CM भगवंत मान को AAP की PAC में बड़ी जिम्मेदारी, पंजाब की राजनीति में बढ़ी अहमियत
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को आम आदमी पार्टी (AAP) की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) में शामिल किया गया है। पार्टी की यह शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था है। मुख्यमंत्री मान के साथ पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को भी PAC में जगह दी गई है। पार्टी का यह फैसला 10 सितंबर 2026 को सामने आया है और इसे पंजाब नेतृत्व की राष्ट्रीय संगठन में बढ़ती भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है।
भगवंत मान पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। PAC में शामिल किए जाने से अब पार्टी के महत्वपूर्ण राजनीतिक और संगठनात्मक फैसलों में उनकी भूमिका और मजबूत होगी। हरपाल सिंह चीमा को भी कमेटी में शामिल किए जाने से पंजाब सरकार के शीर्ष नेतृत्व को पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के निर्णयों में प्रतिनिधित्व मिला है।
पंजाब नेतृत्व को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी
AAP की PAC पार्टी के प्रमुख राजनीतिक फैसलों पर विचार करने वाली महत्वपूर्ण संस्था है। ऐसे में मुख्यमंत्री भगवंत मान की इसमें एंट्री को पंजाब के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पार्टी की रणनीति, संगठनात्मक फैसलों और चुनावी तैयारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर PAC में चर्चा होती है।
भगवंत मान के साथ हरपाल सिंह चीमा को भी जगह दिए जाने से पंजाब इकाई के नेतृत्व को पार्टी के केंद्रीय निर्णयों में अधिक प्रभाव मिलने के संकेत हैं। यह फैसला ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर गतिविधियां तेज हो रही हैं।
पराली जलाने की समस्या पर भी CM मान का फोकस
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कृषि और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर भी सक्रियता बढ़ाई है। 9 सितंबर को उन्होंने भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के साथ सहयोग की इच्छा जताई। बातचीत में फसल अवशेष प्रबंधन, पराली जलाने की समस्या को कम करने, बागवानी क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल और युवाओं के स्किल डेवलपमेंट जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया।
सरकार का उद्देश्य कृषि अवशेषों के टिकाऊ प्रबंधन के साथ-साथ उद्योग और कृषि क्षेत्र के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने तकनीक और उद्योग जगत की विशेषज्ञता का इस्तेमाल कर पंजाब में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने पर भी जोर दिया।
पंजाब सरकार पर विपक्ष का हमला
इस बीच कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार पर प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निशाना साधा है। कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि पंजाब जैसे संवेदनशील सीमावर्ती राज्य में सरकार का प्रशासनिक प्रदर्शन चिंता का विषय है। उन्होंने राज्य में कथित तौर पर कट्टरपंथी तत्वों की गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस के इन आरोपों के बीच AAP के सामने आगामी चुनाव से पहले सरकार के कामकाज और कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी स्थिति मजबूत रखने की चुनौती है।
बिजली संकट भी बना चुनौती
पंजाब में बिजली की बढ़ती मांग और उत्पादन में कमी का मुद्दा भी सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में बिजली उत्पादन लगभग 6,580 मेगावाट से घटकर 5,680 मेगावाट रह गया है, जबकि बिजली की मांग में 6,000 मेगावाट से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। कोयले की कमी ने भी बिजली उत्पादन पर दबाव बढ़ाया है।
औद्योगिक क्षेत्र के लिए लगाए गए निर्धारित बिजली कट वापस लिए जा चुके हैं, लेकिन घरेलू और ग्रामीण क्षेत्रों में अनियमित बिजली कटौती की शिकायतें सामने आती रही हैं। सरकार के सामने बढ़ती मांग के अनुरूप बिजली उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की चुनौती है।
आज की सबसे बड़ी खबर
मुख्यमंत्री भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को AAP की Political Affairs Committee में शामिल किया जाना पंजाब की राजनीति के लिहाज से आज की प्रमुख खबर है। इस फैसले से पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक फैसलों में पंजाब नेतृत्व की भूमिका बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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