CM धामी 4% आरक्षण: खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में मिलेगा 4% आरक्षण, खेल महाकुंभ में बड़ा ऐलान
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खिलाड़ियों के लिए बड़ा ऐलान किया है। CM धामी 4% आरक्षण की घोषणा के तहत राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही खेल महाकुंभ-2026 के विजेता खिलाड़ियों को करीब 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि DBT के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी।
टनकपुर में खेल महाकुंभ-2026 का शुभारंभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जिले के टनकपुर स्थित स्वर्गीय कैलाश चंद्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेल महाकुंभ-2026 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उत्कृष्ट खिलाड़ी गहना महर को मशाल सौंपकर प्रतियोगिता की शुरुआत की।
इस अवसर पर खिलाड़ियों ने अनुशासन, निष्पक्षता और खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने की शपथ ली। कार्यक्रम में योगासन के साथ उत्तराखंड के पारंपरिक खेल ‘मुर्गा झपट’ का प्रदर्शन भी किया गया।
खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण का ऐलान
खेल महाकुंभ के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में आरक्षण देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा।
सरकार के इस फैसले को खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहन माना जा रहा है। इससे युवाओं को खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने के साथ-साथ भविष्य में रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।
11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि
मुख्यमंत्री ने बताया कि खेल महाकुंभ-2026 में विजेता खिलाड़ियों को करीब 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। यह राशि DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में पहुंचाई जाएगी।
सरकार का मानना है कि पुरस्कार राशि सीधे खाते में मिलने से खिलाड़ियों को उनकी मेहनत का आर्थिक लाभ पारदर्शी तरीके से मिलेगा और खेलों के प्रति युवाओं का उत्साह बढ़ेगा।
गांवों की प्रतिभाओं को मिलेगा मौका
खेल महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के गांवों और दूरदराज के इलाकों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाना है। प्रतियोगिताओं को न्याय पंचायत स्तर से शुरू कर आगे विधानसभा, संसदीय और राज्य स्तर तक ले जाया जा रहा है।
इससे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों एवं युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि संसाधनों या मंच की कमी के कारण कोई प्रतिभाशाली खिलाड़ी आगे बढ़ने से वंचित न रहे।
2017 में हुई थी खेल महाकुंभ की शुरुआत
उत्तराखंड में खेल महाकुंभ की शुरुआत वर्ष 2017 में गांवों में मौजूद खेल प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। अब यह आयोजन अपने 10वें संस्करण तक पहुंच गया है।
पिछले वर्ष खेल महाकुंभ में 2.20 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के प्रतियोगिताओं में शामिल होने की उम्मीद है।
29 खिलाड़ियों को मिल चुकी सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य की नई खेल नीति का जिक्र करते हुए बताया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की गई है।
सरकार के अनुसार अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। वहीं 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
ट्रेनिंग, आवास और मेडिकल सुविधा पर जोर
राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं देने पर भी जोर दे रही है। आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज और क्रीड़ा छात्रावासों में चयनित खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, आवास, भोजन, खेल उपकरण, स्पोर्ट्स किट, शिक्षा और चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान के लिए छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य शुरुआती स्तर से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है।
आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर फोकस
CM धामी ने कहा कि उत्तराखंड में आधुनिक खेल बुनियादी ढांचे को विकसित किया जा रहा है। हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों और शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इसके अलावा खटीमा में आधुनिक खेल सुविधाओं से लैस स्टेडियम विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। ‘एक जनपद-एक खेल’ के माध्यम से अलग-अलग जिलों की खेल प्रतिभाओं और विशिष्ट खेलों को प्रोत्साहित करने पर भी सरकार का जोर है।
कई चरणों में आयोजित होगा खेल महाकुंभ
खेल महाकुंभ-2026 का आयोजन कई चरणों में किया जा रहा है। प्रतियोगिताओं की शुरुआत न्याय पंचायत स्तर से हुई है। इसके बाद विधायक और सांसद चैंपियनशिप के चरण आयोजित किए जाएंगे।
अक्टूबर में राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के मुकाबले होंगे। प्रतियोगिताओं में अलग-अलग आयु वर्ग के खिलाड़ियों के साथ महिला ओपन और दिव्यांगजन वर्ग के प्रतिभागियों को भी मौका दिया जाएगा।
उत्तराखंड को खेलभूमि बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार उत्तराखंड को देश की प्रमुख खेल प्रतिभा की भूमि के रूप में विकसित करना चाहती है। सरकार का फोकस खेलों को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित रखने के बजाय युवाओं के करियर और रोजगार से जोड़ने पर भी है।
CM धामी 4% आरक्षण, पुरस्कार राशि, प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति और आधुनिक खेल सुविधाओं जैसे कदमों के जरिए खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर माहौल देने की कोशिश की जा रही है।
निष्कर्ष
खेल महाकुंभ-2026 के शुभारंभ के साथ उत्तराखंड सरकार ने खिलाड़ियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और विजेताओं को करीब 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि देने का फैसला खिलाड़ियों के लिए बड़ा प्रोत्साहन है। सरकार को उम्मीद है कि इन प्रयासों से उत्तराखंड के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब

