जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराई है। 17 सितंबर को अमृतसर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन और विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन राज्य का दर्जा बहाल करने को लेकर अब तक केवल मौखिक आश्वासन ही मिले हैं।
उमर अब्दुल्ला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर अमृतसर पहुंचे थे। जब उनसे पूछा गया कि प्रधानमंत्री की ओर से उन्हें क्या घोषणा की उम्मीद है, तो उन्होंने कहा कि अगर कुछ और नहीं तो जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर के लिए प्रमुख मांग के रूप में रखा।
चुनाव के बाद राज्य का दर्जा बहाल करने का था आश्वासन
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र की ओर से पहले तीन चरणों की प्रक्रिया बताई गई थी—परिसीमन, विधानसभा चुनाव और फिर राज्य का दर्जा बहाल करना। उनके मुताबिक परिसीमन और विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, जिसमें लोगों ने भाग लिया, लेकिन राज्य का दर्जा अभी तक बहाल नहीं हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने को लेकर संसद और सुप्रीम कोर्ट में आश्वासन दिए गए थे, लेकिन उन्हें लिखित रूप में कुछ नहीं मिला। उमर अब्दुल्ला ने इसी संदर्भ में लद्दाख के नेताओं को भी केंद्र से उनकी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन लेने की सलाह दी।
2019 में जम्मू-कश्मीर बना था केंद्र शासित प्रदेश
5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किया और तत्कालीन राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों—जम्मू-कश्मीर और लद्दाख—में विभाजित किया था। दिसंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने विशेष दर्जे को खत्म करने और दोनों केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले को बरकरार रखा था तथा जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने को कहा था।
अमृतसर में J&K हाउस का उद्घाटन
उमर अब्दुल्ला ने अमृतसर में जम्मू-कश्मीर हाउस के नवीनीकृत हेरिटेज भवन का भी उद्घाटन किया। करीब 2.30 करोड़ रुपये की लागत से इसका नवीनीकरण किया गया है। इसमें चार गेस्ट रूम, कॉमन लाउंज, डाइनिंग एरिया और किचन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
यह सुविधा खास तौर पर जम्मू-कश्मीर से अमृतसर इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए उपयोगी होगी। इसके अलावा छात्र, तीर्थयात्री और अन्य आगंतुक भी यहां ठहर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ-सफाई और सुविधाओं के रखरखाव के उच्च मानक बनाए रखने के निर्देश दिए।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अमृतसर में इलाज के लिए आने वाले जम्मू-कश्मीर के मरीजों और उनके परिजनों को अक्सर रहने की समस्या का सामना करना पड़ता है। नवीनीकृत J&K हाउस उन्हें किफायती और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
J&K में निवेश और रोजगार पर भी बोले उमर
अमृतसर में बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री से जम्मू-कश्मीर में उद्योगों को लेकर भी सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि कुछ उद्योग आए हैं और इसमें केंद्र की प्रोत्साहन योजना की भूमिका रही है। उन्होंने कृषि, कृषि-प्रसंस्करण, बागवानी और डेयरी जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं का भी उल्लेख किया।
18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर की राजनीति में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के प्रमुख बयानों में बनी हुई है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरद सत्र 21 सितंबर से शुरू होने वाला है।
रिपोर्टर; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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