CM Haryana Nayab Singh Saini का बड़ा फैसला, सरकारी भुगतान में देरी पर मिलेगा ब्याज
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी विभागों में भुगतान में अनावश्यक देरी को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को ऐसी योजना तैयार करने को कहा है, जिसके तहत राज्य सरकार से कंपनियों, फर्मों और ठेकेदारों को किए जाने वाले भुगतान में विभागीय स्तर पर अनावश्यक देरी होने पर उन्हें देरी की अवधि का ब्याज दिया जाएगा। यह जानकारी हरियाणा सरकार ने 28 सितंबर को जारी की।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में विभिन्न विभागों की ओर से अपनाई जा रही ‘गुड प्रेक्टिसिज’ की समीक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं और अन्य सरकारी कार्यों के लिए जिन कंपनियों, फर्मों और ठेकेदारों से सेवाएं ली जाती हैं, उनके वैध भुगतान को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर करना विभागों की जिम्मेदारी है।
भुगतान में देरी पर तय होगी प्रक्रिया
CM Haryana Nayab Singh Saini ने कहा कि विभिन्न विभागों के साथ काम करने वाली फर्में और ठेकेदार अक्सर बिलों के भुगतान में देरी की शिकायत करते हैं। सरकार के मुताबिक, इस तरह की देरी का असर विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता और उनके समय पर पूरा होने पर पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को प्रस्तावित योजना में भुगतान में देरी के मामलों के लिए स्पष्ट प्रक्रिया, जिम्मेदारी और ब्याज भुगतान के प्रावधान तय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विभागीय स्तर पर भुगतान संबंधी मामलों को निर्धारित समयसीमा में निपटाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिम्मेदार अधिकारी से होगी ब्याज की वसूली
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की वजह से अनावश्यक देरी होती है और इसके कारण संबंधित कंपनी या ठेकेदार को ब्याज देना पड़ता है, तो उस ब्याज की राशि जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी से वसूलने का प्रावधान भी योजना में शामिल किया जाए।
सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना और विभागीय स्तर पर होने वाली अनावश्यक देरी को रोकना है।
डिजिटल सिग्नेचर और डोंगल के दुरुपयोग पर सख्ती
बैठक में सरकारी भुगतान प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले डिजिटल सिग्नेचर और डोंगल के गलत इस्तेमाल को रोकने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी डोंगल का दुरुपयोग होता है तो जिस अधिकारी को वह जारी किया गया है, उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सरकारी जानकारी के अनुसार, डोंगल के गलत इस्तेमाल से सरकार को होने वाले नुकसान की भरपाई संबंधित अधिकारी के वेतन से करने का प्रावधान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आयुष्मान योजना के लिए बनेगा सॉफ्टवेयर
मुख्यमंत्री ने राज्य में आयुष्मान योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए विशेष सॉफ्टवेयर विकसित करने के निर्देश भी दिए। इसका उद्देश्य योजना में गलत तरीके से लाभ लेने की कोशिशों की निगरानी करना और ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद करना है।
कर्मचारियों की सैलरी सीधे बैंक खाते में
CM Haryana Nayab Singh Saini ने राज्य के सभी श्रेणी के कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में भेजने के निर्देश दिए हैं। इसमें एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों का वेतन कॉन्ट्रैक्टर के माध्यम से भेजने के बजाय सीधे कर्मचारियों के खाते में पहुंचना चाहिए। सरकार के अनुसार, इससे वेतन वितरण में संभावित अनियमितताओं को कम करने में मदद मिलेगी।
4,000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की निगरानी
बैठक में वित्त एवं योजना विभाग की ओर से ‘अर्जुन काउंसिल’ की कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी गई। सरकार के अनुसार, इस व्यवस्था के माध्यम से नौ बड़े विभागों के बजट और कार्यों की निगरानी तथा स्वतंत्र सत्यापन किया जा रहा है। करीब 4,000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को परिणाम आधारित बनाया गया है और निर्धारित परिणामों के स्वतंत्र सत्यापन के बाद धनराशि जारी की जाती है।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों में विशेषज्ञों की नियुक्ति के निर्देश भी दिए, ताकि परिणाम आधारित निगरानी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
साफ हवा के लिए राज्यों के बीच सहयोग का प्रस्ताव
बैठक में सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र के मैदानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसके तहत हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार को साझा वायु क्षेत्र के रूप में देखते हुए सामूहिक रणनीति बनाने की बात कही गई।
हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया कि प्रदूषण कई बार राज्य की सीमाओं से बाहर जाकर दूसरे क्षेत्रों को प्रभावित करता है, इसलिए केवल किसी एक राज्य के प्रयास पर्याप्त नहीं हो सकते।
पूरी भुगतान प्रक्रिया ऑनलाइन
सरकार के मुताबिक हरियाणा में विभिन्न प्रकार के सरकारी बिलों के डिजिटल प्रसंस्करण की व्यवस्था लागू की गई है। वेतन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल किया गया है और केंद्रीकृत ई-बिलिंग प्लेटफॉर्म के जरिए विभागों के भुगतान किए जा रहे हैं। डिजिटल हस्ताक्षर और ई-कुबेर के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया को ऑनलाइन पूरा किया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए ‘एसएनए स्पर्श’ व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके तहत हजारों कार्यान्वयन एजेंसियों के लिए डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र अनिवार्य किए गए हैं और मई 2026 से कागजरहित वेतन प्रक्रिया शुरू की गई है।
इस फैसले का मुख्य फोकस सरकारी भुगतान में देरी की जिम्मेदारी तय करना, कंपनियों और ठेकेदारों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना तथा डिजिटल भुगतान व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाना है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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