धार के सरकारी स्कूल में टॉयलेट में पढ़ रहे 22 बच्चे, जर्जर भवन के चलते सामने आई शिक्षा व्यवस्था की बदहाली
धार: मध्य प्रदेश के धार जिले से सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। कुक्षी विधानसभा क्षेत्र के टाणा गांव स्थित सरकारी प्राथमिक स्कूल में बच्चों के पढ़ने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित जगह उपलब्ध नहीं होने का मामला सामने आया है। यहां करीब 22 बच्चों के टॉयलेट में बैठकर पढ़ने की तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि स्कूल का पुराना भवन काफी जर्जर हालत में है। भवन की स्थिति ऐसी है कि उसकी छत कभी भी गिर सकती है। इसी वजह से बच्चों को वहां बैठाना सुरक्षित नहीं माना जा रहा। स्कूल के लिए वैकल्पिक भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई के लिए दूसरी जगह का इस्तेमाल किया जा रहा है।
वायरल तस्वीर के बाद अधिकारी पहुंचे मौके पर
बच्चों के टॉयलेट में पढ़ाई करने की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) हीरालाल निगवाल और बीआरसी विजय कुमार शुक्ला ने स्कूल का निरीक्षण किया और मौके की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने मामले में पंचनामा भी तैयार किया।
अधिकारियों की जांच के दौरान स्कूल में बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों से भी जानकारी ली गई कि आखिर बच्चों को ऐसी जगह पर बैठाकर पढ़ाने की नौबत क्यों आई।
गांव में स्कूल भवन की समस्या
ग्रामीण राधेश्याम मुजाल्दा ने बताया कि गांव में स्कूल के लिए उचित भवन उपलब्ध नहीं है। इसके चलते बच्चों को बैठाने के लिए जगह की समस्या बनी रहती है। उनका कहना है कि स्कूल भवन की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
स्थानीय स्तर पर स्कूल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की जरूरत बताई जा रही है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में पढ़ाई का अवसर मिल सके।
बीईओ ने बताई अलग वजह
मामले को लेकर बीईओ हीरालाल निगवाल ने बताया कि बालिका शौचालय में बच्चों को बैठाकर पढ़ाए जाने का वीडियो सामने आया था। उन्होंने बताया कि गांव में करीब दो साल पहले अधिकार संबंधी प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद स्कूल भवन की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
बीईओ के मुताबिक, स्कूल के संस्था प्रमुख और वहां पढ़ाने वाले शिक्षक ने घटना के दिन की स्थिति के बारे में बताया कि धूप काफी तेज थी और मंदिर वाले स्थान पर धूप आ रही थी। इसी वजह से कुछ बच्चों को वहां से हटाकर दूसरी जगह बैठाया गया था।
बच्चों से भी की गई पूछताछ
मामले की जांच के दौरान अधिकारियों ने बच्चों से भी बातचीत की। बीआरसी के अनुसार, बच्चों ने बताया कि एक जीप में दो व्यक्ति आए थे। बच्चों के मुताबिक, इन लोगों ने उन्हें शौचालय में बैठने के लिए कहा था।
वायरल तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद अब शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। अधिकारियों के निरीक्षण के बाद स्कूल की वास्तविक स्थिति और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को लेकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
सुरक्षित स्कूल भवन की जरूरत
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित भवन, स्वच्छ वातावरण और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना शिक्षा व्यवस्था की अहम जिम्मेदारी है। धार के टाणा गांव में सामने आया यह मामला स्कूल भवनों की स्थिति और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को लेकर सवाल खड़े करता है।
अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग की ओर से इस स्कूल के लिए स्थायी भवन या सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था कब तक की जाती है, ताकि बच्चों को टॉयलेट या किसी अन्य असुरक्षित स्थान पर बैठकर पढ़ने की स्थिति का सामना न करना पड़े।
रिपोर्टर; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक
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