अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, बोले— 2027 में होगा सफाया; व्यापारियों के साथ खड़ी रहेगी समाजवादी पार्टी
दीप सिंह, लखनऊ मुख्य संवाददाता | दैनिक रुस्तम-ए-हिंद
लखनऊ, 11 अक्टूबर 2026। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर गोमतीनगर स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) पहुंचकर उन्होंने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान अखिलेश यादव ने लोकतांत्रिक मूल्यों, महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का सफाया हो जाएगा और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रही है। उन्होंने छात्रों और नौजवानों के मुद्दों को उठाते हुए सरकार से उनकी समस्याओं का समाधान करने तथा गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने की मांग की।
भाजपा सरकार ने जेपीएनआईसी को बर्बाद किया: अखिलेश यादव
मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, सामाजिक बदलाव और देश में व्यवस्था परिवर्तन के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका और छात्रों-नौजवानों को नेतृत्व देने का योगदान ऐतिहासिक रहा है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जयप्रकाश नारायण के नाम पर बने जेपीएनआईसी की उपेक्षा की है। उनके अनुसार, यह केंद्र स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक संघर्ष और समाजवादी विचारधारा से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है।
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक संस्थानों और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत का सम्मान किया जाना चाहिए। अखिलेश ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जनता जवाब चाहती है।
उन्होंने छात्रों और युवाओं के साथ अन्याय किए जाने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की मांग भी उठाई।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का जिक्र करते हुए दावा किया कि समाजवादी पार्टी के समर्थकों के वोट कटवाने के लिए कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए फॉर्म-7 भरवाए गए।
उन्होंने उपचुनावों में भी कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया और कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से इन शिकायतों पर जवाब देने की मांग करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की बात कही।
ये आरोप अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान लगाए। मतदाता सूची में गड़बड़ी और फर्जी हस्ताक्षरों से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच आवश्यक है।
यूपीआई भुगतान पर एमडीआर चार्ज का विरोध करेगी सपा
महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां अखिलेश यादव ने महाराजा अग्रसेन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
अखिलेश यादव ने महाराजा अग्रसेन की सामाजिक सहयोग की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके राज्य में बसने आने वाले व्यक्ति को एक ईंट और एक सिक्का देने की परंपरा सामूहिक सहयोग और समाजवादी विचारधारा का उदाहरण है।
इस अवसर पर समाजवादी व्यापार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष जगन अग्रवाल और प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल के नेतृत्व में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने अखिलेश यादव से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) चार्ज को लेकर अपनी चिंताएं रखीं।
व्यापारियों ने आशंका जताई कि इस तरह का शुल्क लागू होने से फुटकर दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी कारोबारियों और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। इससे ग्राहकों और दुकानदारों के बीच भुगतान को लेकर विवाद की स्थिति भी बन सकती है।
अखिलेश यादव ने व्यापारियों को समर्थन देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी दुकानदारों और व्यापारियों के साथ खड़ी रहेगी और यूपीआई भुगतान पर एमडीआर चार्ज का विरोध करेगी।
समाजवादी व्यापार सभा ने इस मुद्दे पर 12 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में विरोध-प्रदर्शन करने की घोषणा की। पार्टी का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ छोटे कारोबारियों के आर्थिक हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
लखनऊ में जलभराव को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने लखनऊ में जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों को लेकर भी भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के बीच समन्वय की कमी के कारण जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हुई।
उन्होंने फैजुल्लागंज में जलभराव और गोमती रिवरफ्रंट के आसपास पानी भरने का उल्लेख करते हुए कहा कि नालों, बैराज और जल निकासी व्यवस्था की उचित देखरेख की जानी चाहिए थी।
अखिलेश यादव ने ग्रीन कॉरिडोर के डिजाइन को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि विकास परियोजनाओं की योजना बनाते समय स्थानीय परिस्थितियों, जल निकासी और आम नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शहरों में विकास कार्यों का उद्देश्य लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए। यदि जल निकासी और बुनियादी व्यवस्थाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता, तो बारिश के दौरान आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
अयोध्या और 2027 के विधानसभा चुनाव पर नजर
अयोध्या से जुड़े सवालों पर अखिलेश यादव ने अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी मजबूत प्रदर्शन करेगी और भाजपा को सत्ता से बाहर करने में सफल होगी। उनके अनुसार, प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसानों और व्यापारियों से जुड़े मुद्दे चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
हालांकि, आगामी विधानसभा चुनाव के परिणाम मतदाताओं के रुझान, राजनीतिक दलों के प्रचार और चुनावी परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे। अखिलेश यादव का भाजपा के सफाए का दावा समाजवादी पार्टी की राजनीतिक उम्मीदों और चुनावी रणनीति को दर्शाता है।
व्यापारियों, युवाओं और आम जनता के मुद्दों पर सपा का जोर
अखिलेश यादव के रविवार के कार्यक्रमों में कई मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। जेपीएनआईसी में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों, छात्रों और नौजवानों से जुड़े सवाल उठाए। चुनाव आयोग को लेकर उन्होंने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही की मांग की। वहीं, महाराजा अग्रसेन जयंती के कार्यक्रम में व्यापारियों की समस्याओं और यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित एमडीआर चार्ज का विरोध करने की घोषणा की।
लखनऊ में जलभराव को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने शहरी विकास और प्रशासनिक समन्वय का मुद्दा भी उठाया।
समाजवादी पार्टी इन मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। पार्टी का जोर यह संदेश देने पर है कि वह व्यापारियों, युवाओं और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर उनके साथ खड़ी है।
2027 के चुनाव से पहले तेज हुई सियासी बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है और समाजवादी पार्टी सत्ता में वापसी करेगी।
वहीं, उनके आरोपों पर भाजपा का पक्ष सामने आने और विभिन्न मुद्दों पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने से राजनीतिक बहस के कई पहलुओं को समझने में मदद मिलेगी। फिलहाल, अखिलेश यादव के बयान ने प्रदेश की राजनीति में 2027 के चुनाव, व्यापारियों की समस्याओं, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और शहरी विकास जैसे मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है।
दैनिक रुस्तम-ए-हिंद के लिए दीप सिंह, लखनऊ मुख्य संवाददाता की रिपोर्ट।

