CM रेखा गुप्ता का बड़ा एक्शन, सत्य निकेतन हादसे के बाद अवैध निर्माण पर MCD की सख्ती
नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन में PG भवन गिरने से सात लोगों की मौत के बाद राजधानी में अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश के बाद MCD ने कई इलाकों में अनधिकृत निर्माण और खतरनाक इमारतों के खिलाफ अभियान चलाया है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद भवनों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर सवाल उठे हैं। MCD ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए कई संपत्तियों को सील किया और अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 58 इमारतों को गिराया जा चुका है और 31 अन्य संपत्तियों के खिलाफ भी ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए हैं।
PG और छात्रावासों की जांच तेज
हादसे के बाद सत्य निकेतन इलाके में PG भवनों का सर्वे कराया गया। इस दौरान तीन PG इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी भवन सुरक्षा और MCD की कार्यप्रणाली को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
दिल्ली में छात्र आवासों की सुरक्षा और उपलब्धता को लेकर 18 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित करने को भी मंजूरी दी गई है। समिति छात्रावासों और PG की सुरक्षा व्यवस्था, उपलब्धता तथा निगरानी व्यवस्था पर सुझाव देगी।
अधिकारियों पर भी कार्रवाई
सत्य निकेतन हादसे के मामले में MCD ने लापरवाही के आरोपों के बीच तीन और इंजीनियरों को निलंबित किया है। इससे पहले भी भवन सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी। प्रशासन का संदेश साफ है कि अनधिकृत निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली हाईकोर्ट को मामले की निगरानी जारी रखने की अनुमति दी है। इससे हादसे की जांच और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया पर न्यायिक निगरानी बनी रहेगी।
दिल्ली में अवैध निर्माण पर बढ़ी सख्ती
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD की कार्रवाई अब दिल्ली के कई इलाकों तक पहुंच चुकी है। लक्ष्मी नगर और पांडव नगर में भी अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान चलाया गया। चांदनी चौक में 54 दुकानों को सील किए जाने और बिंदापुर में एक निर्माणाधीन इमारत को गिराए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार के सामने अब बड़ी चुनौती राजधानी में मौजूद जर्जर, अनधिकृत और असुरक्षित इमारतों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई करने की है। सत्य निकेतन हादसे के बाद प्रशासन की कार्रवाई को इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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