CM Rekha Gupta: दिल्ली में बारापुला फेज-3 का उद्घाटन, प्रदूषण पर भी बड़ा एक्शन
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 29 सितंबर का दिन सड़क कनेक्टिविटी और प्रदूषण नियंत्रण के लिहाज से अहम रहने वाला है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहेंगी। करीब एक दशक से लंबित इस परियोजना के शुरू होने से मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां और आगे एम्स की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
बारापुला फेज-3 से बदलेगी दिल्ली की कनेक्टिविटी
बारापुला फेज-3 कॉरिडोर को पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। परियोजना को 2014 में मंजूरी मिली थी और निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था। इसे पहले 2017 तक पूरा किया जाना था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें काफी देरी हुई। परियोजना की संशोधित लागत करीब 1,635 करोड़ रुपये बताई गई है।
कॉरिडोर के शुरू होने के बाद मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां तक नया एलिवेटेड मार्ग मौजूदा बारापुला नेटवर्क से जुड़ेगा। इससे पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली की तरफ जाने वाले यात्रियों को कई ट्रैफिक सिग्नलों से गुजरने की जरूरत कम होगी। रिपोर्टों के मुताबिक पूरे बारापुला कॉरिडोर की लंबाई करीब 9 किलोमीटर हो जाएगी।
मुकरबा चौक अंडरपास भी होगा शुरू
29 सितंबर को बारापुला फेज-3 के साथ मुकरबा चौक अंडरपास को भी जनता के लिए समर्पित किए जाने की योजना है। इसके अलावा दक्षिण दिल्ली में मोदी मिल-कैलकाजी फ्लाईओवर और सावित्री सिनेमा हाफ-फ्लाईओवर से जुड़े कार्यों के लिए आधारशिला रखे जाने की भी जानकारी सामने आई है।
प्रदूषण पर दिल्ली सरकार का फोकस
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए कई कदमों पर जोर दिया है। 28 सितंबर को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में दिल्ली के प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें वाहन उत्सर्जन, सड़क की धूल, कचरा प्रबंधन, औद्योगिक प्रदूषण, सार्वजनिक परिवहन और प्रदूषण हॉटस्पॉट पर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
सरकार के विंटर एक्शन प्लान में निर्माण और तोड़फोड़ पर प्रतिबंध, पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी और कुछ वाहनों पर प्रतिबंध जैसे उपाय शामिल हैं। योजना के तहत 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर रोक का प्रावधान बताया गया है।
1 अक्टूबर से बिना वैध PUC वाहनों पर कार्रवाई
दिल्ली सरकार ने वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUCC के बिना चलने वाले वाहनों के खिलाफ 1 अक्टूबर से प्रवर्तन अभियान शुरू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि प्रदूषण नियंत्रण को केवल सर्दियों तक सीमित न रखकर सालभर की प्रक्रिया के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
सरकार ने वाहन जांच व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए बुराड़ी में पांच-लेन ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन भी शुरू किया है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर के PUC केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने के लिए कैमरों के इस्तेमाल की योजना भी सामने आई है।
इस तरह 29 सितंबर को दिल्ली में एक तरफ लंबे समय से लंबित सड़क परियोजनाएं जनता को समर्पित की जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सर्दियों में प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए सरकार की तैयारियां भी तेज हो रही हैं।

