दिल्ली में बुजुर्गों की पेंशन के लंबित आवेदनों पर सख्ती, 7 कार्यदिवस में निपटारे के निर्देश
नई दिल्ली: दिल्ली में वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन करने वाले बुजुर्गों को राहत देने के उद्देश्य से लंबित आवेदनों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने पेंशन आवेदनों की समीक्षा और समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया है। अधिकारियों को लंबित मामलों की जांच कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
वृद्धावस्था पेंशन योजना आर्थिक रूप से जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए महत्वपूर्ण सहायता का माध्यम है। ऐसे में आवेदन प्रक्रिया में देरी होने से पात्र लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सरकार का जोर इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर है।
45 दिन की समयसीमा में आधे से अधिक आवेदन नहीं हुए निस्तारित
सामाजिक कल्याण विभाग की समीक्षा में सामने आया कि वृद्धावस्था पेंशन के आधे से अधिक आवेदन निर्धारित 45 दिनों की समयसीमा के भीतर स्वीकृत या निस्तारित नहीं किए गए थे। इसके बाद विभाग ने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सात कार्यदिवस की समयसीमा पहले से लंबित आवेदनों को निपटाने के विशेष अभियान के लिए है। नए आवेदनों के लिए निर्धारित 45 दिनों की समयसीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी
सभी जिला सामाजिक कल्याण अधिकारियों को लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा करने और उनकी स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है। बिना उचित और दर्ज कारण के किसी आवेदन को लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। निर्धारित समयसीमा से अधिक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है और नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
आवेदन सत्यापन की प्रक्रिया तेज करने के लिए अतिरिक्त सत्यापन अधिकारियों की तैनाती भी की गई है। कुछ जिलों में क्विक रिस्पॉन्स टीम के सदस्यों को प्रतिदिन कम से कम 50 आवेदनों का सत्यापन करने की जिम्मेदारी दी गई है।
दिल्ली में कितने बुजुर्गों को मिलती है पेंशन?
दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 4.35 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत हैं। योजना में 60 से 69 वर्ष की आयु के पात्र लाभार्थियों को हर महीने 2,000 रुपये और 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र बुजुर्गों को 2,500 रुपये पेंशन दी जाती है।
पात्रता और दस्तावेजों की जांच के बाद मिलेगी मंजूरी
सरकार के निर्देशों से लंबित आवेदनों पर कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि, सात कार्यदिवस में आवेदन का निस्तारण करने का अर्थ यह नहीं है कि हर आवेदन मंजूर हो जाएगा। पेंशन की स्वीकृति संबंधित पात्रता, दस्तावेजों और सत्यापन के आधार पर ही होगी।
दिल्ली सरकार का लक्ष्य लंबित मामलों को कम करना, बुजुर्गों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और पेंशन व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।


