CM Rekha Gupta का बड़ा ऐलान, दिल्ली के 2.30 लाख घरों को मुफ्त सोलर पैनल
CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान, दिल्ली के 2.30 लाख घरों को मुफ्त सोलर पैनल
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार ने राजधानी के लाखों परिवारों को राहत देने वाली बड़ी योजना को मंजूरी दी है। दिल्ली कैबिनेट ने संशोधित सोलर पॉलिसी को मंजूरी देते हुए करीब 2.30 लाख घरों की छतों पर 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा है। खास बात यह है कि पात्र परिवारों को इसके लिए शुरुआती तौर पर अपनी जेब से बड़ी रकम खर्च नहीं करनी होगी।
सरकार का उद्देश्य दिल्ली में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के बिजली बिल का बोझ कम करना है। इस योजना के तहत हर महीने 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
2.30 लाख घरों तक पहुंचेगी योजना
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने रूफटॉप सोलर को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए नई व्यवस्था तैयार की है। सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक करीब 2.30 लाख घरों को इस योजना से जोड़ना है।
योजना के तहत घरों की छतों पर अधिकतम 3 KW क्षमता तक का सोलर सिस्टम लगाया जाएगा। इससे परिवार अपनी जरूरत की बिजली का एक हिस्सा खुद पैदा कर सकेंगे और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होगी।
केंद्र और दिल्ली सरकार देंगी सब्सिडी
3 KW तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार की ओर से ₹78,000 तक की सब्सिडी उपलब्ध है। दिल्ली सरकार भी लगभग ₹78,000 की पूंजीगत सब्सिडी देगी।
सरकार की योजना है कि इन सब्सिडी के बाद भी यदि सिस्टम लगाने की लागत पूरी नहीं होती है, तो पात्र परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देकर शुरुआती भुगतान का बोझ कम किया जाए। इस तरह सरकार अधिक से अधिक परिवारों को सोलर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है।
पांच साल तक रखरखाव की सुविधा
सिर्फ सोलर पैनल लगाना ही नहीं, बल्कि उसकी देखभाल को लेकर भी सरकार ने राहत देने का फैसला किया है। योजना के तहत चयनित वेंडर शुरुआती पांच साल तक सोलर सिस्टम के संचालन और रखरखाव की सुविधा देंगे।
इससे लाभार्थियों को सिस्टम की मरम्मत और नियमित मेंटेनेंस पर होने वाले अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी।
बिजली सब्सिडी का लाभ भी जारी
रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने वाले पात्र परिवारों के लिए मौजूदा बिजली सब्सिडी खत्म नहीं होगी। यानी सोलर सिस्टम का लाभ लेने के साथ-साथ पात्र उपभोक्ता मौजूदा बिजली सब्सिडी व्यवस्था का लाभ भी ले सकेंगे।
सरकार का कहना है कि सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ आम परिवारों को आर्थिक राहत देना इस नीति का अहम उद्देश्य है।
अतिरिक्त बिजली बेचने का भी विकल्प
रूफटॉप सोलर सिस्टम से यदि किसी घर में उसकी जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा होती है, तो अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजा जा सकता है। इसके लिए लागू नेट मीटरिंग व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाएगा।
इससे घर केवल बिजली का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि जरूरत से अधिक बिजली पैदा होने पर वह उसे ग्रिड में भेजकर आर्थिक लाभ भी हासिल कर सकता है।
नेट मीटरिंग की प्रक्रिया होगी तेज
दिल्ली सरकार ने नेट मीटरिंग की प्रक्रिया को भी आसान और तेज करने की दिशा में कदम उठाया है। सरकार का लक्ष्य आवेदन से लेकर कनेक्शन से जुड़ी प्रक्रिया को पहले की तुलना में कम समय में पूरा करना है।
इससे सोलर पैनल लगवाने वाले उपभोक्ताओं को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे जल्द से जल्द सौर ऊर्जा का इस्तेमाल शुरू कर सकेंगे।
500 MW अतिरिक्त सोलर क्षमता का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने मार्च 2027 तक करीब 500 मेगावाट अतिरिक्त रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके जरिए राजधानी में स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने के साथ प्रदूषण कम करने की कोशिश की जाएगी।
सरकार इसे दिल्ली को अधिक ग्रीन और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रही है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
दिल्ली में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने से बिजली उत्पादन का विकेंद्रीकरण हो सकता है। परिवार अपनी जरूरत की बिजली का कुछ हिस्सा खुद पैदा कर पाएंगे और लंबे समय में बिजली खर्च में भी कमी आ सकती है।
CM रेखा गुप्ता सरकार की इस पहल से एक तरफ घरेलू उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में अक्षय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का फोकस अब ज्यादा से ज्यादा घरों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने पर है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब

