UP Electricity Workers Reinstatement: योगी सरकार का बड़ा फैसला, 25 हजार से अधिक बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों की वापसी का रास्ता साफ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के तहत उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने पहले हटाए गए 25 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही अब पात्र कर्मचारी स्वास्थ्य और फिटनेस की शर्त पूरी करने पर 55 वर्ष के बजाय 60 वर्ष की आयु तक काम कर सकेंगे।
11 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद की मौजूदगी में कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में ये अहम फैसले लिए गए। इससे लंबे समय से अपनी बहाली और सेवा अवधि बढ़ाने की मांग कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
25 हजार से अधिक कर्मचारियों की बहाली का रास्ता साफ
उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग में पिछले दो वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारियों को काम से हटा दिया गया था। करीब दो साल पहले विभिन्न ऊर्जा निगमों में लगभग 85 हजार आउटसोर्स कर्मचारी काम कर रहे थे। इनमें से धीरे-धीरे 25 हजार से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं।
कर्मचारी संगठन लंबे समय से इन कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने की मांग कर रहा था। अब पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने हटाए गए कर्मचारियों की वापसी पर सहमति जताई है।
हालांकि, सभी कर्मचारियों को बिना जांच के बहाल नहीं किया जाएगा। संबंधित बिजली वितरण निगमों यानी डिस्कॉम के स्तर पर कर्मचारियों के पिछले कार्यकाल के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। जिन कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर शिकायतें नहीं होंगी और जो निर्धारित शर्तें पूरी करेंगे, उन्हें दोबारा काम पर रखने में प्राथमिकता दी जाएगी।
55 नहीं, अब 60 साल तक काम करने का मिलेगा अवसर
बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा अवधि बढ़ाने पर भी सहमति बनी। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर 60 वर्ष की आयु तक अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे। इससे पहले सेवा समाप्त करने की आयु सीमा 55 वर्ष थी।
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए 55 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों को पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर से स्वास्थ्य एवं फिटनेस प्रमाणपत्र लेना होगा। इसके साथ उन्हें लिखित घोषणा भी देनी होगी कि वे काम करने के इच्छुक हैं और अपनी जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम हैं।
इसके बाद संबंधित आउटसोर्स एजेंसी और विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस फैसले से उन अनुभवी कर्मचारियों को राहत मिल सकती है, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से काम करने में सक्षम हैं और विभाग में अपनी सेवाएं जारी रखना चाहते हैं।
आउटसोर्स एजेंसियों के अनुबंध में होगा बदलाव
नई व्यवस्था को लागू करने के लिए आउटसोर्स एजेंसियों के साथ होने वाले अनुबंधों में जरूरी संशोधन किए जाएंगे। पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन इस प्रक्रिया के माध्यम से कर्मचारियों की सेवा अवधि, फिटनेस प्रमाणपत्र और दोबारा नियुक्ति से संबंधित शर्तों को लागू करेगा।
इसके तहत एजेंसियों को पात्र कर्मचारियों की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। कर्मचारियों के रिकॉर्ड और स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस बदलाव का उद्देश्य कर्मचारियों की सेवा संबंधी व्यवस्था को स्पष्ट करना और पात्र कर्मचारियों को दोबारा काम करने का अवसर देना है।
किन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा बहाली का लाभ?
पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि दोबारा नियुक्ति के लिए कर्मचारियों का पिछला सेवा रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होगा। जिन कर्मचारियों के खिलाफ कर्तव्य पालन में लापरवाही, उपभोक्ताओं से गलत व्यवहार, अनुशासनहीनता, बिजली चोरी में संलिप्तता, धन उगाही, अनुचित आचरण या बिलिंग संबंधी अनियमितताओं की शिकायतें रही हैं, उनके मामलों की जांच की जाएगी।
संबंधित डिस्कॉम कर्मचारियों के पिछले कार्यकाल के अभिलेखों का सत्यापन करेंगे। इसके बाद निर्धारित मानकों के आधार पर पात्रता तय की जाएगी।
इसलिए बहाली की खबर से राहत जरूर मिली है, लेकिन प्रत्येक कर्मचारी की वापसी उसके रिकॉर्ड और निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर निर्भर करेगी।
कर्मचारी संगठन ने धरना-प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला लिया
बहाली और सेवा अवधि बढ़ाने जैसे मुद्दों पर सहमति बनने के बाद कर्मचारी संगठन ने प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन समाप्त करने और पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन को सहयोग देने का आश्वासन दिया।
बैठक में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने, राजस्व वसूली बढ़ाने और वितरण संबंधी नुकसान कम करने पर भी चर्चा हुई। कर्मचारी संगठन ने अगले छह महीनों में एटीएंडसी यानी समग्र तकनीकी एवं वाणिज्यिक नुकसान में 10 प्रतिशत की कमी लाने के लक्ष्य में सहयोग करने की बात कही।
प्रबंधन का मानना है कि कर्मचारियों के सहयोग से बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
बिजली उपभोक्ताओं को भी मिल सकता है फायदा
आउटसोर्स कर्मचारी बिजली वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे उपकेंद्रों के संचालन, रखरखाव और अन्य तकनीकी तथा सहायक कार्यों में योगदान देते हैं। ऐसे में अनुभवी कर्मचारियों की उपलब्धता और कार्य व्यवस्था में सुधार से बिजली सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव कर्मचारियों की तैनाती, विभागीय निगरानी, राजस्व वसूली और वितरण नेटवर्क के रखरखाव पर निर्भर करेगा।
UP Electricity Workers Reinstatement: मुख्य बातें
- उत्तर प्रदेश में 25 हजार से अधिक हटाए गए बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों की वापसी का रास्ता साफ हुआ।
- पात्र कर्मचारी स्वास्थ्य और फिटनेस की शर्तों के साथ 60 वर्ष की आयु तक काम कर सकेंगे।
- 55 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और लिखित घोषणा देनी होगी।
- बहाली से पहले कर्मचारियों के पिछले सेवा रिकॉर्ड की जांच होगी।
- आउटसोर्स एजेंसियों के अनुबंधों में जरूरी संशोधन किए जाएंगे।
- कर्मचारी संगठन ने प्रस्तावित आंदोलन समाप्त कर प्रबंधन को सहयोग देने का आश्वासन दिया।
निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश में बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बहाली और सेवा अवधि बढ़ाने से जुड़ा फैसला महत्वपूर्ण राहत लेकर आया है। हालांकि, 25 हजार से अधिक कर्मचारियों की वापसी की प्रक्रिया रिकॉर्ड सत्यापन और निर्धारित पात्रता के आधार पर पूरी होगी। कर्मचारियों को आगे की जानकारी के लिए संबंधित बिजली वितरण निगम और आउटसोर्स एजेंसी के निर्देशों पर नजर रखनी चाहिए।

