हिमाचल में कैबिनेट विस्तार की हलचल तेज, CM सुक्खू के दिल्ली दौरे के बाद बड़े फेरबदल के संकेत
शिमला। हिमाचल प्रदेश की सियासत में कैबिनेट विस्तार और संभावित बड़े फेरबदल को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दिल्ली दौरे और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठकों के बाद मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, हिमाचल सरकार में इसी महीने के अंत तक कैबिनेट विस्तार किए जाने की संभावना है। साथ ही कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव और नए चेहरों को सरकार में शामिल किए जाने पर भी मंथन चल रहा है।
मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ हिमाचल सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी दिल्ली में मौजूद रहे। छह मंत्रियों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और हिमाचल प्रभारी रजनी पाटिल से मुलाकात की। इन बैठकों में मंत्रियों से सरकार के करीब चार साल के कामकाज, उनके विभागों की स्थिति और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर फीडबैक लिया गया।
2027 चुनाव से पहले नए चेहरों पर जोर
हिमाचल प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान सरकार और संगठन में बदलाव के जरिए चुनावी तैयारी को मजबूत करना चाहता है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, संभावित फेरबदल में युवा चेहरों को मौका देने और जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, मंत्रिमंडल में कम से कम दो वरिष्ठ सदस्यों को हटाए जाने की संभावना पर भी चर्चा चल रही है। हालांकि अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान करेगा और अभी किसी मंत्री को हटाने या नए मंत्री के नाम पर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
लंबे समय से खाली है एक मंत्री पद
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल में एक कैबिनेट मंत्री का पद लंबे समय से खाली है। इस पद को भरने के लिए कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर और पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल के नाम चर्चा में हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू सुंदर ठाकुर के नाम के समर्थन में बताए जा रहे हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की पसंद आशीष बुटेल बताए जा रहे हैं। इस वजह से अंतिम निर्णय को लेकर कांग्रेस हाईकमान के सामने राजनीतिक और क्षेत्रीय संतुलन की चुनौती बनी हुई है।
इससे पहले मुख्यमंत्री सुक्खू की ओर से सुंदर सिंह ठाकुर को कैबिनेट में शामिल करने की चर्चा सामने आती रही है। हालांकि अभी तक औपचारिक नियुक्ति नहीं हुई है। क्षेत्रीय और राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है।
विभागों में भी हो सकता है फेरबदल
संभावित कैबिनेट विस्तार के साथ मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू सरकार के कामकाज की समीक्षा के आधार पर कुछ विभागों की जिम्मेदारियों में फेरबदल करना चाहते हैं। माना जा रहा है कि 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार में बेहतर प्रदर्शन और राजनीतिक प्रभाव वाले चेहरों को अधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
कांग्रेस नेतृत्व ने दिल्ली में पहुंचे मंत्रियों से उनके विभागों की उपलब्धियों और सरकार के प्रदर्शन को लेकर फीडबैक लिया है। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी चुनाव से पहले सरकार की कार्यप्रणाली में जरूरी बदलाव करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
CM सुक्खू का केंद्र से आर्थिक और विकास संबंधी मुद्दों पर भी फोकस
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दिल्ली दौरे का एजेंडा केवल पार्टी संगठन तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ हिमाचल से जुड़े वित्तीय, पर्यावरण और विकास संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता, आपदा राहत और अन्य लंबित मामलों को केंद्र के सामने रखने की कोशिश की गई।
सुक्खू ने केंद्रीय बिजली मंत्री से मुलाकात कर हिमाचल से जुड़े कुछ जलविद्युत परियोजनाओं को राज्य को हस्तांतरित करने की मांग भी रखी। मुख्यमंत्री का कहना है कि जलविद्युत राज्य की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है तथा परियोजनाओं पर राज्य का नियंत्रण बढ़ने से राजस्व और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। केंद्र की ओर से प्रस्तावों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया है।
विधानसभा में सरकार को विपक्ष का सामना
इसी बीच हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में भी सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा पेश हिमाचल प्रदेश स्टेट यूनिवर्सिटीज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 को विधानसभा ने पारित किया। बीजेपी विधायकों ने इसका विरोध करते हुए विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाए। सरकार ने कहा कि प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य वित्तीय निगरानी मजबूत करना है, न कि विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक स्वायत्तता में हस्तक्षेप करना।
अब हाईकमान के फैसले पर नजर
मुख्यमंत्री सुक्खू के दिल्ली दौरे और छह मंत्रियों की कांग्रेस हाईकमान के साथ बैठक के बाद हिमाचल में कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि नए मंत्री कौन होंगे और किन मंत्रियों के विभाग बदले जाएंगे, इस पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।
कांग्रेस के सामने एक तरफ क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सरकार में नई ऊर्जा लाने की जरूरत है। ऐसे में आने वाले दिनों में हिमाचल की सुक्खू सरकार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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