सचिन वाजे की जमानत पर बॉम्बे HC में सुनवाई
एंटीलिया बम केस और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में बर्खास्त मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की जमानत को चुनौती देने वाली NIA की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है।
सुनवाई के दौरान NIA की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने वाजे के खिलाफ जांच के दौरान सामने आए कई तथ्यों का जिक्र किया। इनमें उनके कथित तौर पर लग्जरी कारों के इस्तेमाल का मामला भी शामिल था।
काली मर्सिडीज का हुआ जिक्र
NIA की ओर से एक गवाह के बयान का हवाला देते हुए कोर्ट को बताया गया कि सचिन वाजे काली मर्सिडीज कार में घूमते थे। गवाह के मुताबिक, वाजे ने अपने साथ मौजूद लोगों से मोबाइल फोन बंद करने के लिए भी कहा था।
जब NIA ने अदालत को बताया कि यह मर्सिडीज वाजे की ही थी, तो कोर्ट ने इस पर सवाल किए। अदालत ने कहा कि जांच के दौरान सामने आई ऐसी जानकारियों को समझना जरूरी है, क्योंकि रिकॉर्ड में वाजे के महंगी गाड़ियों में घूमने का उल्लेख बार-बार सामने आ रहा है।
पांच लग्जरी कारों को लेकर सवाल
सुनवाई के दौरान NIA ने वाजे की कथित लग्जरी लाइफस्टाइल और उनके पास रही महंगी गाड़ियों का मुद्दा उठाया। एजेंसी का कहना है कि वाजे की गतिविधियों और उनके वित्तीय साधनों से जुड़े पहलुओं को मामले के व्यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने भी इन तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया और कहा कि मामले में सामने आए रिकॉर्ड और परिस्थितियों को समग्र रूप से समझना जरूरी है।
एंटीलिया के बाहर SUV खड़ी करने पर कोर्ट का सवाल
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने NIA से यह भी पूछा कि आखिर ऐसा कौन सा ठोस सबूत है, जिससे यह साबित हो कि एंटीलिया के बाहर विस्फोटक लदी SUV सचिन वाजे ने ही खड़ी की थी।
अदालत ने एजेंसी से पूछा कि जांच में अलग-अलग तथ्यों को जोड़कर वाजे तक कैसे पहुंचा गया। NIA ने दावा किया कि SUV वाजे के कब्जे में थी और उसके बाद उसे एंटीलिया के पास खड़ा किया गया।
NIA ने लगाया ‘सुपर कॉप’ बनने की साजिश का आरोप
NIA का आरोप है कि वाजे ने खुद को एक बार फिर ‘सुपर कॉप’ के तौर पर स्थापित करने की कोशिश में पूरी साजिश रची थी। एजेंसी के मुताबिक, एंटीलिया के बाहर विस्फोटक लदी SUV खड़ी करने के पीछे मकसद ऐसा माहौल बनाना था, जिससे बाद में मामले को सुलझाकर वाजे खुद को एक प्रभावशाली पुलिस अधिकारी के रूप में पेश कर सकें।
NIA ने यह भी आरोप लगाया है कि इस साजिश के पीछे कथित तौर पर वसूली का मकसद था। हालांकि, ये सभी आरोप जांच एजेंसी के हैं और मामले की अंतिम न्यायिक पुष्टि अभी बाकी है।
निचली अदालत ने दी थी जमानत
इससे पहले 29 सितंबर को विशेष NIA अदालत ने सचिन वाजे को जमानत दी थी। अदालत ने कहा था कि रिकॉर्ड पर ऐसा पर्याप्त प्रथमदृष्टया material नहीं है, जिससे एंटीलिया मामले को UAPA के तहत आतंकवादी कृत्य साबित किया जा सके।
विशेष अदालत ने यह भी कहा था कि वाजे लंबे समय से हिरासत में हैं और मुकदमे के निकट भविष्य में पूरा होने की संभावना नहीं दिख रही है।
हाईकोर्ट ने जमानत पर लगा रखा है स्टे
NIA ने विशेष अदालत के जमानत आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। इसके बाद हाईकोर्ट ने वाजे की जमानत पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसका मतलब है कि निचली अदालत से जमानत मिलने के बावजूद वाजे की रिहाई फिलहाल रुकी हुई है।
मामला एंटीलिया के बाहर 25 फरवरी 2021 को विस्फोटक लदी SUV मिलने और उसके बाद कारोबारी मनसुख हिरेन की मौत से जुड़ा है। NIA ने वाजे पर इस पूरे घटनाक्रम में आपराधिक साजिश का हिस्सा होने का आरोप लगाया है। वहीं, वाजे की जमानत पर अंतिम फैसला हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के बाद होगा।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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