पाकिस्तान में इमरान खान के बेटे कासिम का फूटा गुस्सा, खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी पर सरकार को घेरा
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार को निलंबित किए जाने के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने 11 अक्टूबर 2026 को प्रांत में इमरजेंसी और राज्यपाल शासन लागू करने की मंजूरी दी थी। इस फैसले पर इमरान खान के बेटे कासिम खान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान सरकार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर पर निशाना साधा है।
कासिम खान ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि पाकिस्तान में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू करने के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि प्रांत के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
कासिम खान ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कासिम खान ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सत्ता में बैठे लोग अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए लोकतांत्रिक जनादेश को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने सेना प्रमुख आसिम मुनीर पर भी निशाना साधा और कहा कि आतंकवाद का हवाला देकर पश्तून बहुल इलाकों में सैन्य कार्रवाई को उचित ठहराने की कोशिश की जा रही है।
कासिम ने खैबर पख्तूनख्वा में चुनी हुई सरकार की शक्तियां वापस बहाल करने की मांग की। उन्होंने अपने पिता इमरान खान, हिरासत में लिए गए परिवार के सदस्यों, PTI नेताओं और अन्य राजनीतिक कैदियों की रिहाई की भी अपील की।
उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने की मांग करते हुए कहा कि पाकिस्तान उसके लोगों का है, सेना का नहीं।
11 अक्टूबर को लागू हुई इमरजेंसी
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता वाली संघीय कैबिनेट की सिफारिशों को मंजूरी देते हुए खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी और राज्यपाल शासन लागू किया। इस फैसले के बाद इमरान खान की पार्टी PTI के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार की शक्तियां समाप्त कर दी गईं।
पाकिस्तान सरकार ने इस कदम के पीछे बिगड़ती कानून-व्यवस्था और आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी को वजह बताया है। सरकार का आरोप है कि प्रांतीय प्रशासन आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में पर्याप्त सहयोग नहीं कर रहा था।
पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार के मुताबिक, राज्यपाल शासन शुरुआती तौर पर छह महीने के लिए लागू किया गया है। इस दौरान राज्यपाल सलाहकार परिषद की मदद से प्रांत का प्रशासन संभालेंगे।
PTI ने फैसले को बताया राजनीतिक कार्रवाई
इमरान खान की पार्टी PTI ने इमरजेंसी लागू करने के फैसले का विरोध किया है। पार्टी का आरोप है कि संघीय सरकार राजनीतिक कारणों से प्रांतीय सरकार को सत्ता से हटाना चाहती है।
PTI ने यह भी दावा किया है कि खैबर पख्तूनख्वा में तेल, गैस और अन्य खनिज संसाधनों पर नियंत्रण हासिल करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। पार्टी के मुताबिक, प्रांत की निर्वाचित सरकार इन संसाधनों को लेकर कुछ फैसलों में बाधा बन रही थी।
हालांकि, ये आरोप PTI की ओर से लगाए गए हैं। पाकिस्तान सरकार ने इन दावों को फैसले का आधिकारिक कारण नहीं बताया है और इमरजेंसी को सुरक्षा स्थिति से जोड़कर उचित ठहराया है।
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 5 अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। वह रावलपिंडी के पास अदियाला जेल में हैं।
इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से उनकी पार्टी और संघीय सरकार के बीच लगातार टकराव देखने को मिला है। PTI उनके समर्थकों और नेताओं की रिहाई के साथ इमरान खान की रिहाई की मांग करती रही है।
हालिया घटनाक्रम के बीच PTI समर्थकों ने इस्लामाबाद की ओर मार्च करने की तैयारी की थी। पार्टी के मुताबिक, इस मार्च का उद्देश्य इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर दबाव बनाना था। इसी दौरान कई PTI नेताओं और समर्थकों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं।
जावेद हाशमी ने भी उठाए सवाल
पाकिस्तान के वरिष्ठ नेता जावेद हाशमी ने भी खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू करने के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का हवाला देकर राजनीतिक और रणनीतिक हित साधने की कोशिश की जा रही है।
हाशमी ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र के खनिज संसाधनों और चीन-अमेरिका के हितों को लेकर इस फैसले के पीछे व्यापक रणनीति हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकार क्षेत्र में चीन के प्रभाव को कम करके अमेरिका की भूमिका बढ़ाना चाहती है।
हालांकि, चीन और अमेरिका से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान सरकार की ओर से इमरजेंसी लागू करने की आधिकारिक वजह कानून-व्यवस्था और आतंकवाद से निपटने में प्रांतीय प्रशासन के कथित असहयोग को बताया गया है।
पाकिस्तान में बढ़ा राजनीतिक और संवैधानिक तनाव
खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू होने से पाकिस्तान की संघीय सरकार और PTI के बीच टकराव और गहरा गया है। एक तरफ सरकार सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस कदम को जरूरी बता रही है, वहीं PTI इसे निर्वाचित सरकार के अधिकारों पर हमला मान रही है।
अब इस मामले में कानूनी चुनौतियों और राजनीतिक विरोध पर नजर रहेगी। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि इमरजेंसी और राज्यपाल शासन को लेकर अदालतों का क्या रुख रहता है और प्रांत में राजनीतिक स्थिति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

