Sajjan Kumar Death: 1984 सिख विरोधी दंगा मामले में सजायाफ्ता पूर्व सांसद सज्जन कुमार का निधन
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व सांसद और 1984 सिख विरोधी दंगा मामले में सजायाफ्ता सज्जन कुमार का गुरुवार दोपहर सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली पुलिस जेल से अस्पताल लेकर पहुंची थी। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और दोपहर 12:30 बजे उनका निधन हो गया।
परिवार के साथ सफदरजंग अस्पताल में मौजूद नांगलोई के पूर्व विधायक विजेंद्र कुमार ने बताया कि सज्जन कुमार के पार्थिव शरीर को शुक्रवार को करीब आधे घंटे के लिए मादीपुर स्थित उनके कार्यालय में रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जेल से सुबह 11 बजे अस्पताल लाया गया
सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, सज्जन कुमार की तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें गुरुवार सुबह करीब 11 बजे जेल से अस्पताल लेकर पहुंची। अस्पताल पहुंचने के समय उनकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी।
उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती किया गया और उनकी जान बचाने के लिए जरूरी चिकित्सा उपाय शुरू किए गए। डॉक्टरों की टीम ने उपचार के दौरान सभी आवश्यक प्रयास किए, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। दोपहर 12:30 बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हाई ब्लड प्रेशर और पार्किंसंस से थे पीड़ित
अस्पताल के अनुसार, सज्जन कुमार को हाई ब्लड प्रेशर और पार्किंसंस की बीमारी थी। इससे पहले भी उन्हें कई बार उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था। गुरुवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें जेल से सफदरजंग अस्पताल लाया गया था।
लगातार तीन बार कांग्रेस से सांसद रहे
सज्जन कुमार के निधन पर दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पुष्पा सिंह ने उन्हें दिल्ली के बड़े नेताओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि सज्जन कुमार लगातार तीन बार कांग्रेस के सांसद रहे और उन्होंने दिल्ली देहात के लिए काफी काम किया।
उनके सांसद रहने के दौरान बाहरी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का दायरा काफी बड़ा था। उस समय यह आबादी के लिहाज से देश की बड़ी लोकसभा सीटों में शामिल था। इसी क्षेत्र से सज्जन कुमार तीन बार कांग्रेस के सांसद चुने गए थे।
अस्पताल पहुंचे कांग्रेस नेता और परिवार के सदस्य
सज्जन कुमार के निधन की खबर मिलते ही सफदरजंग अस्पताल में कांग्रेस नेताओं और उनके समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया। उनके पुत्र जग प्रवेश और भाई एवं पूर्व सांसद रमेश कुमार भी अस्पताल में मौजूद रहे।
परिवार के सदस्य अस्पताल में पार्थिव शरीर प्राप्त करने से संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने में जुटे रहे। परिवार की ओर से अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।
1984 सिख विरोधी दंगा मामले में हुई थी सजा
सज्जन कुमार 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सजा काट रहे थे। उनके खिलाफ दर्ज मामले लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया में रहे। इसी मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था और वह जेल में सजा काट रहे थे।
उनके निधन के बाद राजनीतिक और कानूनी क्षेत्र में भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। परिवार की ओर से शुक्रवार को अंतिम संस्कार किए जाने की जानकारी दी गई है।

