CM योगी का सपा पर बड़ा हमला, बोले- दंगे और कर्फ्यू रही पहचान, JPNIC को बताया भ्रष्टाचार का स्मारक
CM योगी का सपा पर बड़ा हमला, बोले- दंगे और कर्फ्यू रही पहचान, JPNIC को बताया भ्रष्टाचार का स्मारक
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने सपा के शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उस दौर में दंगे और कर्फ्यू प्रदेश की पहचान बन गए थे। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने और प्रदेश में सुरक्षित माहौल कायम करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान लखनऊ में हो रहे विकास कार्यों, पर्यावरण संरक्षण, गोमती नदी की सफाई और रक्षा क्षेत्र में शहर की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर यानी JPNIC को लेकर भी पिछली सपा सरकार पर निशाना साधा और इसे कथित भ्रष्टाचार से जोड़कर सवाल उठाए।
CM योगी ने सपा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठते थे। उनके मुताबिक, उस समय दंगे और कर्फ्यू आम बात हुआ करते थे।
CM योगी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने अपराध और अराजकता के खिलाफ सख्त नीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज हो रही हैं। बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच कई मुद्दों पर लगातार राजनीतिक बयानबाजी हो रही है।
JPNIC को लेकर भी सपा पर हमला
मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) का मुद्दा उठाते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान इस परियोजना में सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
CM योगी ने JPNIC को कथित भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए कहा कि सार्वजनिक धन का इस्तेमाल जनता के हित में होना चाहिए। उन्होंने पिछली सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
JPNIC को लेकर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच लंबे समय से राजनीतिक विवाद रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी कई बार इस परियोजना को लेकर बीजेपी सरकार पर सवाल उठा चुके हैं।
लखनऊ के विकास कार्यों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजधानी में आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को भी संरक्षित किया जा रहा है।
उन्होंने स्मार्ट रोड, आउटर रिंग रोड और CM Grid Scheme के तहत किए जा रहे सड़क विकास कार्यों का जिक्र किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन परियोजनाओं का उद्देश्य लखनऊ में यातायात व्यवस्था और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
उन्होंने कहा कि लखनऊ तेजी से आधुनिक शहर के रूप में विकसित हो रहा है। शहर की पारंपरिक पहचान के साथ आधुनिक सुविधाओं को जोड़ने पर सरकार का विशेष जोर है।
रक्षा क्षेत्र में भी बढ़ रही लखनऊ की भूमिका
CM योगी ने लखनऊ की रक्षा क्षेत्र में बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजधानी में रक्षा तकनीक और इससे जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, रक्षा क्षेत्र में निवेश और तकनीकी विकास से लखनऊ के साथ-साथ पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को फायदा हो सकता है। इससे युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
गोमती नदी की सफाई को लेकर बड़ा दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती नदी की सफाई को लेकर भी सरकार की योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2026 के अंत तक गोमती नदी को पूरी तरह साफ करने का है।
उन्होंने बताया कि गोमती नदी की स्वच्छता, प्रदूषण कम करने और उसके निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग स्तरों पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सेना के सेंट्रल कमांड की ओर से गोमती की सफाई से जुड़े प्रयासों में सहयोग किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि गोमती की सफाई से लखनऊ के पर्यावरण और शहर की सुंदरता में सुधार होगा।
ठोस कचरा प्रबंधन में AI तकनीक पर जोर
लखनऊ में बढ़ती आबादी के साथ कचरा प्रबंधन भी एक बड़ी चुनौती है। सरकार की ओर से इस समस्या से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए AI आधारित तकनीक और आधुनिक व्यवस्थाओं को अपनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य कचरे के संग्रहण, परिवहन और निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
सरकार विकास परियोजनाओं को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है।
चिकनकारी और विरासत का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने लखनऊ की पहचान से जुड़े पारंपरिक उद्योग और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने लखनऊ की प्रसिद्ध चिकनकारी को शहर की वैश्विक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
सरकार का प्रयास है कि आधुनिक विकास के साथ शहर की पारंपरिक कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को भी संरक्षित किया जाए। इससे पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
₹101 करोड़ की परियोजनाओं की आधारशिला
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में लखनऊ से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
इन परियोजनाओं में लखनऊ कैंट को आधुनिक और मॉडल कैंटोनमेंट के रूप में विकसित करने से जुड़े काम भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब ₹101 करोड़ की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
इन योजनाओं के तहत आधुनिक सुविधाओं, बेहतर बुनियादी ढांचे और कचरा प्रबंधन से संबंधित कार्यों पर जोर दिया जाएगा।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी संदेश
CM योगी का समाजवादी पार्टी पर यह हमला राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं।
बीजेपी लगातार अपनी सरकार के विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था को उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है। वहीं समाजवादी पार्टी सरकार पर अलग-अलग मुद्दों को लेकर सवाल उठाती रही है।
ऐसे में कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, विकास और पिछली सरकारों के रिकॉर्ड को लेकर बीजेपी और सपा के बीच आने वाले समय में राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।
योगी सरकार की प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री के संबोधन से सरकार की कई प्राथमिकताएं सामने आईं। इनमें प्रमुख रूप से:
- कानून-व्यवस्था को मजबूत करना
- अपराध और अराजकता पर नियंत्रण
- भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई
- लखनऊ में आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास
- गोमती नदी की सफाई
- ठोस कचरा प्रबंधन को आधुनिक बनाना
- रक्षा क्षेत्र में निवेश और तकनीक को बढ़ावा देना
- लखनऊ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
- युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर बढ़ाना
शामिल हैं।
सपा और बीजेपी के बीच बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव
CM योगी के ताजा बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीजेपी और सपा के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने जहां पिछली सपा सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाए, वहीं समाजवादी पार्टी इन आरोपों का राजनीतिक जवाब दे सकती है।
2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए दोनों प्रमुख दल कानून-व्यवस्था, विकास, रोजगार, भ्रष्टाचार और सामाजिक मुद्दों को लेकर जनता के बीच अपनी-अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए उसके शासनकाल को दंगे और कर्फ्यू से जोड़कर निशाना साधा। उन्होंने JPNIC को लेकर भी पिछली सपा सरकार पर कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
इसके साथ ही CM योगी ने लखनऊ के विकास, रक्षा क्षेत्र में बढ़ती भूमिका, आधुनिक कचरा प्रबंधन और गोमती नदी को 2026 के अंत तक साफ करने के लक्ष्य का उल्लेख किया।
अब मुख्यमंत्री के इस बयान पर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया का इंतजार है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में विकास और कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पिछली और मौजूदा सरकारों के कामकाज को लेकर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली

