CM Delhi Rekha Gupta: 1 अक्टूबर की दिल्ली की बड़ी खबरें, प्रदूषण से महिला सुरक्षा तक
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से जुड़ी 1 अक्टूबर 2026 की खबरों में प्रदूषण नियंत्रण, महिला सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और शहर की सफाई व्यवस्था प्रमुख मुद्दे हैं। सरकार ने सर्दियों में बढ़ने वाले प्रदूषण से पहले वाहनों के PUC की जांच सख्त करने के साथ-साथ सुरक्षा और शहरी सुविधाओं को तकनीक से जोड़ने पर भी जोर दिया है।
1 अक्टूबर से ‘नो PUC, नो फ्यूल’ व्यवस्था
दिल्ली में 1 अक्टूबर से वैध Pollution Under Control Certificate (PUCC) नहीं होने पर वाहन को ईंधन नहीं देने की व्यवस्था लागू की गई है। दिल्ली के करीब 500 पेट्रोल पंपों पर Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरों के जरिए वाहनों की नंबर प्लेट और PUC की स्थिति जांची जा रही है। यह अभियान सर्दियों के प्रदूषण को नियंत्रित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इससे पहले कहा था कि प्रदूषण नियंत्रण केवल सर्दियों तक सीमित रखने के बजाय सालभर चलने वाली प्रक्रिया होनी चाहिए। सरकार ने वाहन जांच को तकनीक आधारित बनाने के लिए बुराड़ी में पांच लेन वाला Automated Testing Station भी शुरू किया है, जिसकी सालाना क्षमता करीब एक लाख वाहनों की जांच की है।
महिला सुरक्षा पर रेखा गुप्ता का जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के मैत्रेयी कॉलेज में छात्राओं से संवाद के दौरान महिला सुरक्षा को लेकर कहा कि सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल लड़कियों पर नहीं डाली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह बेटियों को सुरक्षा से जुड़े ‘डूज एंड डोंट्स’ बताए जाते हैं, उसी तरह लड़कों को भी व्यवहार, सम्मान और जिम्मेदारी के बारे में समझाना जरूरी है।
उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में 50 हजार CCTV कैमरे और एक लाख स्ट्रीट लाइट लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी और रोशनी की व्यवस्था को मजबूत करना है।
कॉलेजों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
महिला कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ हुई बैठक में भी छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दे सामने आए। इनमें कॉलेजों और मेट्रो स्टेशनों के बीच सुरक्षित कनेक्टिविटी, अंधेरे स्थान, असुरक्षित पार्क, सार्वजनिक परिवहन और कॉलेजों के आसपास निगरानी जैसी समस्याएं शामिल हैं।
बैठक में बस स्टॉप और सार्वजनिक स्थानों पर CCTV लगाने, स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करने, पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सुरक्षा ऑडिट कराने जैसे कदमों पर जोर दिया गया।
ट्रैफिक सिग्नल भी बदलेंगे ट्रैफिक के हिसाब से
दिल्ली में Integrated Traffic Management System (ITMS) को लागू करने की दिशा में भी काम आगे बढ़ रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में कैमरों और तकनीक की मदद से ट्रैफिक के दबाव के अनुसार सिग्नल का रेड और ग्रीन टाइम बदला जा सकेगा।
इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है। शुरुआती चरण में रिंग रोड, आउटर रिंग रोड, राव तुलाराम मार्ग, तीन मूर्ति और सी-हेक्सागन जैसे प्रमुख कॉरिडोर शामिल किए गए हैं। व्यापक योजना में दिल्ली को कुल 42 कॉरिडोर में बांटा गया है।
प्रदूषण से निपटने के लिए विंटर प्लान
दिल्ली सरकार ने सर्दियों के प्रदूषण को देखते हुए पहले से कई कदम तय किए हैं। योजना में 1 अक्टूबर से PUC प्रवर्तन के अलावा आगे चलकर निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर रोक तथा जरूरत के अनुसार सरकारी कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम जैसे उपाय शामिल हैं।
28 सितंबर को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में दिल्ली के प्रदूषण नियंत्रण एक्शन प्लान की समीक्षा भी हुई थी। बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसमें हॉटस्पॉट आधारित कार्रवाई, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और लोगों की भागीदारी पर जोर दिया गया।
सफाई व्यवस्था में मशीनों का इस्तेमाल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 30 सितंबर को सफाई व्यवस्था को मशीन आधारित बनाने के लिए MCD को फंड देने की जानकारी दी। सरकार ने कूड़ा उठाने और सफाई के लिए 1,000 लिटर-पिकिंग मशीनों के लिए फंड उपलब्ध कराने की बात कही है। पहले चरण के बाद जरूरत के अनुसार मशीनों की संख्या बढ़ाने की योजना भी बताई गई।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी सरकार का फोकस
दिल्ली की इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति के तहत भी अक्टूबर की शुरुआत में प्रगति की जानकारी सामने आई है। जुलाई से सितंबर के बीच इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन में पिछली तिमाही की तुलना में करीब 30 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा 382 EV चार्जिंग स्टेशन साइटों को मंजूरी मिली है।
दिल्ली की EV नीति का लक्ष्य 2030 तक शहर के वाहन बेड़े में कम से कम 30 प्रतिशत विद्युतीकरण हासिल करना है। नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के साथ चार्जिंग, वाहन स्क्रैपिंग और बैटरी रीसाइक्लिंग जैसी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया गया है।
दिल्ली सरकार के सामने प्रदूषण और सुरक्षा दो बड़े मुद्दे
1 अक्टूबर को दिल्ली में लागू नई व्यवस्थाओं से साफ है कि सरकार प्रदूषण नियंत्रण के साथ सार्वजनिक सुरक्षा और शहरी प्रबंधन को भी तकनीक आधारित बनाने पर जोर दे रही है। एक तरफ PUC और वाहनों की निगरानी के लिए ANPR कैमरों और ऑटोमेटेड टेस्टिंग का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ CCTV, स्ट्रीट लाइट और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए शहर की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की योजना है।
आने वाले महीनों में इन योजनाओं का वास्तविक असर उनके क्रियान्वयन और निगरानी पर निर्भर करेगा।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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