचा।
बाढ़ जैसी आपदा के बीच दवाओं के वितरण को लेकर सामने आया यह विवाद स्वास्थ्य सेवाओं और राहत सामग्री की निगरानी पर सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि, एक्सपायर सिरप के वितरण और बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बीच सीधे चिकित्सकीय संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्टर; चरणप्रीत सिंह, मुख्य संवाददता देहरादून
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