CM Yogi का बड़ा ऐलान, 2026 के अंत तक साफ होगी गोमती नदी, बोले- युद्धस्तर पर चल रहा काम
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती नदी की सफाई को लेकर बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 2026 के अंत तक गोमती नदी को पूरी तरह स्वच्छ करने के लक्ष्य पर काम कर रही है और इसके लिए प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं। उन्होंने नदी की स्वच्छता और अविरल प्रवाह के लिए सेना की मध्य कमान की ओर से मिल रहे सहयोग की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री ने यह बात रविवार को लखनऊ छावनी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ कैंट क्षेत्र में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और भूमि पूजन किया।
2026 के अंत तक गोमती को साफ करने का लक्ष्य
CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोमती नदी को स्वच्छ बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस साल के अंत तक गोमती की सफाई का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, नदी की स्वच्छता के साथ-साथ उसके लगातार और प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इस अभियान में राज्य सरकार के साथ सेना की मध्य कमान का सहयोग भी मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि गोमती नदी की स्वच्छता से लखनऊ के पर्यावरण और शहर के जीवन स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
सेना की मध्य कमान का मिला सहयोग
मुख्यमंत्री योगी ने गोमती नदी की सफाई अभियान में सहयोग के लिए सेना की मध्य कमान का आभार जताया। उन्होंने कहा कि नदी की स्वच्छता और उसके अविरल प्रवाह को बनाए रखने के प्रयासों में केंद्रीय कमान का सहयोग महत्वपूर्ण है।
सरकार का प्रयास है कि नदी में प्रदूषण कम किया जाए और इसके आसपास के क्षेत्रों को भी स्वच्छ एवं बेहतर बनाया जाए।
गोमती की सफाई के सामने बड़ी चुनौती
गोमती नदी लंबे समय से प्रदूषण और सीवेज के प्रवाह जैसी समस्याओं से जूझ रही है। लखनऊ में बढ़ते शहरीकरण के कारण नदी पर दबाव भी बढ़ा है।
गोमती की सफाई के लिए सीवेज प्रबंधन, गंदे पानी के प्रवाह को रोकना, ठोस कचरे को हटाना और नदी के प्रवाह को बेहतर बनाए रखना जरूरी है। सरकार की ओर से इन क्षेत्रों में लगातार काम किए जाने की बात कही गई है।
हालांकि, नदी की पूरी तरह सफाई और प्रदूषण को लंबे समय तक नियंत्रित रखना एक बड़ी चुनौती होगी।
लखनऊ को आधुनिक शहर बनाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान CM योगी ने लखनऊ के विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजधानी अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से भी जुड़ रही है।
मुख्यमंत्री ने स्मार्ट रोड, CM Grid योजना और आउटर रिंग रोड जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ में आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ-साथ शहर की ऐतिहासिक विरासत को भी संरक्षित किया जा रहा है।
ब्रह्मोस से लेकर स्मार्ट रोड तक का जिक्र
CM योगी ने लखनऊ में विकसित हो रही आधुनिक सुविधाओं और रक्षा तकनीक का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ अब पारंपरिक विरासत के साथ आधुनिक रक्षा तकनीक का भी केंद्र बन रहा है।
उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल से जुड़ी गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजधानी भारत की रक्षा क्षमता और आत्मनिर्भरता में भी योगदान दे रही है।
लखनऊ कैंट में 100 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाएं
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ कैंट क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कैंट क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कैंट क्षेत्र को देश के एक मॉडल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करने की बात कही।
राजनाथ सिंह ने CM योगी की तारीफ की
कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी लखनऊ और उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लखनऊ की प्रगति उत्तर प्रदेश की प्रगति से जुड़ी हुई है।
राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में हो रहे विकास कार्यों को भी रेखांकित किया।
गोमती की सफाई से गंगा को भी फायदा
गोमती नदी की सफाई का असर केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहेगा। गोमती आगे जाकर गंगा नदी में मिलती है। ऐसे में गोमती में प्रदूषण कम होने से गंगा के प्रदूषण भार को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
हालांकि, इसके लिए सिर्फ नदी की सतही सफाई पर्याप्त नहीं होगी। सीवेज ट्रीटमेंट और प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण लंबे समय तक जरूरी रहेगा।
सरकार के सामने क्या है चुनौती?
गोमती को साफ करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सबसे बड़ी चुनौती नदी में गंदे पानी और सीवेज के प्रवाह को नियंत्रित करना है। इसके साथ ही औद्योगिक और शहरी कचरे की निगरानी तथा सीवेज ट्रीटमेंट व्यवस्था को प्रभावी बनाना जरूरी होगा।
सरकार ने लंबे समय के लिए भी गोमती में बिना उपचारित सीवेज के प्रवाह को रोकने की योजना बनाई है।
इसलिए 2026 के अंत तक सफाई का लक्ष्य हासिल करने के साथ-साथ नदी को भविष्य में दोबारा प्रदूषित होने से बचाना भी महत्वपूर्ण होगा।
CM योगी का पर्यावरण पर फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ताजा बयान में लखनऊ के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्रमुखता दी गई है। सरकार आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने पर जोर देने की बात कर रही है।
गोमती की सफाई इसी व्यापक योजना का हिस्सा मानी जा रही है।
लखनऊ की बदलेगी तस्वीर?
अगर सरकार अपने लक्ष्य के मुताबिक गोमती नदी को स्वच्छ बनाने में सफल होती है तो इसका सीधा असर लखनऊ की पर्यावरणीय स्थिति पर पड़ सकता है। नदी के किनारे के क्षेत्रों में स्वच्छता बढ़ने के साथ शहर की पहचान को भी नया स्वरूप मिल सकता है।
हालांकि, इसका वास्तविक आकलन नदी के पानी की गुणवत्ता और प्रदूषण के स्तर में होने वाले स्थायी सुधार के आधार पर ही किया जा सकेगा।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली

