ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पटना में आक्रोश मार्च
बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को INDIA ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अगुवाई में विपक्षी नेता और कार्यकर्ता राजभवन की ओर बढ़े।
मार्च का मुख्य मुद्दा बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष की आपत्तियां और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग रही।
पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका
INDIA ब्लॉक का मार्च विधानसभा के सामने स्थित शहीद स्मारक से शुरू हुआ और लोक भवन की ओर बढ़ रहा था। पुलिस ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के पास प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी।
प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान तेजस्वी यादव बैरिकेड के ऊपर चढ़ते हुए नजर आए। इसके बाद पुलिस ने कई नेताओं को मौके से हटाया।
पटना में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कई स्तरों पर बैरिकेडिंग के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल और RAF की तैनाती की गई थी। किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन भी तैयार रखा गया था।
तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी और मीसा भारती को रोका गया
आक्रोश मार्च के दौरान RJD नेता तेजस्वी यादव, VIP प्रमुख मुकेश सहनी और RJD सांसद मीसा भारती समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। हालांकि, पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि तेजस्वी यादव को गिरफ्तार नहीं किया गया था, बल्कि उन्हें और कुछ अन्य नेताओं को पुलिस वाहन से लोक भवन ले जाया गया। वहीं, कुछ अन्य INDIA ब्लॉक नेताओं को मौके से हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन के दौरान कई RJD नेता पुलिस वाहन के ऊपर भी चढ़ गए। वहीं, पूर्व CPI(ML) लिबरेशन विधायक अजीत कुशवाहा के प्रदर्शन के दौरान बेहोश होने की जानकारी भी सामने आई है।
क्या हैं विपक्ष की मांगें?
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा SIR की प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने और बिहार में चुनाव प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए मतदाता सूची में गड़बड़ी की जा रही है और इससे लोकतंत्र प्रभावित हो रहा है। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव और सभी राजनीतिक दलों के लिए बराबर अवसर की मांग की। हालांकि, चुनाव आयोग और बीजेपी विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
534 प्रखंडों में भी हुआ था प्रदर्शन
INDIA ब्लॉक ने अपने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया है। इससे पहले 7 अक्टूबर को बिहार के सभी 534 प्रखंडों में ‘ज्ञानेश हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत आक्रोश मार्च और प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
इसके बाद 8 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और पटना में राजभवन मार्च का ऐलान किया गया था। इसी क्रम में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पटना में यह मार्च निकाला गया।
राज्यपाल से मिलने की कोशिश
विपक्षी नेता राजभवन पहुंचकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन राज्यपाल को सौंपना चाहते थे। पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच गतिरोध की स्थिति बनी।
बाद में विपक्षी नेताओं ने बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
देशभर में जारी है विरोध
पटना का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब INDIA ब्लॉक के नेता देश के अलग-अलग हिस्सों में SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर अपनी आपत्तियां उठा रहे हैं।
वहीं, चुनाव आयोग और बीजेपी ने विपक्ष के लगाए आरोपों को खारिज किया है। इस मुद्दे को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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