दिल्ली लक्ष्मी योजना: CM रेखा गुप्ता ने महिलाओं को दिए ₹2,500 के स्वीकृति पत्र, 1 सितंबर से पहली किस्त
दिल्ली लक्ष्मी योजना लॉन्च: CM रेखा गुप्ता ने महिलाओं को सौंपे स्वीकृति पत्र, 1 सितंबर से मिलेगी ₹2,500 की पहली किस्त
दिल्ली, 26 अगस्त 2026। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को राजधानी की महिलाओं के लिए ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ का औपचारिक शुभारंभ किया। तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने योजना के पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति और सत्यापन पत्र सौंपे। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार के अनुसार, पहली किस्त 1 सितंबर 2026 से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी।
9.22 लाख से अधिक महिलाओं ने कराया पंजीकरण
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए अब तक 9.22 लाख से ज्यादा महिलाओं ने पंजीकरण कराया है। सरकार की ओर से लाभार्थियों की पात्रता की जांच और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
पहले चरण में करीब 5,000 महिलाओं की जांच और जरूरी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें योजना के लिए पात्र पाया गया है। बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में इनमें से 2,500 महिलाओं को स्वीकृति पत्र सौंपे गए।
दिल्ली सरकार का लक्ष्य इस योजना का लाभ राजधानी की करीब 17 लाख महिलाओं तक पहुंचाना है। सरकार का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से पात्र महिलाओं को योजना में शामिल किया जाएगा।
1 सितंबर से शुरू होगी पहली किस्त
योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए डिजिटल भुगतान व्यवस्था अपनाई है। स्वीकृत लाभार्थियों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से पहली किस्त भेजने की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को नियमित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए भी आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें।
₹2,500 की राशि को लेकर क्या है व्यवस्था?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना के तहत मिलने वाली राशि को निर्धारित वित्तीय विकल्पों के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। रिपोर्टों में बताया गया है कि लाभार्थी ₹1,500 की राशि RD/FD में जमा करा सकती हैं, जबकि ₹1,000 तक CBDC वॉलेट के माध्यम से प्राप्त करने का विकल्प होगा।
लाभार्थियों को पूरी राशि को RD/FD में जमा कराने का विकल्प भी उपलब्ध होने की बात सामने आई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य महिलाओं को तत्काल आर्थिक मदद के साथ-साथ बचत और वित्तीय अनुशासन की ओर प्रोत्साहित करना है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर CM का जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने से परिवार और समाज दोनों को मजबूती मिलती है।
सरकार का कहना है कि दिल्ली लक्ष्मी योजना के जरिए पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देकर उनकी वित्तीय सुरक्षा बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। योजना से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल महिलाएं अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कर सकेंगी।
पिछली AAP सरकार पर रेखा गुप्ता ने साधा निशाना
योजना के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछली आम आदमी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में कई योजनाओं और घोषणाओं का ऐलान किया गया, लेकिन उन्हें प्रभावी तरीके से जमीन पर लागू नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकार दिल्ली पर भारी कर्ज छोड़कर गई थी। उनके मुताबिक, वित्तीय स्थिति को व्यवस्थित करने और योजनाओं के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में उनकी सरकार को समय लगा।
योजना के लिए ₹5,100 करोड़ का बजट प्रावधान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए ₹5,100 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। सरकार का दावा है कि इतनी बड़ी राशि का प्रावधान योजना को व्यापक स्तर पर लागू करने और बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है।
सरकार के अनुसार, योजना का मुख्य उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ाना है।
किन महिलाओं को नहीं मिलेगा योजना का लाभ?
दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत लाभ लेने के लिए सरकार ने पात्रता संबंधी कुछ शर्तें तय की हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ श्रेणियों के परिवारों को योजना से बाहर रखा गया है।
इनमें तीन से अधिक बच्चों वाले परिवार, चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार तथा आयकर या GST से जुड़ी निर्धारित श्रेणियां शामिल हैं। इसके अलावा निर्धारित सीमा से अधिक बिजली खपत वाले परिवारों और कुछ अन्य श्रेणियों को भी योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
लाभार्थियों के दस्तावेज और पात्रता की जांच के बाद ही उन्हें योजना में शामिल किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया का उद्देश्य योजना का लाभ सही और पात्र महिलाओं तक पहुंचाना है।
17 लाख महिलाओं तक पहुंचाने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ करीब 17 लाख महिलाओं तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पंजीकरण कराने वाली महिलाओं के दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जा रही है।
बुधवार को 2,500 महिलाओं को स्वीकृति पत्र दिए जाने के बाद अब अगले चरण में अन्य पात्र लाभार्थियों को भी योजना से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
दिल्ली की महिलाओं के लिए बड़ी सरकारी पहल
दिल्ली सरकार के लिए यह योजना महिला-केंद्रित प्रमुख योजनाओं में से एक है। 26 अगस्त 2026 को इसके औपचारिक शुभारंभ के साथ योजना के कार्यान्वयन की शुरुआत हो गई है। अब पात्र लाभार्थियों की नजर 1 सितंबर पर है, जब पहली किस्त भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी।
सरकार का दावा है कि नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को अपनी दैनिक जरूरतों, बचत और अन्य जरूरी खर्चों को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी।

