सपा डुप्लीकेट मतदाता पर जांच की मांग, इटावा में 3000 से अधिक नामों पर उठे सवाल
लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने इटावा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज 3000 से अधिक कथित डुप्लीकेट मतदाताओं के नामों की जांच कराने की मांग की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर इन नामों की जांच कराने और जांच में डुप्लीकेट या फर्जी पाए जाने वाले नामों को नियमानुसार मतदाता सूची से हटाने की मांग की है। सपा का कहना है कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का निष्पक्ष और पारदर्शी होना जरूरी है।
सपा के मुताबिक, इटावा विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग मतदान केंद्रों की मतदाता सूचियों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां मतदाता का नाम, रिश्तेदार का नाम, उम्र और पता समान या बेहद समान दर्ज है, लेकिन उनके लिए अलग-अलग EPIC नंबर दर्ज किए गए हैं। पार्टी ने इन मामलों को संदिग्ध बताते हुए निर्वाचन विभाग से विस्तृत जांच की मांग की है।
निर्वाचन अधिकारी से जांच की मांग
समाजवादी पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर विषय है। पार्टी ने निर्वाचन विभाग से मांग की है कि इटावा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची का सत्यापन कराया जाए और संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन के माध्यम से सपा नेताओं के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह ने भी मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की। पार्टी का कहना है कि यदि जांच में किसी नाम के डुप्लीकेट या फर्जी होने की पुष्टि होती है तो उसे नियमों के तहत मतदाता सूची से हटाया जाना चाहिए।
सपा ने इस पूरी प्रक्रिया को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़ते हुए कहा है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करना स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है।
2027 चुनाव से पहले मतदाता सूची पर जोर
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। ऐसे में मतदाता सूची को लेकर सपा की यह मांग राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पार्टी का कहना है कि चुनाव से पहले मतदाता सूची में मौजूद संदिग्ध और डुप्लीकेट प्रविष्टियों की जांच होनी चाहिए, ताकि किसी वास्तविक मतदाता का नाम प्रभावित न हो और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में बना न रहे।
हालांकि, 3000 से अधिक नामों के डुप्लीकेट या फर्जी होने की पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी। फिलहाल ये नाम सपा की ओर से उठाए गए संदिग्ध मामलों के रूप में सामने आए हैं।
किसानों से भी मिले अखिलेश यादव
इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आए किसानों और विभिन्न खापों के चौधरियों से मुलाकात की।
बैठक में सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल भी मौजूद रहे। इस दौरान किसानों से जुड़े मुद्दों और आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी किसानों की अपनी पार्टी है और 2027 का विधानसभा चुनाव किसानों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण चुनाव होगा। उन्होंने किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा और खाद, बीज, सिंचाई, बिजली तथा फसलों के उचित मूल्य जैसे मुद्दे उठाए।
गन्ने के भुगतान और किसानों को सुविधाओं का वादा
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो किसानों के गन्ने के भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने 24 घंटे के भीतर गन्ने का भुगतान कराने, किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने और खाद, बीज, पानी तथा सिंचाई की बेहतर व्यवस्था का भरोसा दिलाया।
उन्होंने किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य, मुफ्त इलाज और गांवों के प्राथमिकता के आधार पर विकास का भी भरोसा दिया।
अखिलेश यादव ने इथेनॉल से होने वाले लाभ में किसानों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि किसानों की आय और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाई जानी चाहिए।
खाप प्रतिनिधियों ने जताया समर्थन
मुलाकात के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आए किसानों और खाप प्रतिनिधियों ने अखिलेश यादव के प्रति अपना भरोसा जताया। प्रतिनिधियों ने 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर काम करने की बात कही।
इस दौरान बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर के चौधरी वीरेंद्र प्रधान ने अखिलेश यादव को हल भेंट किया, जबकि बागपत के किसानों ने उन्हें हुक्का भेंट किया।
इटावा में मतदाता सूची की जांच की मांग और किसानों के साथ अखिलेश यादव की बैठक, दोनों घटनाक्रमों को समाजवादी पार्टी की 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों और राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, इटावा की मतदाता सूची में कथित डुप्लीकेट नामों को लेकर अंतिम स्थिति निर्वाचन विभाग की जांच और सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगी।
रिपोर्टर; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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