CM Pushkar Singh Dhami ने संभाली रेस्क्यू की कमान, उत्तरकाशी में फंसे ट्रैकर्स का ऑपरेशन तेज
देहरादून/उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में खराब मौसम और भारी बर्फबारी के कारण फंसे ट्रैकर्स और पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से लौटते ही राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा की और अधिकारियों को प्रत्येक फंसे व्यक्ति की सुरक्षित वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार के अनुसार, उत्तराखंड के विभिन्न उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान कुल 179 ट्रैकर्स और माउंटेनियर्स के फंसे होने की जानकारी मिली थी। इनमें 136 लोग उत्तरकाशी और 43 लोग बागेश्वर जिले के पिंडारी क्षेत्र में थे। उत्तरकाशी में सोमवार को 40 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
40 ट्रैकर्स का सफल रेस्क्यू
उत्तरकाशी में सोमवार को रेस्क्यू अभियान के दौरान 29 लोगों को ऑडेन कॉल क्षेत्र से और 11 लोगों को कालिंदी पास क्षेत्र से सुरक्षित निकाला गया। सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के बाद मेडिकल जांच और जरूरी सहायता उपलब्ध कराई गई।
अधिकारियों के मुताबिक ऑडेन कॉल से निकाले गए 29 ट्रैकर्स को हेलीकॉप्टर के जरिए हर्षिल पहुंचाया गया। कालिंदी क्षेत्र से निकाले गए लोगों को भी हर्षिल हेलीपैड लाया गया, जहां मेडिकल टीम ने उनकी जांच की।
खराब मौसम ने रोका हेलीकॉप्टर ऑपरेशन
रेस्क्यू अभियान में मौसम सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। सोमवार को मौसम में कुछ सुधार के बाद हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरी, लेकिन बाद में दृश्यता और मौसम की स्थिति खराब होने के कारण हवाई अभियान रोकना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि मौसम साफ होने पर अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा।
सोमवार को आठ हेलीकॉप्टरों ने कुल 24 उड़ानें भरीं। इनमें 17 उड़ानें ऑडेन कॉल और सात कालिंदी पास क्षेत्र के लिए थीं। प्रशासन ने बताया कि अलग-अलग ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फंसे समूहों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कई इलाकों में अभी भी ट्रैकर्स फंसे
अधिकारियों के मुताबिक उत्तरकाशी में ऑडेन कॉल, कालिंदी पास, माउंट सुदर्शन, माउंट भागीरथी-II, माउंट जोगिन-I, माउंट शिवलिंग और माउंट सतोपंथ जैसे क्षेत्रों में ट्रैकर्स और पर्वतारोहियों की मौजूदगी की जानकारी मिली है। इनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
रेस्क्यू टीमों का प्रभावित समूहों से सैटेलाइट उपकरणों के जरिए संपर्क बना हुआ है। SDRF, पुलिस, वन विभाग, नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग और आपदा प्रबंधन से जुड़े दल संयुक्त रूप से अभियान में जुटे हैं। फंसे लोगों के लिए भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था भी की गई है।
CM धामी ने दिए लापरवाही नहीं करने के निर्देश
CM Pushkar Singh Dhami ने अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने तथा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने को कहा।
मुख्यमंत्री ने हेली एंबुलेंस को स्टैंडबाय रखने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि रेस्क्यू के दौरान किसी व्यक्ति को तत्काल चिकित्सकीय सहायता की जरूरत पड़ने पर उसे उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने को भी कहा।
चारधाम यात्रा की भी समीक्षा
रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और जरूरी सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने चारधाम सहित प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की स्थायी व्यवस्था के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार करने को कहा। सरकार का जोर यात्रा और पर्यटन बढ़ने के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने पर है।
प्रशासन और रेस्क्यू एजेंसियां अलर्ट
रेस्क्यू ऑपरेशन में जिला प्रशासन के साथ SDRF, NDRF, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग और अन्य एजेंसियां समन्वय से काम कर रही हैं। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और मौसम अनुकूल होते ही हवाई बचाव अभियान आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने भी ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है। ऐसे में रेस्क्यू टीमों के लिए मौसम की स्थिति अभियान की गति तय करने वाला प्रमुख कारक बनी हुई है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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