अखिलेश यादव PDA रथ यात्रा: रायबरेली से मिशन-2027 की शुरुआत, लोधी-पासी समीकरण पर फोकस
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार, 24 सितंबर को रायबरेली से PDA रथ यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। इसके लिए विशेष रूप से तैयार किए गए रथ को बछरावां के चुरुआ गांव से रवाना किया जाना है। इसके बाद अखिलेश यादव रायबरेली शहर पहुंचकर जनसभा करेंगे और पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।
रायबरेली से यात्रा की शुरुआत इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह जिला लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और वर्तमान में लोकसभा में राहुल गांधी यहां से सांसद हैं। सपा के इस कार्यक्रम को 2027 के चुनाव से पहले संगठन को सक्रिय करने और PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समूहों के बीच संपर्क बढ़ाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
बछरावां से शुरू होगी PDA रथ यात्रा
अखिलेश यादव लखनऊ से सड़क मार्ग के जरिए रायबरेली पहुंचेंगे। कार्यक्रम के मुताबिक, बछरावां क्षेत्र के चुरुआ गांव से वह विशेष रूप से तैयार किए गए PDA रथ पर सवार होंगे। रथ रायबरेली शहर की ओर जाएगा, जहां जीआईसी मैदान में अखिलेश यादव जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी के आवास पर जाएंगे।
सपा के मुताबिक, इस तरह की यात्राओं के जरिए पार्टी अलग-अलग क्षेत्रों में अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संपर्क बढ़ाएगी। पार्टी ने अभी पूरी यात्रा का विस्तृत रूट सार्वजनिक नहीं किया है।
राहुल लोधी के घर जाएंगे अखिलेश
रायबरेली दौरे में अखिलेश यादव हरचंदपुर के सपा विधायक राहुल लोधी से मुलाकात करेंगे। राहुल लोधी लोधी समुदाय से आते हैं और हाल में रायबरेली में हुए छात्र संगठनों के विवाद के बाद उनका नाम राजनीतिक चर्चा में रहा है।
17 सितंबर को फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज के बाहर समाजवादी छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े सदस्यों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे। राहुल लोधी ने भी पुलिस पर कार्रवाई के दौरान उनके साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी। मामले में प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे।
अखिलेश यादव ने इस घटना के बाद रायबरेली आने और राहुल लोधी के घर जाकर उनसे मुलाकात करने की घोषणा की थी।
पासी समाज के विधायक से भी मुलाकात
रायबरेली में सपा के पास बछरावां, हरचंदपुर और सरेनी विधानसभा सीटों पर विधायक हैं। बछरावां से श्याम सुंदर भारती और हरचंदपुर से राहुल लोधी सपा के विधायक हैं। सरेनी सीट का प्रतिनिधित्व देवेंद्र प्रताप सिंह करते हैं।
श्याम सुंदर भारती पासी समुदाय से आते हैं, जबकि राहुल लोधी ओबीसी समुदाय से जुड़े नेता हैं। ऐसे में रायबरेली से PDA रथ यात्रा की शुरुआत को पार्टी के पिछड़े और दलित सामाजिक समूहों के बीच संपर्क बढ़ाने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
PDA फॉर्मूले पर सपा का फोकस
अखिलेश यादव की राजनीति में PDA फॉर्मूला महत्वपूर्ण रहा है। PDA का अर्थ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक है। रायबरेली कार्यक्रम में भी पार्टी इन्हीं सामाजिक समूहों के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने पर जोर देती दिखाई दे रही है।
सपा नेताओं के मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करना और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना है। वहीं राजनीतिक विश्लेषण में रायबरेली से यात्रा की शुरुआत को सपा के सामाजिक समीकरणों और संगठनात्मक रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।
रायबरेली को ही क्यों चुना?
रायबरेली उत्तर प्रदेश की राजनीति में हाई-प्रोफाइल लोकसभा क्षेत्र है। कांग्रेस के साथ गठबंधन की राजनीति के बीच यहां से PDA रथ यात्रा शुरू करने के फैसले ने राजनीतिक चर्चा को बढ़ाया है।
Aaj Tak की रिपोर्ट के अनुसार, सपा के इस कदम को कांग्रेस के साथ भविष्य में सीट बंटवारे और गठबंधन की राजनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। हालांकि, सीट बंटवारे को लेकर अभी कोई अंतिम समझौता सामने नहीं आया है।
दूसरी ओर, सपा के स्थानीय संगठन के लिहाज से भी रायबरेली महत्वपूर्ण है। जिले की पांच विधानसभा सीटों में से फिलहाल तीन पर सपा के विधायक हैं।
रथ पर अंबेडकर और समाज सुधारकों की तस्वीरें
सपा की ओर से तैयार किए गए PDA रथ को सामाजिक न्याय के संदेश के साथ डिजाइन किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, रथ पर डॉ. भीमराव अंबेडकर और अन्य समाज सुधारकों की तस्वीरें लगाई गई हैं। साथ ही सामाजिक न्याय से जुड़े संदेश भी प्रदर्शित किए गए हैं।
इससे पार्टी की ओर से अपने PDA अभियान को सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व के मुद्दों से जोड़ने की कोशिश स्पष्ट होती है।
छात्र विवाद के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
रायबरेली में 17 सितंबर को हुए छात्र संगठनों के विवाद के बाद सपा और प्रशासन के बीच भी राजनीतिक बयानबाजी हुई थी। सपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि उनके छात्र संगठन के सदस्यों के साथ मारपीट हुई और पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की। वहीं पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई किए जाने की बात कही गई थी। मामले की जांच के लिए प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
इसी घटनाक्रम के बाद अखिलेश यादव ने रायबरेली दौरे का ऐलान किया था। अब PDA रथ यात्रा के जरिए वह पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं से सीधे संवाद करेंगे।
2027 चुनाव की तैयारियों में जुटी सपा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी भी अपने संगठन को सक्रिय करने और विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दे रही है।
अखिलेश यादव की रायबरेली यात्रा इसी क्रम में महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। पार्टी के सामने 2027 के चुनाव में अपने संगठन को मजबूत करने, सामाजिक समीकरणों को साधने और सहयोगी दलों के साथ सीटों को लेकर बातचीत की चुनौती रहेगी।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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