CM Bhagwant Mann का बड़ा एक्शन, LPU हिंसा के बाद छात्रों की सुरक्षा पर सख्ती
चंडीगढ़/फगवाड़ा: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पंजाब के DGP गौरव यादव को विश्वविद्यालय परिसर का दौरा कर स्थिति का जायजा लेने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। पुलिस ने हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में जांच तेज कर दी है।
LPU में कैसे बिगड़े हालात?
रविवार को LPU कैंपस में एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न की खबर फैलने के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस आरोप को बेबुनियाद और मनगढ़ंत अफवाह बताया है। पुलिस ने कथित घटना को लेकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी SIT गठित की गई है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को भी बाधित किया। बाद में स्थिति हिंसक हो गई और पुलिस वाहनों में आग लगाने, तोड़फोड़ तथा पथराव की घटनाएं सामने आईं। पुलिस के मुताबिक अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
CM भगवंत मान ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घटना का संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। CM ने DGP गौरव यादव को LPU पहुंचकर हालात का जायजा लेने और जरूरी कदम उठाने को कहा। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पंजाब DGP ने भी कहा कि आगजनी और तोड़फोड़ में जो भी लोग जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच करने की बात कही है।
10 दिन के लिए बंद हुईं कक्षाएं
हिंसा के बाद LPU प्रशासन ने 28 सितंबर से नियमित कक्षाओं को 10 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। मिड-टर्म परीक्षाओं को भी अगले आदेश तक टाल दिया गया है। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र अपने घरों के लिए रवाना होने लगे। कई अभिभावक भी अपने बच्चों को लेने के लिए विश्वविद्यालय पहुंचे।
कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। छात्रों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने और किसी भी तरह की अशांति में शामिल होने से बचने की सलाह दी गई है।
SIT करेगी पूरे मामले की जांच
पुलिस ने कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए SIT बनाई है। जांच में फॉरेंसिक सैंपल, CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड सहित अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में कथित घटना के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है, जबकि विश्वविद्यालय ने भी आरोप को खारिज किया है।
पुलिस और प्रशासन का फोकस अब दो पहलुओं पर है—कथित घटना की वास्तविकता का पता लगाना और हिंसा, आगजनी तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान करना।
वॉकie-टॉकी वाले लोगों को लेकर भी स्थिति साफ
हिंसा के बाद कैंपस में वॉकी-टॉकी लिए कुछ लोगों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे थे। बाद में पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों की पहचान भारतीय सेना के जवानों के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक वे एक सैन्य अधिकारी के बच्चे को लेने के लिए कैंपस पहुंचे थे और उन्हें बाहरी उपद्रवी के तौर पर नहीं पाया गया।
कैंपस में पुलिस की भारी तैनाती
हिंसा के बाद LPU और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 2,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और पुलिस ने कैंपस में फ्लैग मार्च भी किया। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर प्रभावित यातायात को भी बाद में बहाल कर दिया गया।
AAP की ओर से कहा गया है कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा है और SIT को जांच पूरी करने का अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि पूरे मामले के तथ्य सामने आ सकें।
निष्कर्ष: LPU हिंसा के बाद CM Bhagwant Mann ने पुलिस प्रशासन को सख्त कार्रवाई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। कथित यौन उत्पीड़न के आरोप और हिंसा—दोनों मामलों की जांच अलग-अलग पहलुओं से की जा रही है। फिलहाल विश्वविद्यालय में कक्षाएं 10 दिनों के लिए स्थगित हैं और कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
सत्य, न्याय और राष्ट्रहित की निर्भीक आवाज़
Rustam-E-Hind Hindi Daily Newspaper
https://l1nq.com/zvf3zgb
सब्स्क्राइब करें।

