देवदत्त पडिक्कल का दलीप ट्रॉफी फाइनल में जलवा, 62 रन ठोककर भी बड़े स्कोर से चूके
चेन्नई: देवदत्त पडिक्कल इन दिनों शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार दो शतक लगाने के बाद अब दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में भी पडिक्कल के बल्ले का दम देखने को मिला। साउथ जोन की ओर से खेलते हुए उन्होंने 62 रनों की शानदार पारी खेली। हालांकि, वह अपनी पारी को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके।
104 गेंदों पर बनाए 62 रन
दलीप ट्रॉफी फाइनल में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे देवदत्त पडिक्कल ने संभलकर बल्लेबाजी की। उन्होंने 104 गेंदों का सामना करते हुए 62 रन बनाए। उनकी पारी में चार शानदार चौके शामिल रहे। पडिक्कल क्रीज पर काफी सहज नजर आ रहे थे और ऐसा लग रहा था कि वह एक बड़ी पारी खेलेंगे।
पडिक्कल ने शुरुआती झटकों के बाद साउथ जोन की पारी को संभालने की कोशिश की। उनकी बल्लेबाजी में धैर्य और नियंत्रण दोनों देखने को मिले।
36वें ओवर में टूटा बड़ा स्कोर बनाने का सपना
पडिक्कल 62 रन बनाकर 36वें ओवर में आउट हुए। उन्हें ईस्ट जोन के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने आउट किया। पडिक्कल ने गेंद को स्क्वायर लेग की दिशा में खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद हवा में चली गई और सब्स्टीट्यूट फील्डर डेनिश दास ने कैच पकड़ लिया।
आउट होने के बाद पडिक्कल काफी निराश नजर आए, क्योंकि वह अच्छी लय में थे और उनके पास बड़ी पारी खेलने का मौका था।
श्रीलंका के खिलाफ भी दिखाया था दम
दलीप ट्रॉफी फाइनल से पहले पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने सीरीज में दो शतक लगाए और अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया। यही वजह है कि घरेलू क्रिकेट में भी उनके बल्ले से एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही थी।
पडिक्कल का यह प्रदर्शन दिखाता है कि वह रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार अच्छी लय हासिल कर रहे हैं। श्रीलंका के बाद दलीप ट्रॉफी जैसे महत्वपूर्ण घरेलू मुकाबले में भी उनका अर्धशतक उनके मौजूदा फॉर्म को दर्शाता है।
ईशान किशन ने लूटी पूरी महफिल
हालांकि पडिक्कल ने साउथ जोन के लिए अर्धशतक लगाया, लेकिन दलीप ट्रॉफी फाइनल में सबसे ज्यादा चर्चा ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन की बल्लेबाजी की रही।
ईशान किशन ने फाइनल में शानदार 270 रनों की विशाल पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 30 चौके और सात छक्के लगाए। उनकी इस पारी की बदौलत ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
ईशान की पारी ने साउथ जोन के गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। उनके साथ कुमार कुशाग्र ने भी 101 रनों की पारी खेलकर ईस्ट जोन के स्कोर को और मजबूत किया।
साउथ जोन के सामने बड़ी चुनौती
ईस्ट जोन के 708 रन के जवाब में साउथ जोन को शुरुआत में ही झटके लगे। रिकी भुई सिर्फ एक रन बनाकर आउट हुए, जबकि नारायण जगदीशन 32 रन बनाकर पवेलियन लौटे। ऐसे समय में पडिक्कल ने पारी को संभालने की जिम्मेदारी उठाई और 62 रन बनाकर टीम को कुछ राहत दी।
हालांकि पडिक्कल के आउट होने के बाद साउथ जोन के लिए मुश्किलें बढ़ गईं। ईस्ट जोन के गेंदबाज लगातार दबाव बनाए हुए हैं और मैच में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
टीम इंडिया के लिए भी अहम प्रदर्शन
देवदत्त पडिक्कल का लगातार रन बनाना भारतीय क्रिकेट के लिए भी अच्छी खबर है। टेस्ट क्रिकेट में जगह बनाने के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रेड-बॉल क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन काफी महत्वपूर्ण है।
श्रीलंका में शतक और अब दलीप ट्रॉफी फाइनल में अर्धशतक—पडिक्कल ने लगातार दो बड़े मौकों पर अपनी बल्लेबाजी की क्षमता दिखाई है। हालांकि 62 रन पर आउट होने के कारण वह इस पारी को शतक में नहीं बदल सके, लेकिन उनकी बल्लेबाजी ने एक बार फिर उनका ध्यान अपनी ओर खींचा है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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