CM भगवंत मान सरकार पर बढ़ा दबाव, पंजाब में बिजली संकट से उद्योग और आम लोग परेशान
चंडीगढ़: पंजाब में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। राज्य में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बीच उद्योगों, किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को लंबे पावर कट का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को कई औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली कटौती की अवधि बढ़ाकर करीब 14 घंटे तक कर दी गई। इससे उत्पादन और कारोबार प्रभावित होने के साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर भी दबाव बढ़ गया है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली की मांग
रिपोर्टों के मुताबिक पंजाब में बिजली की मांग 16,619 मेगावाट तक पहुंच गई। मांग के मुकाबले राज्य की अपनी बिजली उत्पादन क्षमता पर्याप्त नहीं होने के कारण पंजाब को उत्तरी ग्रिड से बड़ी मात्रा में बिजली लेनी पड़ रही है। शुक्रवार को राज्य ने करीब 4,162 मेगावाट बिजली अपने स्रोतों से पैदा की, जबकि लगभग 11,747 मेगावाट बिजली उत्तरी ग्रिड से ली गई।
इस बीच राज्य में करीब 1,915 मेगावाट उत्पादन क्षमता प्रभावित होने की बात सामने आई है। कई थर्मल और हाइडल यूनिट बंद या तकनीकी कारणों से उपलब्ध नहीं हैं, जिससे बिजली आपूर्ति पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
उद्योगों को 14 घंटे तक बिजली कटौती
बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर औद्योगिक क्षेत्र पर दिखाई दे रहा है। पंजाब के कैटेगरी-2 और कैटेगरी-3 औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए कई इलाकों में बिजली कटौती को बढ़ाकर करीब 14 घंटे कर दिया गया। लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और मोहाली जैसे प्रमुख औद्योगिक शहरों में इसका असर सामने आया है।
PSPCL की ओर से कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति शाम करीब 4:30 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक बंद रखने की जानकारी सामने आई। उद्योगों का कहना है कि अचानक और लंबे पावर कट से उत्पादन प्रभावित हो रहा है, ऑर्डर पूरे करने में देरी हो रही है और आर्थिक नुकसान बढ़ रहा है।
घरेलू उपभोक्ताओं और गांवों पर भी असर
बिजली संकट सिर्फ उद्योगों तक सीमित नहीं है। शहरी इलाकों में घरेलू उपभोक्ताओं ने भी कई घंटे की अनियमित बिजली कटौती की शिकायत की है। कुछ क्षेत्रों में रोजाना चार से पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित होने की रिपोर्ट है। ग्रामीण इलाकों और कृषि क्षेत्र में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।
कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती का असर पानी की आपूर्ति और खेती से जुड़े कामों पर भी पड़ रहा है। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने की शिकायतों के बीच सरकार के सामने बिजली व्यवस्था सामान्य करने की चुनौती बढ़ गई है।
कोयले की कमी भी बनी बड़ी वजह
पंजाब के बिजली संकट के पीछे कोयले की उपलब्धता भी अहम कारण बनकर सामने आई है। निजी बिजली संयंत्रों में कोयले के स्टॉक को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। PSPCL ने राज्य के स्वतंत्र बिजली उत्पादकों को अनिवार्य कोयला स्टॉक बनाए रखने में कमी को लेकर नोटिस भी जारी किए हैं।
कोयले की कमी और बिजली संयंत्रों में तकनीकी खराबियों ने राज्य की बिजली उत्पादन व्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है। ऊर्जा संकट से निपटने के लिए पंजाब के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है, जिसमें आपूर्ति और उत्पादन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
केंद्र से बिजली कम मिलने का सरकार का दावा
पंजाब सरकार की ओर से बिजली संकट के लिए केंद्र से मिलने वाली बिजली में कमी और निजी बिजली संयंत्रों में तकनीकी समस्याओं को भी जिम्मेदार बताया गया है। राज्य के एक मंत्री के अनुसार पंजाब को केंद्रीय पावर पूल से उसके हिस्से से करीब 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही है। साथ ही निजी उत्पादन इकाइयों के अचानक बंद होने से संकट और गहरा गया।
हालांकि विपक्ष ने इस दावे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और बिजली संकट को राज्य सरकार की कथित कुप्रबंधन और योजना की कमी से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
विपक्ष के निशाने पर CM भगवंत मान सरकार
बिजली कटौती बढ़ने के साथ पंजाब की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी नेताओं ने भगवंत मान सरकार से बिजली आपूर्ति को लेकर जवाब मांगा है। कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने सरकार पर बिजली संकट से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
वहीं सरकार का पक्ष है कि मौजूदा संकट में केंद्रीय बिजली आपूर्ति में कमी, कोयले की उपलब्धता और निजी उत्पादन इकाइयों में तकनीकी खराबी जैसे कई कारण शामिल हैं। सरकार बिजली उत्पादन और आपूर्ति को सामान्य करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर काम कर रही है।
आगे क्या है चुनौती?
पंजाब में बिजली की मांग ऊंचे स्तर पर बनी रहने और उत्पादन क्षमता प्रभावित होने के कारण आने वाले दिनों में आपूर्ति व्यवस्था सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी रह सकती है। विशेषज्ञों और इंजीनियरों की ओर से राज्य में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और बिजली व्यवस्था के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने की जरूरत पर जोर दिया गया है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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