CM Delhi रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, 10 हजार छात्रों के लिए बनेंगे हॉस्टल
नई दिल्ली, 16 सितंबर। CM Delhi रेखा गुप्ता ने राजधानी में कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी घोषणा की है। दिल्ली सरकार ने करीब 10 हजार छात्रों की क्षमता वाले सुरक्षित और सुविधायुक्त हॉस्टल बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक इन हॉस्टलों में छात्र और छात्राएं दोनों रह सकेंगे और दिल्ली के कॉलेज या विश्वविद्यालय में पढ़ने वाला कोई भी छात्र इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना पर काम शुरू हो चुका है। संबंधित विभागों के साथ बैठकें की गई हैं और हॉस्टल के लिए उपयुक्त जमीन तथा जरूरी सुविधाओं को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। सरकार की ओर से छात्रों की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार की जा रही है।
छात्रों को सुरक्षित और किफायती आवास देने की तैयारी
दिल्ली सरकार के मुताबिक राजधानी में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में छात्र उच्च शिक्षा के लिए आते हैं। कई छात्रों के सामने कॉलेज में दाखिला मिलने के बाद सुरक्षित और किफायती आवास की समस्या रहती है। प्रस्तावित हॉस्टलों का उद्देश्य छात्रों को रहने की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें आवास को लेकर परेशानियों का सामना न करना पड़े।
सरकार ने हॉस्टल निर्माण से जुड़ी एजेंसियों के साथ भी चर्चा शुरू की है। जमीन के चयन, भवन की रूपरेखा और छात्रों की जरूरतों के मुताबिक सुविधाओं पर काम किया जा रहा है। योजना के तहत लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए हॉस्टल सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
सत्य निकेतन हादसे के बाद छात्र आवास पर फोकस
हॉस्टल निर्माण की घोषणा ऐसे समय हुई है जब दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हुई थी। यह इमारत छात्रों के लिए निजी हॉस्टल के तौर पर इस्तेमाल की जा रही थी। हादसे के बाद छात्र आवासों की सुरक्षा और भवनों की स्थिति को लेकर सरकार की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली सरकार ने इससे पहले PG, हॉस्टल और सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों के लिए संरचनात्मक ऑडिट और समय-समय पर सुरक्षा प्रमाणन को अनिवार्य बनाने की बात कही थी।
आशा वर्कर्स का इंसेंटिव भी दोगुना
CM Delhi रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में आशा वर्कर्स के मासिक निश्चित इंसेंटिव को भी ₹3,000 से बढ़ाकर ₹6,000 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। दिल्ली में काम कर रहीं करीब 6,725 आशा वर्कर्स को इसका लाभ मिलेगा। अन्य इंसेंटिव पहले की तरह जारी रहने की जानकारी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा वर्कर्स प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था और समुदाय के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे घर-घर जाकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने, टीकाकरण के लिए जागरूक करने और गर्भवती महिलाओं व नई माताओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में भूमिका निभाती हैं। सरकार के मुताबिक इंसेंटिव बढ़ाने का उद्देश्य उनकी वित्तीय सुरक्षा और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।
दिल्ली सरकार की ओर से छात्र हॉस्टल और आशा वर्कर्स के इंसेंटिव से जुड़े दोनों फैसलों को राजधानी में छात्र कल्याण और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कदम के रूप में बताया गया है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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