यूक्रेन का रूस पर बड़ा ड्रोन हमला, मॉस्को की ओर भेजे गए 650 ड्रोन; 2 की मौत, 9 घायल
यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को और आसपास के इलाके में रातभर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, मॉस्को क्षेत्र की ओर करीब 650 ड्रोन भेजे गए। रूस का दावा है कि इनमें से ज्यादातर ड्रोन को राजधानी तक पहुंचने से पहले ही एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि अकेले राजधानी के पास पहुंचने वाले 105 ड्रोन को नष्ट किया गया।
मॉस्को क्षेत्र में दो लोगों की मौत
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के मुताबिक, ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हुई है और नौ लोग घायल हुए हैं। मृतकों में एक 71 वर्षीय व्यक्ति और एक 20 वर्षीय युवक शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, मलबा गिरने और ड्रोन हमलों के कारण कई इलाकों में घरों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा।
लिटविनोवो इलाके में एक ड्रोन एक वेयरहाउस की छत पर गिरा, जिसके बाद वहां आग लग गई। घटना के बाद कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
रूसी एयर डिफेंस ने बड़ी संख्या में ड्रोन मार गिराने का दावा किया
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने कहा कि ड्रोन को शहर से काफी दूरी पर ही नष्ट कर दिया गया। उनके मुताबिक, 105 ड्रोन उस समय मार गिराए गए जब वे मॉस्को के करीब पहुंच रहे थे। रूसी अधिकारियों ने इसे राजधानी क्षेत्र पर हाल के वर्षों में हुए सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक बताया है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने अलग से दावा किया कि रातभर देश के कई हिस्सों में कुल 868 यूक्रेनी ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया। हालांकि, युद्ध के दौरान सामने आने वाले ऐसे आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि मुश्किल होती है।
तेल डिपो को भी बनाया गया निशाना?
हमले के दौरान मॉस्को क्षेत्र की एक बड़ी तेल सुविधा में आग लगने की खबर भी सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक, वोलोडार्स्क क्षेत्र में स्थित एक बड़े तेल डिपो के आसपास ड्रोन हमले के बाद आग देखी गई। इस facility को मॉस्को क्षेत्र की प्रमुख पेट्रोलियम भंडारण और वितरण सुविधाओं में गिना जाता है। हालांकि, इस स्थान को हमले का मुख्य लक्ष्य बनाए जाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्टों के अनुसार, इस तेल सुविधा से पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल की सप्लाई होती है। इसका नेटवर्क मॉस्को क्षेत्र के प्रमुख एयरपोर्ट्स से भी जुड़ा हुआ है।
यूक्रेन की रणनीति में ऊर्जा ठिकाने अहम
यूक्रेन लंबे समय से रूस के तेल और ऊर्जा ढांचे से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाता रहा है। कीव का कहना है कि रूस की ऊर्जा से होने वाली कमाई और ईंधन आपूर्ति को प्रभावित करने से उसकी युद्ध क्षमता पर असर डाला जा सकता है।
हाल के महीनों में यूक्रेन की ओर से रूस के भीतर रिफाइनरियों और तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे पर ड्रोन हमले बढ़े हैं। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसके हमलों से रूस की तेल शोधन क्षमता का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रूस-यूक्रेन के बीच बढ़ रहे लंबी दूरी के हमले
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के दौरान दोनों पक्षों ने हाल के महीनों में लंबी दूरी तक ड्रोन और मिसाइल हमले तेज किए हैं। ऊर्जा, परिवहन, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं।
मॉस्को क्षेत्र पर हुआ यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच हवाई हमलों की तीव्रता लगातार बढ़ रही है। रूस की ओर से भी यूक्रेन के शहरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले किए जा रहे हैं।
हालांकि, 650 ड्रोन भेजे जाने का आंकड़ा रूसी अधिकारियों का दावा है और इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। हमले से हुए नुकसान और ड्रोन के वास्तविक लक्ष्यों को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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