कानपुर में सरकारी जमीन पर बने कब्रिस्तान पर KDA का बुलडोजर, हाई कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद कार्रवाई
कानपुर में सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण कर बनाए गए कब्रिस्तान के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने कार्रवाई की है। शनिवार सुबह KDA की टीम बुलडोजर लेकर बरी गांव पहुंची और कथित अतिक्रमण वाले हिस्से में बने निर्माण और बाउंड्री वॉल को ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल, पीएसी और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती रही।
500 वर्गमीटर सरकारी जमीन से जुड़ा मामला
यह मामला कानपुर के बरी गांव की आराजी संख्या 314 से जुड़ा है। KDA के अधिकारियों के मुताबिक, करीब 500 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर बाउंड्री वॉल बनाकर उसके भीतर कमरे और अन्य निर्माण किए गए थे। प्राधिकरण का दावा है कि यह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में उसके स्वामित्व वाली है और इस पर कथित रूप से अतिक्रमण किया गया था।
KDA के अनुसार, संबंधित मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी के प्रबंधक को नोटिस जारी कर जमीन और निर्माण के संबंध में जवाब मांगा गया था। प्राधिकरण का कहना है कि संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने और खुद अतिक्रमण हटाने का अवसर भी दिया गया था।
हाई कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद कार्रवाई
KDA अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई के खिलाफ संबंधित पक्ष ने हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन याचिका खारिज हो गई। इसके बाद भी अतिक्रमण हटाने के लिए समय दिया गया। जब कथित निर्माण खुद नहीं हटाया गया तो KDA ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
प्राधिकरण ने कार्रवाई के लिए पहले ही पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के साथ पीएसी और महिला पुलिस बल तैनात किया गया।
KDA ने कहा- कब्रों को नहीं हटाया गया
KDA का कहना है कि बुलडोजर कार्रवाई कथित अतिक्रमण वाले हिस्से में बने निर्माण और बाउंड्री वॉल तक सीमित रही। प्राधिकरण के मुताबिक, कब्रिस्तान के तौर पर दर्ज जमीन के हिस्से और कब्रों को हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
KDA के अनुसार, सरकारी जमीन पर लंबे समय से कथित कब्जा था और वहां बाउंड्री वॉल के साथ कुछ निर्माण भी किए गए थे। इन्हीं संरचनाओं को हटाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की गई।
मुस्लिम पक्ष ने जताया विरोध
कार्रवाई के बाद मुस्लिम पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना है कि यहां लंबे समय से कब्रिस्तान मौजूद है और लोगों को दफनाया जाता रहा है। मुस्लिम पक्ष ने कार्रवाई को लेकर आपत्ति जताते हुए मामले में दोबारा अदालत का रुख करने की बात कही है।
रिपोर्टर; चरणप्रीत सिंह, मुख्य संवाददता देहरादून
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