CM Haryana: नायब सैनी ने धान-बाजरा खरीद की समीक्षा की, किसानों के लिए दिए अहम निर्देश
चंडीगढ़: हरियाणा में खरीफ फसलों की सरकारी खरीद को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। चंडीगढ़ में हुई इस बैठक में प्रदेश में बाजरा और धान की खरीद से जुड़ी तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
स्थानीय किसानों को मिले प्राथमिकता
बैठक में बाजरा खरीद की व्यवस्था पर विशेष रूप से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के बाहर से आने वाले बाजरे पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए, ताकि हरियाणा के स्थानीय किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की दिक्कत न हो।
सरकार की ओर से खरीद व्यवस्था को इस तरह संचालित करने पर जोर दिया गया है कि मंडियों में आने वाले स्थानीय किसानों की फसल की खरीद व्यवस्थित तरीके से हो और उन्हें अनावश्यक इंतजार या परेशानी का सामना न करना पड़े।
1 अक्टूबर से खरीद की तैयारी
हरियाणा में खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के तहत धान और बाजरा की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होने की तैयारी है। इससे पहले अलग-अलग जिलों में मंडियों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है।
मंडियों में किसानों के लिए पेयजल, शौचालय, सफाई, बिजली, हेल्प डेस्क और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। खरीद व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के लिए कहा गया है।
मंडियों में खरीद एजेंसियों की जिम्मेदारी तय
प्रदेश में धान खरीद के लिए मंडियों और खरीद केंद्रों के स्तर पर एजेंसियों की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। 25 सितंबर को जारी जानकारी के मुताबिक, प्रदेश की 249 मंडियों और खरीद केंद्रों के लिए खरीद एजेंसियों के दिन निर्धारित किए गए हैं।
इनमें खाद्य विभाग, हैफेड और हरियाणा राज्य भंडारण निगम को अलग-अलग मंडियों में खरीद की जिम्मेदारी दी गई है। इससे किसानों और आढ़तियों को यह जानकारी मिल सकेगी कि संबंधित मंडी में किस दिन कौन सी एजेंसी खरीद करेगी।
किसानों के लिए पंजीकरण भी महत्वपूर्ण
धान और बाजरा समेत खरीफ फसलों की सरकारी खरीद में किसानों के पंजीकरण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल को 21 से 27 सितंबर तक दोबारा खोला गया है, ताकि जिन किसानों का पंजीकरण किसी कारण से बाकी रह गया है, वे अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकें।
सरकार की खरीद व्यवस्था में पंजीकृत किसानों के रिकॉर्ड और फसल से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए किसानों से समय पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई है।
धान खरीद को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश
मुख्यमंत्री ने धान की खरीद की तैयारियों की भी समीक्षा की। बैठक में खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने और मंडियों में पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
हाल के दिनों में मुख्यमंत्री की ओर से अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होने देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले भी उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि खरीद सीजन में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
बाजरा किसानों के लिए क्या है व्यवस्था?
हरियाणा में बाजरा खरीद को लेकर भी मंडी स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। गुरुग्राम के सोहना समेत कई क्षेत्रों में मंडियों में पानी, रोशनी, पंजीकरण केंद्र और अन्य सुविधाओं को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। सोहना मंडी से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में बाजरे की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होनी है।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य खरीद शुरू होने से पहले व्यवस्थाओं को मजबूत करना और किसानों के लिए प्रक्रिया को सुचारु बनाना रहा।
बाहर से आने वाले बाजरे पर निगरानी
बैठक में राज्य के बाहर से आने वाले बाजरे का मुद्दा भी सामने आया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी फसल की आवाजाही पर नियंत्रण रखा जाए, जिससे सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ स्थानीय किसानों को मिल सके।
यह निर्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि खरीद सीजन के दौरान मंडियों में बड़ी मात्रा में फसल पहुंचती है। ऐसे में रिकॉर्ड, पंजीकरण और खरीद प्रक्रिया की निगरानी पर प्रशासन का जोर रहेगा।
किसानों की शिकायतों पर भी रहेगी नजर
सरकार की ओर से खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों की शिकायतों के समाधान पर भी जोर दिया जा रहा है। मंडियों में आवश्यक सुविधाओं और खरीद से जुड़े अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि खरीद प्रक्रिया में किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो। आगामी खरीद सीजन में मंडियों की व्यवस्था, फसल की खरीद और उठान की प्रक्रिया पर प्रशासन की निगरानी रहेगी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, खरीफ सीजन की फसलें तैयार होने के साथ ही किसान अपनी उपज मंडियों में लाने की तैयारी कर रहे हैं। इसी को देखते हुए हरियाणा सरकार ने धान और बाजरा की सरकारी खरीद के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं।
25 सितंबर को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में खरीद व्यवस्था का जायजा लिया गया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। अब 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली खरीद के दौरान इन व्यवस्थाओं के अमल पर नजर रहेगी।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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