सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: 6 मौतें, CM रेखा गुप्ता ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत के भरभराकर गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मलबे से 12 लोगों को निकाला गया है। इनमें छह लोगों की मौत हुई और छह की हालत स्थिर बताई गई है। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रहा।
घटना के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव अभियान में तेजी लाने और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
कैसे हुआ सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत और निर्माण से जुड़ा काम चल रहा था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, बेसमेंट में पानी जमा होने और खुदाई के दौरान एक पिलर के खिसकने की वजह से इमारत की संरचना कमजोर हुई और पूरी बिल्डिंग ढह गई।
यह इमारत काफी पुरानी बताई जा रही है और इसका इस्तेमाल पीजी के रूप में किया जा रहा था। हादसे के समय इमारत में छात्र और अन्य लोग मौजूद थे। घटना के बाद इस बात को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतनी पुरानी इमारत में निर्माण या मरम्मत का काम किस तरह चल रहा था और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
भवन मालिक के खिलाफ FIR
हादसे के बाद पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम बंसल समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले की जांच की जा रही है और जिम्मेदार लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि हादसे के लिए भवन मालिक हो या कोई अधिकारी, यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आसपास की खतरनाक इमारतों पर भी होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे के बाद आसपास की अन्य इमारतों की भी जांच की जा रही है। जो भवन असुरक्षित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने विशेष रूप से हादसे वाली इमारत के पीछे स्थित एक अन्य खतरनाक भवन को खाली कराने और उसे गिराने की बात कही। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी अन्य जर्जर या असुरक्षित इमारत में लोगों की जान जोखिम में न पड़े।
पब्लिक इस्तेमाल वाली इमारतों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने भवन सुरक्षा को लेकर नई नीति बनाने की बात कही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, पब्लिक इस्तेमाल वाली इमारतों की समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट और सेफ्टी सर्टिफिकेशन कराना जरूरी किया जाएगा।
इस दायरे में पीजी, नर्सिंग होम, स्कूल और अन्य सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों को शामिल किया जा सकता है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करने वाली इमारतों में सार्वजनिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
असुरक्षित PG में रहने वालों को दूसरी जगह किया जाएगा शिफ्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी व्यक्ति को असुरक्षित पीजी में रहने की अनुमति नहीं देगी। हादसे से प्रभावित और इमारत से बाहर निकाले गए लोगों के लिए कॉलेज हॉस्टल में रहने की व्यवस्था की गई है।
सरकार ने प्रभावित छात्रों के अभिभावकों से भी संपर्क बनाए रखने की बात कही है। प्रशासन की ओर से छात्रों और उनके परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई
रेखा गुप्ता ने कहा कि यदि सरकारी अधिकारियों की निगरानी में कमी, लापरवाही या किसी अन्य गलती के कारण हादसे की स्थिति बनी है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मामले की गंभीरता से जांच करने और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। आकाशवाणी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल
मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए राहत और बचाव दलों ने कई आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया। NDRF और अन्य एजेंसियों की टीमें मलबा हटाने के साथ-साथ लोगों की मौजूदगी का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों और लाइफ डिटेक्शन उपकरणों का भी इस्तेमाल कर रही हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, मलबे का बड़ा हिस्सा हटाया जा चुका है और अभियान को सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
हादसे ने उठाए भवन सुरक्षा पर सवाल
सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित प्रमुख छात्र इलाका है। यहां बड़ी संख्या में छात्र पीजी और हॉस्टल में रहते हैं। ऐसे में पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने की घटना ने दिल्ली में पुराने भवनों, अवैध निर्माण और पीजी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसे की जांच के साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि इमारत का निर्माण और इस्तेमाल नियमों के अनुरूप था या नहीं। बेसमेंट में चल रहे काम और इमारत की संरचनात्मक स्थिति की भी जांच की जा रही है।
दिल्ली सरकार का सख्त रुख
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा के बाद दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने आसपास की इमारतों की जांच, असुरक्षित भवनों को खाली कराने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में पुराने और बहुमंजिला भवनों की सुरक्षा जांच को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब जांच के नतीजों से यह स्पष्ट होगा कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार था और भवन की सुरक्षा में किस स्तर पर लापरवाही हुई।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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