CM पुष्कर धामी का महिलाओं को बड़ा तोहफा, 60 साल की उम्र से रोडवेज बसों में मुफ्त सफर
खटीमा/देहरादून, 28 अगस्त 2026। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की महिलाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि अब 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को राज्य परिवहन निगम की रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए 10 पिंक ई-बसें, महिला स्वरोजगार योजना में रियायती ऋण की सीमा बढ़ाने और सार्वजनिक स्थानों पर हाईटेक टॉयलेट बनाने की भी घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, सुविधा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दे रही है।
60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अभी राज्य में 65 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। अब इस सुविधा का दायरा बढ़ाकर 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
इस फैसले से उत्तराखंड की बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने के लिए किराया नहीं देना पड़ेगा। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं को अपने परिवार, रिश्तेदारों, धार्मिक स्थलों और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
यह घोषणा विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां सार्वजनिक परिवहन रोजमर्रा की आवाजाही का अहम साधन है।
देहरादून में चलेंगी 10 पिंक ई-बसें
मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा को बढ़ावा देने के लिए देहरादून में 10 पिंक ई-बसें चलाने की भी घोषणा की है।
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत उत्तराखंड को मिलने वाली 137 इलेक्ट्रिक बसों में से देहरादून के लिए निर्धारित 100 बसों में 10 बसों को महिलाओं के लिए पिंक ई-बस के तौर पर समर्पित किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है। इन बसों का संचालन चरणबद्ध तरीके से अन्य क्षेत्रों तक बढ़ाने की योजना भी बताई गई है।
महिलाओं के लिए हाईटेक टॉयलेट की सुविधा
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और पर्यटन स्थलों पर आधुनिक हाईटेक टॉयलेट विकसित करने की घोषणा भी की।
इन सुविधाओं में महिलाओं की निजता, सुरक्षा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की बात कही गई है। उत्तराखंड में बड़ी संख्या में पर्यटक और तीर्थयात्री पहुंचते हैं, ऐसे में प्रमुख पर्यटन एवं सार्वजनिक स्थलों पर बेहतर सुविधाओं को महिला यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महिला स्वरोजगार योजना में बढ़ी ऋण सीमा
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा भी बढ़ाने का ऐलान किया।
अब इस योजना के तहत ऋण की सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.50 लाख की जाएगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को छोटे कारोबार, स्वरोजगार और उद्यम शुरू करने के लिए अधिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि महिलाएं केवल रोजगार पाने वाली न बनें, बल्कि भविष्य में रोजगार देने वाली उद्यमी भी बनें।
स्वयं सहायता समूहों को भी बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने पर भी जोर दिया। जानकारी के मुताबिक, स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
सरकार का लक्ष्य महिलाओं को स्थानीय उत्पादों, स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना है।
3.09 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण से जुड़ी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 3 लाख 9 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
सरकार इसे ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रही है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आगे बढ़कर अपनी आय और कारोबार को और विस्तार देने का आह्वान किया।
नंदा गौरा योजना का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने नंदा गौरा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार बेटियों और महिलाओं के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है।
इस योजना के तहत बेटी के जन्म पर ₹11,000 और कक्षा 12वीं पास करने पर ₹51,000 की आर्थिक सहायता का प्रावधान बताया गया है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के माध्यम से मां और नवजात शिशु को जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।
महिला सुरक्षा के लिए 181 हेल्पलाइन
महिलाओं की सुरक्षा के लिए राज्य में 181 महिला हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर भी संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को किसी भी तरह की परेशानी होने पर उन्हें सहायता और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से व्यवस्थाएं की गई हैं।
सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया।
रक्षाबंधन पर CM धामी का महिला सशक्तिकरण संदेश
कार्यक्रम में महिलाओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का त्योहार नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश की प्रत्येक महिला को सम्मान और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम करती रहेगी।
महिलाओं के लिए चार बड़े फैसले
रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री की घोषणाओं को महिला कल्याण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से:
- 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा
- देहरादून में 10 पिंक ई-बसों का संचालन
- महिला स्वरोजगार योजना में ऋण सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.50 लाख
- प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर हाईटेक टॉयलेट का निर्माण
शामिल हैं।
सरकार का फोकस महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर
मुख्यमंत्री धामी की इन घोषणाओं में महिलाओं की यात्रा, सुरक्षा, सुविधा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रमुखता दी गई है। मुफ्त बस यात्रा से बुजुर्ग महिलाओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि पिंक ई-बसें और हाईटेक टॉयलेट महिलाओं के लिए सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कदम हैं।
वहीं, स्वरोजगार योजना में ऋण सीमा बढ़ाने और स्वयं सहायता समूहों को ब्याजमुक्त ऋण देने से महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने या मौजूदा गतिविधियों को विस्तार देने में मदद मिल सकती है।
निष्कर्ष
रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणाओं ने उत्तराखंड में महिला कल्याण और सशक्तिकरण को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा है। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त रोडवेज यात्रा सबसे बड़ी घोषणा है। इसके साथ ही पिंक ई-बसों, हाईटेक टॉयलेट और बढ़ी हुई ऋण सीमा से जुड़ी घोषणाएं भी महिलाओं की सुविधा और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित हैं।
अब इन घोषणाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करना सरकार के लिए महत्वपूर्ण होगा। खास तौर पर मुफ्त बस यात्रा और पिंक ई-बस सेवा का वास्तविक लाभ कितनी जल्दी महिलाओं तक पहुंचता है, इस पर लोगों की नजर रहेगी।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा

