अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, बोले- ‘भाजपा हटेगी तभी संकट दूर होगा’
दीप सिंह, लखनऊ मुख्य संवाददाता, दैनिक रुस्तम-ए-हिंद
लखनऊ, 1 अक्टूबर 2026। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ स्थित सपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित लोकतंत्र रक्षक सेनानी सम्मान समारोह के बाद पत्रकार वार्ता में भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए समाजवादी पार्टी के साथ आने वाले सभी लोगों का स्वागत है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के सत्ता से हटने के बाद ही प्रदेश और देश के सामने मौजूद संकट दूर होगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न वर्गों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि पीडीए और नई पीढ़ी आने वाले समय में भाजपा के खिलाफ निर्णायक भूमिका निभाएंगे। युवाओं के रोजगार और नौकरी से जुड़े मुद्दों को समाजवादी पार्टी के आगामी चुनाव घोषणा पत्र में शामिल करने की बात भी उन्होंने कही।
युवाओं और तकनीक को लेकर अखिलेश यादव का फोकस
अखिलेश यादव ने अपनी पिछली सरकार के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी सरकार के दौरान लैपटॉप वितरण, आईटी सिटी और डायल-100 जैसी योजनाएं शुरू की गई थीं। उन्होंने कहा कि भविष्य में तकनीक को जोड़कर किसान, गरीब और युवाओं के लिए योजनाएं तैयार की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और तकनीक के माध्यम से सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाना समाजवादी पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
विकास और भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा पर लगाए आरोप
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर विकास कार्यों के लिए आवंटित धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का जिक्र करते हुए दावा किया कि करीब 45 किलोमीटर के हिस्से में 74 गड्ढे हैं। उन्होंने सपा सरकार के दौरान बनाए गए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का भी उदाहरण दिया और कहा कि लंबे समय से पर्याप्त मेंटेनेंस के अभाव के बावजूद यह एक्सप्रेस-वे चल रहा है।
बिजली व्यवस्था को लेकर भी अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में बिजली उत्पादन की एक भी नई यूनिट नहीं लगाई गई। ये सभी दावे अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की ओर से किए गए राजनीतिक आरोप हैं।
चुनाव आयोग और उपचुनावों पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया और उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनावों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने रामपुर, मीरापुर, कुन्दरकी, बीकापुर और कटेहरी के उपचुनावों का जिक्र करते हुए चुनाव में धांधली और वोट काटे जाने के आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता जरूरी है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी पहले दिन से ही चुनाव आयोग की नियुक्ति के तरीके का विरोध करती रही है।
हालांकि, चुनाव में धांधली और वोट काटे जाने से संबंधित आरोपों को अखिलेश यादव के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए। इन आरोपों को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के तौर पर प्रस्तुत नहीं किया गया है।
लोकतंत्र रक्षक सेनानियों के लिए कई घोषणाएं
लोकतंत्र रक्षक सेनानी सम्मान समारोह के दौरान अखिलेश यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो पहली कैबिनेट बैठक में लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि को 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये किया जाएगा।
उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के इलाज और दवाओं के लिए सरकारी अस्पतालों में विशेष सुविधा तथा मुफ्त इलाज की व्यवस्था करने की बात कही। इसके अलावा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के समान सम्मान और बस व ट्रेन में मुफ्त यात्रा सहित अन्य सुझावों को पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र में शामिल करने की बात भी कही।
‘जिस काल में पीडीए पर अत्याचार होगा, वह हर काल आपातकाल होगा’
अखिलेश यादव ने पीडीए को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस दौर में पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग पर अत्याचार होगा, उनके अनुसार वह दौर आपातकाल माना जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में भाईचारा और सौहार्द कमजोर किया जा रहा है तथा लोगों की आवाज दबाई जा रही है। इसी संदर्भ में उनका ‘बीजेपी इमरजेंसी’ वाला बयान भी चर्चा में रहा।
अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र रक्षक सेनानियों के अनुभव और सुझावों के आधार पर समाजवादी पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी संदेश
सम्मेलन में मौजूद लोकतंत्र रक्षक सेनानियों ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को समर्थन देने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम में सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव, सांसद अवधेश प्रसाद, राजेंद्र चौधरी, रविदास मेहरोत्रा समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहे।
अखिलेश यादव के बयान ऐसे समय आए हैं जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। समाजवादी पार्टी लगातार पीडीए, युवाओं, रोजगार, संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को अपनी राजनीतिक रणनीति में प्रमुखता दे रही है।
नोट: भाजपा और सरकार पर भ्रष्टाचार, विकास कार्यों में अनियमितता, चुनावी धांधली, वोट काटे जाने और अन्य मुद्दों को लेकर लगाए गए आरोप अखिलेश यादव/समाजवादी पार्टी के दावे हैं। इन आरोपों को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
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