दिल्ली में 15 साल से फरार लूट और आर्म्स एक्ट का आरोपी गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच ने रोहिणी से दबोचा
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। लूट और आर्म्स एक्ट के मामले में करीब 15 साल से फरार चल रहे आरोपी रविंदर उर्फ सोनू उर्फ चिकन को पुलिस ने रोहिणी इलाके से गिरफ्तार किया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए कोलकाता और बरेली समेत कई शहरों में अपने ठिकाने बदलता रहा। आखिरकार मुखबिर की सूचना और लगातार की गई जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने उसे पकड़ लिया।
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने करीब 15 साल पुराने लूट और आर्म्स एक्ट के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रविंदर उर्फ सोनू उर्फ चिकन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग शहरों में रह रहा था।
क्राइम ब्रांच की टीम ने स्थानीय मुखबिर से मिली जानकारी और तकनीकी व अन्य स्तरों पर की गई पड़ताल के आधार पर आरोपी की तलाश तेज की। इसके बाद 17 अक्टूबर 2026 को उसे दिल्ली के रोहिणी इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
2011 से फरार चल रहा था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ वर्ष 2011 में दिल्ली के कीर्ति नगर थाना क्षेत्र में लूट से संबंधित मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में आर्म्स एक्ट से जुड़ी धाराएं भी शामिल थीं।
आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कई बार अपने रहने का स्थान बदला और अलग-अलग शहरों में जाकर रहने लगा।
करीब 15 साल तक फरार रहने के कारण आरोपी को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। हालांकि, क्राइम ब्रांच की लगातार जांच और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी के बाद पुलिस को उसकी मौजूदगी का पता चला।
सुबह की सैर पर निकले व्यक्ति से लूट का मामला
इस मामले की शुरुआत 11 मई 2011 को हुई थी। पुलिस के अनुसार, दिल्ली के कीर्ति नगर थाना क्षेत्र स्थित मानसरोवर गार्डन इलाके में सुबह की सैर पर निकले एक व्यक्ति के साथ लूट की वारदात हुई थी।
आरोप है कि बदमाश ने व्यक्ति की चेन छीन ली थी। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो उस पर चाकू से हमला किया गया।
घटना के बाद संबंधित थाने में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू की। इस वारदात को लेकर आरोपी की तलाश की जा रही थी, लेकिन वह लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा।
लूट के दौरान चाकू से हमला किए जाने के आरोप के कारण यह मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पुराने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए बदलता रहा शहर
पुलिस की जानकारी के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली से बाहर कई स्थानों पर शरण ली।
बताया गया है कि वह पहले करीब एक साल तक कोलकाता में रहा। इसके बाद वह उत्तर प्रदेश के बरेली चला गया।
अलग-अलग शहरों में रहने के दौरान आरोपी पुलिस की नजरों से बचने की कोशिश करता रहा। वर्ष 2017 में उसके दिल्ली लौटने की जानकारी भी सामने आई है।
लगातार स्थान बदलने के कारण उसकी तलाश लंबी खिंच गई। पुलिस को उसके ठिकानों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने में समय लगा।
मुखबिर की सूचना से मिली सफलता
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच लंबे समय से फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इसी अभियान के तहत रविंदर के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही थी।
पुलिस के अनुसार, स्थानीय मुखबिर से मिली सूचना के बाद टीम ने आरोपी की गतिविधियों और संभावित ठिकाने की पड़ताल की।
जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर रोहिणी इलाके में उसकी मौजूदगी का पता चला। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए 17 अक्टूबर 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
इस गिरफ्तारी के साथ पुलिस को करीब डेढ़ दशक पुराने मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
पुराने आपराधिक मामलों में फरार आरोपियों की तलाश
दिल्ली पुलिस समय-समय पर ऐसे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाती है, जो आपराधिक मामलों में लंबे समय से फरार हैं।
इन अभियानों में स्थानीय मुखबिरों से प्राप्त जानकारी, पुराने रिकॉर्ड, संदिग्धों के संभावित ठिकानों और अन्य जांच संबंधी सूचनाओं का उपयोग किया जाता है।
लंबे समय तक फरार रहने वाले आरोपियों की तलाश में सबसे बड़ी चुनौती उनके बदलते ठिकाने और पहचान से जुड़ी जानकारी की पुष्टि करना होती है।
रविंदर की गिरफ्तारी भी इसी तरह की लगातार की गई जांच का परिणाम बताई जा रही है।
15 साल पुराने मामले में आगे बढ़ेगी कानूनी कार्रवाई
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस पुराने मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी। जांच से संबंधित दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित न्यायालय में कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
हालांकि, किसी आरोपी की गिरफ्तारी अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
इस गिरफ्तारी से यह भी स्पष्ट होता है कि पुराने आपराधिक मामलों में फरार आरोपियों की तलाश पुलिस के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है।
दिल्ली में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी
राजधानी दिल्ली में लूट, झपटमारी और हथियारों से जुड़े अपराध कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं। विशेष रूप से सुबह की सैर पर निकले लोगों, राहगीरों और अकेले यात्रा करने वाले व्यक्तियों को निशाना बनाने वाली घटनाएं नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं बढ़ाती हैं।
ऐसे मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी और समयबद्ध कानूनी कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जाता है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा 15 साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार किए जाने के बाद अब इस मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
फिलहाल क्राइम ब्रांच ने रविंदर उर्फ सोनू उर्फ चिकन को गिरफ्तार कर लिया है। 2011 के लूट और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।

