बांकुड़ा CJP हत्याकांड: पिता की मौत पर प्रदर्शन, तीन मांगों को लेकर डीएम ऑफिस पहुंची पार्टी
बांकुड़ा: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक कार्यकर्ता के पिता की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। 13 अगस्त को हुई घटना के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर CJP कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालय की ओर मार्च किया। पुलिस ने कार्यालय के पास बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिसके बाद कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला बांकुड़ा के इंडास इलाके का है। CJP समर्थक शेख अब्दुल हफीज उर्फ रिक के घर पर 13 अगस्त की रात कथित तौर पर कुछ लोगों ने हमला किया था। इस दौरान उनके पिता शेख मोहम्मद मफीक घायल हुए थे। बाद में उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद उनकी पत्नी हसीना बेगम की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और कई लोगों को गिरफ्तार किया। 16 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था।
हालांकि, बाद में इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे सामने आए। पश्चिम बंगाल पुलिस ने 17 अगस्त को सोशल मीडिया पर फैल रही कुछ जानकारियों को भ्रामक बताया और कहा कि मामले की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, मफीक को 13 अगस्त की रात मामूली चोट लगी थी और 15 अगस्त को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसी रात उनकी मौत हो गई।
CJP ने निकाला मार्च
अब CJP ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय की ओर बढ़े।
कार्यालय के पास पहुंचते ही पुलिस ने बैरिकेड लगाकर जुलूस को रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। पार्टी ने कहा कि जब तक उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
CJP की तीन प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान पार्टी ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं।
पहली मांग: मामले के मुख्य आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी सजा मिले।
दूसरी मांग: मृतक शेख मोहम्मद मफीक की याद में इलाके में एक प्राथमिक स्कूल बनाया जाए।
तीसरी मांग: मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। CJP ने जांच के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक समिति बनाने की मांग की है, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
पार्टी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन में शामिल CJP नेताओं ने पुलिस और प्रशासन पर भी आरोप लगाए। उनका दावा है कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आने वाले कई कार्यकर्ताओं को अलग-अलग तरीकों से रोका गया।
पार्टी प्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने के लिए उनके घरों को गिराने की धमकी दी गई। इन आरोपों पर प्रशासन की ओर से इस रिपोर्ट में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पुलिस के मुताबिक 8 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। 18 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, FIR के आधार पर आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें पुलिस हिरासत में भेजा गया था। पुलिस ने यह भी बताया था कि दो आरोपी फरार थे और उनकी तलाश की जा रही थी।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया था कि सोशल मीडिया पर मफीक की मौत को लेकर फैलाए जा रहे कुछ दावे सही नहीं हैं। इसलिए मामले की जांच के निष्कर्ष आने तक घटना और मौत के कारण को लेकर सामने आ रहे सभी दावों को जांच के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
BJP कनेक्शन पर भी हुआ विवाद
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। CJP की ओर से आरोप लगाया गया कि घटना के पीछे बीजेपी समर्थित लोगों का हाथ था। हालांकि, बीजेपी की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि इस मामले से बीजेपी का कोई संबंध नहीं है और अगर कोई अपराधी है तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी।
इस तरह मामले में एक तरफ CJP राजनीतिक साजिश और आरोपियों की गिरफ्तारी का आरोप लगा रही है, वहीं पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही कुछ सूचनाओं को भ्रामक बताते हुए अपनी जांच जारी रखने की बात कही है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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