हरियाणा में CM नायब सिंह सैनी की कैबिनेट बैठक, किसानों की फसल खरीद और जन शिकायतों पर सरकार का फोकस
चंडीगढ़। हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में 10 अक्टूबर 2026 को कैबिनेट बैठक शुरू हुई। राज्य सरकार के स्तर पर प्रशासनिक कामकाज, जन शिकायतों के समाधान और किसानों की फसलों की खरीद जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। प्रदेश में धान और बाजरा खरीद की व्यवस्थाओं को लेकर भी किसानों की समस्याएं सामने आ रही हैं।
कैबिनेट बैठक पर टिकी निगाहें
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शनिवार को हरियाणा कैबिनेट की बैठक शुरू हुई। बैठक में लिए जाने वाले फैसलों पर प्रदेश के लोगों की निगाहें टिकी हैं। कैबिनेट बैठक में सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों और प्रशासनिक मामलों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, बैठक के सभी फैसलों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध होने पर ही उनकी पुष्टि की जा सकेगी।
जन शिकायतों के समाधान पर मुख्यमंत्री सख्त
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को जन शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का जोर इस बात पर है कि लोगों की शिकायतों को केवल कागजों में निपटाया हुआ न दिखाया जाए, बल्कि संबंधित व्यक्ति को वास्तविक राहत मिले।
9 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने समाधान शिविरों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण में जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने जिला उपायुक्तों से प्रत्येक जिले में बार-बार सामने आने वाली जन समस्याओं के समाधान के लिए 10 दिनों के भीतर 10 सुझाव देने को कहा।
समीक्षा में सामने आया कि पिछले वर्ष समाधान शिविरों में 92,848 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 55,365 का निस्तारण किया गया। राज्य स्तर पर 5,591 शिकायतों को दोबारा जांच के लिए खोला गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों की जांच और सत्यापन के बाद ही उनका निस्तारण किया जाए।
धान और बाजरा खरीद को लेकर किसानों की परेशानी
हरियाणा की मंडियों में धान और बाजरा खरीद को लेकर किसानों की समस्याएं भी चर्चा में हैं। किसानों और किसान नेताओं ने कुछ मंडियों में खरीद में देरी, फसल उठान धीमा होने, नमी की जांच और बारदाने की कमी जैसी समस्याएं उठाई हैं।
जींद जिले की नरवाना और सफीदों मंडियों में किसानों ने आरोप लगाया कि निर्धारित सीमा के भीतर नमी होने के बावजूद उन्हें धान बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों ने खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने और मंडियों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इससे पहले धान और बाजरा खरीद की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मंडियों में पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। सरकार ने बाजरा किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत 2,900 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य सुनिश्चित करने की बात कही है। योजना के नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किसानों को बाजार में मिलने वाली कीमत तथा तय मूल्य के अंतर की भरपाई की जाती है।
गुरुग्राम में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर की योजना
हरियाणा सरकार गुरुग्राम में करीब 25 एकड़ क्षेत्र में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही है। इस परियोजना का उद्देश्य बड़े आयोजनों, सम्मेलनों और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
गुरुग्राम पहले से ही हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी केंद्रों में शामिल है। ऐसे में आधुनिक कन्वेंशन सेंटर बनने से शहर में निवेश, व्यावसायिक आयोजनों और संबंधित सेवाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना की समयसीमा और निर्माण से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक घोषणा के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
सरकार के कामकाज और वादों पर भी चर्चा
हरियाणा में सरकार के चुनावी वादों और विकास कार्यों को लेकर भी राजनीतिक चर्चा जारी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हालिया राजनीतिक कार्यक्रम में दावा किया था कि सरकार अपने घोषणापत्र के 217 वादों में से 70 को पूरा कर चुकी है। यह सरकार की ओर से पेश किया गया आंकड़ा है।
प्रदेश में किसानों की फसल खरीद, जन शिकायतों का निस्तारण, विकास परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सरकार के सामने प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।
कुल मिलाकर, 10 अक्टूबर को हरियाणा की राजनीति और प्रशासन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कैबिनेट बैठक, जन शिकायतों पर जवाबदेही और मंडियों में फसल खरीद की व्यवस्था प्रमुख विषय हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सरकार के फैसलों और प्रशासनिक कार्रवाई का असर देखने को मिलेगा।


