CM Omar Abdullah सरकार के आश्वासन से मेडिकल इंटर्न्स की हड़ताल खत्म
Short Headline: CM Omar Abdullah सरकार के आश्वासन से इंटर्न्स की हड़ताल खत्म
Focus Keyword: CM Omar Abdullah
SEO Title: CM Omar Abdullah सरकार के आश्वासन से मेडिकल इंटर्न्स की हड़ताल खत्म
Meta Description: CM Omar Abdullah सरकार के आश्वासन के बाद जम्मू-कश्मीर के मेडिकल इंटर्न्स ने हड़ताल स्थगित कर दी। स्टाइपेंड बढ़ाने और ड्यूटी घंटों पर जल्द फैसला होगा।
Slug: cm-omar-abdullah-medical-interns-strike-stipend-hike
Category: प्रादेशिक
मेडिकल इंटर्न्स की हड़ताल पर सरकार का बड़ा आश्वासन
जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न्स के स्टाइपेंड और काम के घंटों को लेकर चल रहा विरोध फिलहाल खत्म हो गया है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों के MBBS इंटर्न्स ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। सरकार की ओर से एक महीने के भीतर स्टाइपेंड की समीक्षा और बढ़ोतरी का आश्वासन मिलने के बाद इंटर्न्स ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।
यह मामला मुख्यमंत्री CM Omar Abdullah की सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इंटर्न्स लंबे समय से अपनी आर्थिक स्थिति और काम के दबाव को लेकर सवाल उठा रहे थे।
स्टाइपेंड बढ़ाने की थी मुख्य मांग
मेडिकल इंटर्न्स का कहना है कि उन्हें मिलने वाला मासिक स्टाइपेंड उनकी जिम्मेदारियों और काम के घंटों के मुकाबले काफी कम है। रिपोर्टों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न्स करीब 12 हजार रुपये के आसपास मासिक स्टाइपेंड मिलने की बात कह रहे थे और इसे बढ़ाकर करीब 30 हजार रुपये करने की मांग कर रहे थे।
इंटर्न्स ने यह भी सवाल उठाया कि जब वे अस्पतालों में नियमित ड्यूटी करते हैं और मरीजों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, तो उनके मेहनताने में भी उसी हिसाब से सुधार होना चाहिए।
36 घंटे तक की ड्यूटी का मुद्दा
स्टाइपेंड के अलावा मेडिकल इंटर्न्स ने लंबे काम के घंटों का मुद्दा भी उठाया। कुछ रिपोर्टों में इंटर्न्स की ओर से 36 घंटे तक की लगातार ड्यूटी को लेकर नाराजगी जताए जाने की बात सामने आई है।
इंटर्न्स का तर्क है कि लंबे समय तक काम करने से उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और मरीजों की देखभाल पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने काम के घंटों को व्यवस्थित करने की मांग की है।
सरकार ने एक महीने में फैसला लेने का दिया भरोसा
जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने इंटर्न्स को भरोसा दिया कि उनके स्टाइपेंड की समीक्षा की जाएगी और एक महीने के भीतर इसे बढ़ाने पर फैसला लिया जाएगा।
सरकार के इस आश्वासन के बाद इंटर्न्स ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को फिलहाल स्थगित कर दिया है। हालांकि, इंटर्न्स ने साफ किया है कि उनकी मुख्य मांग अभी खत्म नहीं हुई है और वे सरकार के औपचारिक फैसले का इंतजार करेंगे।
कॉलेजों की ओर से जारी किए गए थे नोटिस
विरोध के दौरान कुछ मेडिकल कॉलेजों की ओर से प्रदर्शन कर रहे इंटर्न्स को नोटिस भी जारी किए गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें आंदोलन जारी रखने की स्थिति में इंटर्नशिप रद्द किए जाने जैसी कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
इससे विवाद और बढ़ गया था और मेडिकल छात्रों के बीच नाराजगी तेज हो गई थी।
पूरे जम्मू-कश्मीर में बढ़ा था आंदोलन
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग केवल एक मेडिकल कॉलेज तक सीमित नहीं रही। जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग सरकारी मेडिकल संस्थानों के MBBS और BDS इंटर्न्स भी इस मुद्दे को लेकर विरोध में शामिल हुए थे। कुछ संस्थानों में आंदोलन और ज्यादा तेज हुआ था।
इससे सरकार पर मेडिकल इंटर्न्स की मांगों पर जल्द फैसला लेने का दबाव बढ़ गया।
अब सरकार के सामने एक महीने की समयसीमा
हड़ताल स्थगित होने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती सरकार के सामने तय समयसीमा में फैसला लेने की है। इंटर्न्स को उम्मीद है कि सरकार केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्टाइपेंड बढ़ाने का औपचारिक आदेश भी जारी करेगी।
अगर तय समय में फैसला नहीं हुआ, तो मेडिकल इंटर्न्स दोबारा आंदोलन शुरू करने का रास्ता अपना सकते हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए भी अहम मुद्दा
मेडिकल इंटर्न्स अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और चिकित्सा सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनका लंबे समय तक विरोध या हड़ताल पर रहना अस्पतालों की व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
सरकार के लिए चुनौती यह है कि इंटर्न्स की मांगों का समाधान करते हुए अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं भी सुचारू रखी जाएं।
CM Omar Abdullah सरकार के लिए क्यों अहम है मामला?
CM Omar Abdullah सरकार के सामने यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में काम करने वाले युवाओं की मांग सीधे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी है।
स्टाइपेंड बढ़ने से मेडिकल इंटर्न्स को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं ड्यूटी घंटों को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनने से काम करने की परिस्थितियों में भी सुधार हो सकता है
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
सत्य, न्याय और राष्ट्रहित की निर्भीक आवाज़
Rustam-E-Hind Hindi Daily Newspaper
https://l1nq.com/zvf3zgb
सब्स्क्राइब करें।

