लखनऊ नगर निगम पुनरीक्षित बजट ₹3,740 करोड़ मंजूर, फैजुल्लागंज जलभराव पर राहत तेज
दीप सिंह, लखनऊ मुख्य संवाददाता, दैनिक रुस्तम-ए-हिंद
लखनऊ, 1 अक्टूबर 2026। लखनऊ नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के पुनरीक्षित बजट को मंजूरी दे दी गई। भरवारा स्थित एसटीपी प्लांट के मीटिंग हॉल में महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल ₹3,740.34 करोड़ की आय और ₹3,739.56 करोड़ के व्यय का प्रावधान रखा गया। बजट में सड़क, स्वच्छता, जल निकासी, ठोस कचरा प्रबंधन और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों पर जोर दिया गया है।
सड़क और निर्माण कार्यों के लिए ₹1,319 करोड़
पुनरीक्षित बजट में सार्वजनिक निर्माण से संबंधित कार्यों के लिए करीब ₹1,319 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें सड़कों और मार्गों की मरम्मत, निर्माण, अवस्थापना से जुड़े काम और भवन निर्माण सहित विभिन्न मद शामिल हैं।
स्वच्छता, जल निकासी और ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों के लिए करीब ₹585.05 करोड़ का प्रावधान किया गया है। नगर निगम के मुताबिक इन मदों में नालों की सफाई, सफाई व्यवस्था और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे कार्य शामिल हैं।
बजट में गृहकर से ₹811 करोड़, राज्य वित्त आयोग से ₹1,126 करोड़, यूजर चार्ज से ₹100 करोड़ और विज्ञापन शुल्क से ₹16 करोड़ की आय का लक्ष्य रखा गया है।
बजट में सड़कों और नागरिक सुविधाओं पर जोर
नगर निगम के पुनरीक्षित बजट में सड़क मरम्मत, मार्ग प्रकाश, भवनों के रखरखाव और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए आवंटन बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार सड़क मरम्मत एवं निर्माण के मद में राशि बढ़ाने और गड्ढों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं।
नगर निगम ने बताया कि भारी बारिश के बाद सड़कों को हुए नुकसान को देखते हुए सड़क एवं नागरिक अवस्थापना से जुड़े कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
फैजुल्लागंज में जलभराव पर राहत-बचाव तेज
फैजुल्लागंज और आसपास के क्षेत्रों में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नगर निगम की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और जल निकासी के इंतजाम किए गए हैं। इससे पहले जल निकासी के लिए छह पंपसेट भी लगाए गए थे।
प्रशासन और नगर निगम की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी रैन बसेरे, भोजन, पानी के टैंकर और मोबाइल शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है। जलभराव वाले इलाकों में मच्छरों की रोकथाम के लिए एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग भी कराई जा रही है।
दाऊदनगर रोड पर स्ट्रीट लाइट लगाने और जलभराव से प्रभावित रास्तों पर आवश्यक समतलीकरण का काम भी कराया गया है। राहत एवं बचाव कार्य के लिए नावों की व्यवस्था के साथ कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
फैजुल्लागंज के कुछ इलाकों में जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों की ओर से राहत की मांग भी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने आवागमन और पानी निकासी के इंतजाम तेज करने की मांग की है।
चार शिफ्ट में अधिकारियों की ड्यूटी
जलभराव प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी और राहत कार्यों के लिए नगर निगम की टीमों को अलग-अलग शिफ्ट में लगाया गया है। अधिकारियों और सुपरवाइजरों को क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम के मुताबिक जोनल अधिकारी और नगर अभियंता स्तर के अधिकारी भी राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
महापौर ने जीपीओ में किया श्रमदान
‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत नगर निगम की ओर से शहर में विशेष सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। गुरुवार को जीपीओ स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा परिसर में सफाई अभियान आयोजित किया गया।
महापौर सुषमा खर्कवाल ने अभियान में श्रमदान किया और नागरिकों से स्वच्छता गतिविधियों में भाग लेने की अपील की। नगर निगम की ओर से धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों और प्रमुख स्थलों पर सफाई एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
2 अक्टूबर का संपूर्ण समाधान दिवस स्थगित
गांधी जयंती के कारण 2 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित नगर निगम का संपूर्ण समाधान दिवस स्थगित कर दिया गया है। नगर निगम के अनुसार यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के प्रथम शुक्रवार को आयोजित किया जाता है। अगली तारीख की जानकारी बाद में जारी की जाएगी।
जोन-4 में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई
नगर निगम के जोन-4 की टीम ने गोमतीनगर क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। कार्रवाई अय्यप्पा मंदिर, विनीतखंड से विनय खंड होते हुए शहीद पथ के किनारे तक की गई।
नगर निगम के अनुसार अभियान के दौरान अतिक्रमण शुल्क के रूप में ₹26,800 जमा कराया गया। कार्रवाई जोनल अधिकारी शिल्पा कुमारी के निर्देश पर अधीक्षक राज नारायण कमल के नेतृत्व में हुई। नगर निगम कर्मचारियों के साथ ईटीएफ टीम ने भी अभियान में सहयोग किया।
जलकल विभाग के बजट को भी मंजूरी
कार्यकारिणी की बैठक में जलकल विभाग के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को भी स्वीकृति दी गई। विभाग की ओर से जलापूर्ति और सीवर व्यवस्था के संचालन के लिए ऑनलाइन बिलिंग, नई मांगों के सृजन और बेहतर राजस्व वसूली से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी गई।
लखनऊ नगर निगम के पुनरीक्षित बजट में सड़क, स्वच्छता, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए प्रावधान बढ़ाए जाने के साथ आय के स्रोतों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
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