मयंक अग्रवाल काउंटी क्रिकेट में करेंगे वापसी, बेन स्टोक्स की डरहम टीम से खेलेंगे भारतीय बल्लेबाज
भारतीय क्रिकेटर मयंक अग्रवाल अब इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट में अपना दम दिखाते नजर आएंगे। 35 साल के अनुभवी बल्लेबाज को डरहम काउंटी क्रिकेट टीम ने 2026 सीजन के लिए अपने साथ जोड़ा है। इस तरह मयंक उन भारतीय खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट में खेलने का फैसला किया है।
मयंक अग्रवाल का घरेलू और इंटरनेशनल क्रिकेट में अच्छा अनुभव रहा है। वह भारत के लिए टेस्ट और वनडे क्रिकेट खेल चुके हैं। अब काउंटी क्रिकेट में डरहम के लिए उनका अनुभव टीम के काम आएगा। डरहम की टीम में इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स भी शामिल हैं।
डेविड बेडिंघम की जगह पूरी करेंगे मयंक
डरहम के हेड कोच रयान कैंपबेल ने मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल करने की वजह बताई है। उनके मुताबिक, डेविड बेडिंघम के साउथ अफ्रीका लौटने के बाद टीम को एक अनुभवी इंटरनेशनल बल्लेबाज की जरूरत थी।
कैंपबेल का मानना है कि मयंक इस भूमिका के लिए बिल्कुल उपयुक्त हैं। उनके पास इंटरनेशनल क्रिकेट के साथ-साथ लंबे फर्स्ट क्लास करियर का भी अनुभव है। ऐसे में डरहम को उम्मीद है कि मयंक टीम की बल्लेबाजी को मजबूती देंगे।
मयंक के लिए यह मौका इसलिए भी खास है क्योंकि इंग्लैंड की परिस्थितियों में फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलना उनके अनुभव में एक और अध्याय जोड़ेगा।
शानदार है मयंक का फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड
मयंक अग्रवाल का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उन्होंने 103 फर्स्ट क्लास मैचों में 7,441 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 17 शतक और 42 अर्धशतक निकले हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 304 रन है।
मयंक ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में करीब 44 की औसत से रन बनाए हैं। उनका यह अनुभव डरहम के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। खासकर तब, जब टीम को बीच सीजन में एक अनुभवी बल्लेबाज की जरूरत पड़ी है।
इंटरनेशनल क्रिकेट की बात करें तो मयंक ने भारत के लिए 21 टेस्ट और 5 वनडे मैच खेले हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 1,488 रन हैं, जिसमें चार शतक और छह अर्धशतक शामिल हैं।
भारत के लिए शानदार रही टेस्ट शुरुआत
मयंक अग्रवाल ने टेस्ट क्रिकेट में अपने करियर की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी। उन्होंने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में कई यादगार पारियां खेलीं। उनके टेस्ट करियर का सर्वोच्च स्कोर 243 रन है।
हालांकि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टीम में उनकी जगह पक्की नहीं रही और उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट से बाहर होना पड़ा। इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन और अनुभव लगातार उनकी ताकत बना रहा।
अब काउंटी क्रिकेट में खेलकर मयंक के पास खुद को एक बार फिर साबित करने का मौका है।
डरहम के लिए क्यों अहम हैं मयंक?
डरहम को मयंक से सिर्फ रन बनाने की उम्मीद नहीं होगी, बल्कि उनका अनुभव युवा बल्लेबाजों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। इंटरनेशनल क्रिकेट और लंबे फर्स्ट क्लास करियर की वजह से वह ड्रेसिंग रूम में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।
डेविड बेडिंघम की गैरमौजूदगी में डरहम को ऐसे बल्लेबाज की जरूरत थी, जो दबाव में जिम्मेदारी संभाल सके। मयंक का अनुभव इसी जरूरत को पूरा करता है।
इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट का अनुभव मयंक के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। अलग परिस्थितियों, गेंदबाजी और पिचों के बीच बल्लेबाजी करना उनके खेल को एक नया अनुभव देगा।
आशीता सूद से की है शादी
मयंक अग्रवाल की निजी जिंदगी की बात करें तो उन्होंने साल 2018 में अपनी बचपन की दोस्त आशीता सूद से शादी की थी। आशीता के पिता प्रवीण सूद हैं, जो भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रह चुके हैं और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक भी रहे हैं।
फिलहाल मयंक का पूरा फोकस क्रिकेट पर है और डरहम के साथ काउंटी क्रिकेट में उनका नया सफर शुरू होने जा रहा है।
मयंक अग्रवाल का अनुभव, फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड और इंटरनेशनल क्रिकेट का अनुभव डरहम के लिए अहम साबित हो सकता है। अब देखना होगा कि वह इंग्लैंड की परिस्थितियों में बल्ले से कैसा प्रदर्शन करते हैं और टीम को कितने रन बनाकर देते हैं।
रिपोर्टर; चरणप्रीत सिंह, मुख्य संवाददता देहरादून

