CM नायब सैनी का बड़ा फैसला, हरियाणा में ₹9,700 करोड़ के सड़क प्रोजेक्ट मंजूर
चंडीगढ़: हरियाणा में सड़क और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए CM नायब सैनी ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने करीब 9,700 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच प्रमुख बाईपास और सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरों के अंदर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
पांच प्रमुख शहरों को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में हिसार, कुरुक्षेत्र, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल से जुड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। सरकार का लक्ष्य है कि प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से गुजरने वाले भारी और लंबी दूरी के यातायात को शहरों के अंदर आने से रोका जाए।
सरकार एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और कस्बों के बाहर रिंग रोड और नेशनल हाईवे विकसित करने के लिए नई नीति तैयार करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। इसके तहत शहरों में ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने पर जोर रहेगा।
हिसार बाईपास से शहर को मिलेगी राहत
मंजूर की गई परियोजनाओं में हिसार बाईपास महत्वपूर्ण है। यह बाईपास हिसार-राजगढ़ रोड पर NH-52 को हिसार-दिल्ली रोड और हिसार-कैथल रोड से जोड़ने का काम करेगा।
इससे उन वाहनों को शहर के भीतर से गुजरने की जरूरत कम होगी, जो हिसार के आसपास के प्रमुख मार्गों के बीच यात्रा करते हैं। सरकार को उम्मीद है कि इससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की DPR तैयार
कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है। सरकार के मुताबिक इस परियोजना पर जल्द काम शुरू किया जाएगा।
यह बाईपास कुरुक्षेत्र क्षेत्र में वैकल्पिक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के साथ-साथ शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद करेगा।
नारनौल में 11 किलोमीटर का बाईपास
नारनौल सिटी बाईपास करीब 11 किलोमीटर लंबा होगा। इसे NH-148B से जोड़ने की योजना है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर के अंदर से गुजरने वाले ट्रैफिक को बाहरी मार्ग उपलब्ध कराना है।
इसी तरह जींद में बाहरी रिंग रोड और NH-352 पर चार लेन के बाईपास की योजना है।
सोहना-पलवल मार्ग भी होगा अपग्रेड
सोहना-पलवल क्षेत्र में NH-919 से पलवल-सोहना बाईपास को नए सिरे से विकसित और री-डिजाइन करने की योजना है। यह करीब 24 किलोमीटर लंबा चार लेन मार्ग होगा।
इस परियोजना से दिल्ली-एनसीआर और दक्षिण हरियाणा के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
लागत साझा करने के लिए कमेटी गठित
बैठक में केंद्र सरकार के साथ परियोजनाओं की लागत साझा करने के लिए वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का फैसला भी लिया गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केंद्र सरकार के अनुरूप नीति तैयार करने और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी पर भी जोर
हरियाणा सरकार ने दिल्ली-एनसीआर की बड़ी परिवहन परियोजनाओं से कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में भी योजना बनाई है। DND-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास और KMP लिंक को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
इसके अलावा करनाल रिंग रोड के लिए भूमि शेयर जमा कराया जा चुका है, जबकि अंबाला शहर और अंबाला कैंट को जोड़ने वाला रिंग रोड भी निर्माणाधीन है।
ट्रैफिक दबाव कम करना सरकार की प्राथमिकता
CM नायब सैनी सरकार का कहना है कि बढ़ते शहरीकरण और वाहनों की संख्या को देखते हुए शहरों के बाहर रिंग रोड और बाईपास का नेटवर्क मजबूत करना जरूरी है। ₹9,700 करोड़ की इन परियोजनाओं से न केवल ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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