पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। नामांकन वापसी से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया।
शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद नाम वापसी
संचिता प्रधान डे अपने पति के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिलने पहुंची थीं। मुलाकात के बाद उन्होंने नंदीग्राम उपचुनाव से अपना नामांकन वापस ले लिया। मीडिया से बातचीत में संचिता ने बताया कि वह मुख्यमंत्री से आशीर्वाद लेने गई थीं। नामांकन वापस लेने के फैसले के बाद इस घटनाक्रम को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ममता बनर्जी ने कांग्रेस को दिया समर्थन
संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। ममता ने कहा कि उनका गुट अब इस सीट से अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगा।
ममता के मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें फोन किया था। उन्होंने विपक्षी गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बात भी कही।
नंदीग्राम में अब कौन-कौन मैदान में?
उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने पहले ही मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाया था। बीजेपी ने हसिरानी रथ को मैदान में उतारा है। वहीं ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है। संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी का गुट अब नंदीग्राम सीट पर सीधे चुनाव नहीं लड़ रहा है।
नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। यह सीट शुभेंदु अधिकारी के विधानसभा सीट छोड़ने के बाद खाली हुई थी।
चुनाव आयोग पर ममता के आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर कई आरोप लगाए। उन्होंने मौजूदा घटनाक्रम को लोकतंत्र के इतिहास का ‘काला दिन’ बताया। ममता ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को कमजोर करने के लिए SIR का इस्तेमाल किया गया और EVM को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने चुनाव आयोग पर बीजेपी के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। ये ममता बनर्जी के राजनीतिक आरोप हैं; चुनाव आयोग या बीजेपी की ओर से इन आरोपों पर संबंधित रिपोर्ट में अलग प्रतिक्रिया का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
पहले घोषित हुई थीं संचिता प्रधान डे की उम्मीदवार
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने 13 सितंबर को नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए संचिता प्रधान डे के नाम की घोषणा की थी। उस समय कांग्रेस ने भी मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद संचिता के नामांकन वापस लेने से चुनावी समीकरण में बदलाव आया है।
अब नंदीग्राम में ममता गुट के उम्मीदवार के हटने के बाद बीजेपी, कांग्रेस और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट के उम्मीदवार मैदान में हैं। उपचुनाव का मतदान 6 अक्टूबर को होगा और परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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