अखिलेश यादव को मिली लोहिया ट्रस्ट की कमान, शिवपाल यादव की जगह संभाली जिम्मेदारी
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अब लोहिया ट्रस्ट की भी कमान सौंप दी गई है। ट्रस्ट के अध्यक्ष पद पर अब तक जिम्मेदारी संभाल रहे शिवपाल सिंह यादव की जगह अखिलेश यादव को अध्यक्ष बनाया गया है। इस बदलाव के साथ अखिलेश यादव के पास समाजवादी पार्टी के साथ-साथ लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आ गई है।
लोहिया ट्रस्ट में हुआ यह बदलाव उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी के संगठन और परिवार से जुड़े संस्थानों में अखिलेश यादव की भूमिका पहले से ही मजबूत रही है। अब लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी भी उनके पास आने के बाद पार्टी के भीतर उनके प्रभाव को और मजबूती मिलने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
शिवपाल यादव की जगह अखिलेश को जिम्मेदारी
लोहिया ट्रस्ट की कमान पहले शिवपाल सिंह यादव के पास थी। अब अध्यक्ष पद पर बदलाव करते हुए अखिलेश यादव को यह जिम्मेदारी दी गई है। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सक्रिय है।
अखिलेश यादव पहले से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। इसके अलावा वह जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। ऐसे में लोहिया ट्रस्ट का अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी से जुड़े वैचारिक और सामाजिक संस्थानों में उनकी भूमिका और व्यापक हो गई है।
2017 के विवाद से जुड़ा है लोहिया ट्रस्ट का इतिहास
लोहिया ट्रस्ट में यह बदलाव इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसकी पृष्ठभूमि समाजवादी परिवार में वर्ष 2017 में हुए बड़े राजनीतिक विवाद से जुड़ी रही है। उस समय समाजवादी पार्टी में नेतृत्व को लेकर अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव के बीच मतभेद खुलकर सामने आए थे।
उस दौर में लोहिया ट्रस्ट को लेकर भी परिवार के भीतर राजनीतिक खींचतान देखने को मिली थी। बाद के वर्षों में अखिलेश और शिवपाल के रिश्तों में कई उतार-चढ़ाव आए। ऐसे में अब ट्रस्ट की कमान अखिलेश यादव के पास जाना सपा की आंतरिक राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
अखिलेश के पास बढ़ी संस्थागत जिम्मेदारी
लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट दोनों ही समाजवादी विचारधारा और उससे जुड़े नेताओं की विरासत से महत्वपूर्ण रूप से जुड़े हैं। अखिलेश यादव के पास इन संस्थानों की जिम्मेदारी आने से पार्टी की विचारधारा और संगठनात्मक गतिविधियों में उनके नेतृत्व की भूमिका और मजबूत हो सकती है।
समाजवादी पार्टी की राजनीति में डॉ. राम मनोहर लोहिया और जनेश्वर मिश्र की विचारधारा का विशेष महत्व रहा है। पार्टी इन नेताओं की राजनीतिक विरासत को अपने संगठन और कार्यक्रमों के जरिए आगे बढ़ाती रही है।
बेटी को जिम्मेदारी मिलने की चर्चा
लोहिया ट्रस्ट में बदलाव के बाद सियासी गलियारों में अखिलेश यादव के परिवार की अगली पीढ़ी को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ राजनीतिक चर्चाओं में यह सवाल उठ रहा है कि भविष्य में ट्रस्ट से जुड़ी किसी जिम्मेदारी में अखिलेश यादव की बेटी की भी भूमिका हो सकती है।
हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए ऐसी चर्चाओं को फिलहाल राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
2027 चुनाव से पहले अहम बदलाव
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी लगातार संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे समय में लोहिया ट्रस्ट की कमान अखिलेश यादव को मिलना पार्टी के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस फैसले के बाद यह साफ है कि समाजवादी पार्टी से जुड़े प्रमुख संस्थानों में अखिलेश यादव की भूमिका पहले से अधिक केंद्रीय हो गई है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि लोहिया ट्रस्ट के नेतृत्व में आने वाले समय में कौन से नए कार्यक्रम और संगठनात्मक गतिविधियां सामने आती हैं।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
सत्य, न्याय और राष्ट्रहित की निर्भीक आवाज़
Rustam-E-Hind Hindi Daily Newspaper
https://l1nq.com/zvf3zgb
सब्स्क्राइब करें।

