मोहम्मद सिराज के वनडे भविष्य पर सवाल, 2027 वर्ल्ड कप से पहले क्यों बढ़ी चिंता?
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज कभी टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल थे। जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में उन्होंने कई अहम मुकाबलों में तेज गेंदबाजी की अगुआई की और अपनी रफ्तार व आक्रामक गेंदबाजी से पहचान बनाई। हालांकि, 2026 में उनकी वनडे क्रिकेट की कहानी कुछ अलग नजर आ रही है। 2027 वनडे वर्ल्ड कप में अब करीब एक साल बाकी है और टीम इंडिया की तैयारियों के बीच सिराज की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
2026 में सिर्फ चार वनडे खेले
सिराज ने 2026 में भारत की ओर से अब तक सिर्फ चार वनडे मैच खेले हैं। इन मुकाबलों में उन्होंने कुल 35 ओवर गेंदबाजी की है। भारत ने इस साल न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज खेली हैं, लेकिन सिराज को इनमें सीमित मौके ही मिले।
इस दौरान टीम मैनेजमेंट ने तेज गेंदबाजी विभाग में कई खिलाड़ियों को आजमाया। प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव, हर्षित राणा, औकिब नबी और अंशुल कंबोज जैसे गेंदबाजों को मौके दिए गए। इससे 2027 वर्ल्ड कप के लिए भारत के पेस अटैक में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।
दो महीने के ब्रेक से बिगड़ी लय?
सिराज के लिए लंबे ब्रेक का असर उनकी गेंदबाजी की रफ्तार पर भी देखने को मिला। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उनकी गति पहले की तुलना में कम नजर आई। सिराज ने खुद माना था कि करीब दो महीने के ब्रेक के बाद उनका रन-अप और गेंदबाजी की लय प्रभावित हुई थी।
सिराज ने बताया था कि वह ऐसे गेंदबाज हैं जिनकी गेंदबाजी काफी हद तक लय पर निर्भर करती है। लंबे अंतराल के बाद उनका रन-अप पहले जैसा सहज नहीं रहा, जिसका असर गति पर पड़ा।
आमतौर पर 140-142 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास गेंदबाजी करने वाले सिराज श्रीलंका के खिलाफ कुछ मौकों पर 125-130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते दिखाई दिए। हालांकि, इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपनी गति और लय हासिल करनी शुरू की।
वेस्टइंडीज सीरीज में भी सीमित इस्तेमाल
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में सिराज की वापसी हुई, लेकिन उन्हें पहले दो मैचों में प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया। तीसरे और अंतिम वनडे में उन्हें मौका मिला। इस मुकाबले में सिराज ने आठ ओवर में 52 रन देकर एक विकेट लिया।
खास बात यह रही कि मैच के निर्णायक दौर में कप्तान शुभमन गिल ने डेथ ओवर्स में सिराज का ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया। टीम ने अंशुल कंबोज, कुलदीप यादव और नमन धीर जैसे विकल्पों को आजमाया। वेस्टइंडीज ने भारत के 350 से ज्यादा रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा कर लिया।
कप्तान शुभमन गिल ने सीरीज के बाद माना कि भारत को डेथ बॉलिंग और फील्डिंग में सुधार की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि चोट और शेड्यूल के कारण टीम अपनी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी लाइनअप के साथ नहीं खेल सकी।
IPL में सिराज का प्रदर्शन रहा अच्छा
वनडे में सीमित मौके मिलने के बावजूद सिराज ने आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया है। 2025 और 2026 के आईपीएल सीजन में उन्होंने गुजरात टाइटंस के लिए मिलाकर 35 विकेट हासिल किए। इससे यह संकेत मिलता है कि सफेद गेंद के क्रिकेट में सिराज की उपयोगिता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
यही वजह है कि 2027 वर्ल्ड कप से पहले सिराज को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। टीम मैनेजमेंट के सामने एक तरफ नए तेज गेंदबाजों को तैयार करने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ सिराज जैसे अनुभवी गेंदबाज की क्षमता का सही इस्तेमाल करने का सवाल भी है।
शमी से अलग है सिराज का मामला
सिराज की मौजूदा स्थिति की तुलना 2023 वर्ल्ड कप से पहले मोहम्मद शमी से भी की जा रही है। शमी ने उस टूर्नामेंट से पहले सीमित वनडे खेले थे, लेकिन वर्ल्ड कप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए अहम भूमिका निभाई थी।
हालांकि सिराज और शमी की स्थिति में अंतर है। सिराज खुद कह चुके हैं कि उनकी गेंदबाजी की रफ्तार और प्रभाव उनकी लय से काफी जुड़ा है। ऐसे में उन्हें लगातार मैच खेलने का मौका मिलना महत्वपूर्ण हो सकता है।
2027 वर्ल्ड कप से पहले क्या करना होगा?
भारत 2027 वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए आने वाले महीनों में कई वनडे मुकाबले खेलेगा। वेस्टइंडीज सीरीज के बाद भी भारत के पास इस साल आठ और वनडे मैच हैं, जिनमें न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच और श्रीलंका के खिलाफ तीन मुकाबले शामिल हैं।
यही मैच सिराज के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने का अहम मौका होंगे। अगर टीम मैनेजमेंट उन्हें वर्ल्ड कप की योजना में रखता है, तो उन्हें पर्याप्त मैच प्रैक्टिस देना जरूरी होगा। लगातार खेलने से उनकी लय, गति और भूमिका को लेकर तस्वीर भी साफ हो सकती है।
फिलहाल जसप्रीत बुमराह भारत के प्रमुख तेज गेंदबाजी विकल्पों में सबसे आगे हैं, जबकि दूसरे स्थानों के लिए कई गेंदबाजों के बीच मुकाबला है। ऐसे में मोहम्मद सिराज के लिए 2027 वर्ल्ड कप की टीम में जगह पक्की करने का रास्ता आसान नहीं दिख रहा है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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