आमेर किला जीप संचालन फिर शुरू होते ही बवाल, बाजार बंद कर सड़कों पर उतरे लोग
जयपुर के आमेर में आमेर किला जीप संचालन दोबारा शुरू होते ही विवाद फिर गहरा गया। पर्यटकों को आमेर किले तक ले जाने वाली जीपों के दोबारा सड़क पर उतरने के विरोध में स्थानीय लोग बाजार बंद कर सड़कों पर उतर आए। लोगों ने जीप संचालन बंद करने और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की। यह पूरा विवाद करीब एक महीने पहले टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी की हत्या के बाद से चले आ रहे तनाव से जुड़ा है।
जीपें चलने पर स्थानीय लोगों का विरोध
शनिवार के बाद जीपों का संचालन दोबारा शुरू किया गया था। इसके अगले ही दिन आमेर में स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में लोग एकजुट हुए और बाजार बंद कराकर सड़कों पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मनीष सोनी की हत्या के बाद सुरक्षा को लेकर पहले से सवाल खड़े हैं। ऐसे में बिना सुरक्षा संबंधी चिंताओं का समाधान किए जीप संचालन दोबारा शुरू करना उचित नहीं है। स्थानीय लोग कथित अवैध और बिना मंजूरी चल रही जीपों पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
मनीष सोनी की पत्नी ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी की पत्नी पूनम सोनी भी विरोध प्रदर्शन के दौरान अपनी बात रख रही हैं। उनका कहना है कि उनके पति के साथ जो घटना हुई, वैसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने परिवार और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
पूनम सोनी ने जीप संचालन बंद करने की मांग की है। उनका आरोप है कि उन्हें जीप संचालकों की ओर से धमकियां भी मिल रही हैं और इस मामले में पुलिस की कार्रवाई अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
सितंबर में हुई थी मनीष सोनी की हत्या
आमेर में टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी की हत्या 7 सितंबर को हुई थी। पुलिस के अनुसार पर्यटक को ले जाने को लेकर एक जीप चालक और मनीष सोनी के बीच विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद चाकूबाजी हुई, जिसमें मनीष घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 8 सितंबर की सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में आजम नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था। घटना के बाद आमेर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ था और बाजार बंद कर सड़क पर प्रदर्शन किया गया था।
जीप संचालकों के परिवार भी परेशान
दूसरी तरफ जीप संचालकों के परिवारों का कहना है कि हत्या की घटना के बाद एक महीने से ज्यादा समय तक जीपों का संचालन बंद रहा। इससे उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है।
जीप संचालकों का कहना है कि पर्यटन सीजन शुरू होने के समय लंबे समय तक काम बंद रहने से उनके परिवार आर्थिक परेशानी में आ गए हैं। बच्चों की फीस, घर का राशन, बिजली के बिल और अन्य जरूरी खर्च पूरे करना मुश्किल हो रहा है। इसी वजह से जीप चालकों और उनके परिवारों ने भी प्रशासन के सामने संचालन दोबारा शुरू करने की मांग रखी थी।
करीब 40 जीपें चलने का दावा
स्थानीय विरोध से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक दोबारा करीब 40 जीपें संचालन में लाई गईं। इसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध तेज कर दिया। उनका कहना है कि जीप संचालन के लिए नियमों और सुरक्षा व्यवस्था को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
वहीं जीप संचालकों का पक्ष है कि यदि प्रशासन ने संचालन की अनुमति दी है तो उन्हें काम करने दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि लंबे समय तक जीपें बंद रहने से पर्यटन से जुड़े परिवारों की आय प्रभावित हुई है।
प्रशासन के सामने सुरक्षा और रोजगार दोनों की चुनौती
आमेर में मौजूदा विवाद सिर्फ जीप संचालन तक सीमित नहीं है। एक तरफ मनीष सोनी की हत्या के बाद स्थानीय लोगों और उनके परिवार की सुरक्षा का सवाल है, तो दूसरी तरफ जीप संचालकों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है।
मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासन के सामने चुनौती है कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं और जीप संचालकों की आजीविका के बीच ऐसा रास्ता निकाला जाए, जिससे दोनों पक्षों की समस्याओं का समाधान हो सके।
पर्यटन व्यवस्था पर भी असर
आमेर किला जयपुर आने वाले पर्यटकों के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं और पर्यटन से जुड़े कई लोगों की आजीविका निर्भर है। जीप चालक भी इसी पर्यटन व्यवस्था का हिस्सा हैं।
मनीष सोनी की हत्या के बाद आमेर में विरोध प्रदर्शन और जीप संचालन बंद होने से पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ा था। अब संचालन शुरू होने के बाद दोबारा विरोध सामने आने से प्रशासन के सामने स्थिति सामान्य बनाए रखने की चुनौती है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
सत्य, न्याय और राष्ट्रहित की निर्भीक आवाज़
Rustam-E-Hind Hindi Daily Newspaper
https://l1nq.com/zvf3zgb
सब्स्क्राइब करें।


