Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में हथियार सप्लाई नेटवर्क की नई कड़ी, 12 हजार रुपये में मुंबई पहुंचाई गई पिस्टल
उपशीर्षक: फायरिंग मामले की जांच में राधा और बबिता की कथित भूमिका सामने आई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली से मुंबई तक हथियार पहुंचाने के लिए महिलाओं की मदद ली गई। कुणाल और अनिल पंडित के संपर्कों की भी जांच।
नई दिल्ली/मुंबई | 21 अक्टूबर 2026
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े कथित फायरिंग मामले की जांच में हथियारों की सप्लाई से संबंधित नई जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब उन लोगों के संपर्कों और गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं, जिन पर वारदात में इस्तेमाल होने वाले हथियार पहुंचाने का संदेह है।
सामने आई जानकारी के अनुसार, इस नेटवर्क में केवल हथियार उपलब्ध कराने वाले लोग ही नहीं, बल्कि उन्हें एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने वाले व्यक्तियों की भी कथित भूमिका रही है।
जांच में राधा और बबिता नाम की दो महिलाओं की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है। आरोप है कि हथियार मुंबई पहुंचाने के बदले 12 हजार रुपये की रकम तय की गई थी।
हालांकि, इस मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
हथियार सप्लाई नेटवर्क की जांच में नया खुलासा
फायरिंग मामले की जांच के दौरान पुलिस हथियारों की आपूर्ति करने वाले कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
जांच एजेंसियों के सामने प्रमुख सवाल यह है कि हथियार कहां से उपलब्ध कराए गए, किसने उन्हें प्राप्त किया और मुंबई तक पहुंचाने की व्यवस्था किसने की।
पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी में कुणाल नाम के व्यक्ति की भूमिका का उल्लेख किया गया है।
बताया जा रहा है कि कुणाल के संपर्कों के माध्यम से हथियारों की सप्लाई से संबंधित गतिविधियों की जांच आगे बढ़ी है।
राधा और बबिता की कथित भूमिका आई सामने
जांच में राधा और बबिता नाम की दो महिलाओं की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
आरोप है कि इन महिलाओं को दिल्ली से मुंबई तक पिस्टल पहुंचाने के काम में शामिल किया गया था।
इसके बदले 12 हजार रुपये दिए जाने या तय किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों महिलाओं को हथियारों के बारे में कितनी जानकारी थी और वे किन लोगों के निर्देश पर यात्रा कर रही थीं।
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
15 अक्टूबर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने की जानकारी
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को कुणाल राधा और बबिता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा था।
बताया गया है कि दोनों महिलाओं को मुंबई जाने के लिए स्टेशन लाया गया था।
जांच एजेंसियां इस यात्रा से जुड़ी परिस्थितियों और कथित हथियार डिलीवरी की पूरी श्रृंखला की पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि यात्रा की व्यवस्था किसने की, हथियार किसके निर्देश पर ले जाए जा रहे थे और मुंबई में उन्हें किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।
क्या है ‘डेड लेटर बॉक्स’ का तरीका?
इस मामले में हथियारों की सप्लाई के कथित तरीके ने भी जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है।
सामने आई जानकारी में ‘डेड लेटर बॉक्स’ शब्द का उल्लेख किया गया है।
इसका अर्थ ऐसी व्यवस्था से है, जिसमें कोई वस्तु एक निर्धारित स्थान पर रख दी जाती है और दूसरा व्यक्ति बाद में वहां से उसे प्राप्त करता है।
इस व्यवस्था में वस्तु देने और लेने वाले व्यक्तियों का सीधे आमना-सामना होना जरूरी नहीं होता।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क में इस तरीके का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया गया।
कुणाल और सुमित की भूमिका की पड़ताल
पुलिस से जुड़ी जानकारी में कुणाल और सुमित नाम के व्यक्तियों का भी उल्लेख सामने आया है।
जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हथियारों को प्राप्त करने, रखने और आगे पहुंचाने की कथित व्यवस्था में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी।
इसके लिए संबंधित

