CM रेखा गुप्ता का सख्त एक्शन, 3 साल के बच्चे से मारपीट के बाद मौजपुर का प्ले स्कूल सील
नई दिल्ली: दिल्ली के मौजपुर इलाके में एक प्ले स्कूल में करीब साढ़े तीन साल के बच्चे के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री CM रेखा गुप्ता ने घटना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित प्ले स्कूल को सील कर दिया।
मामले में पुलिस ने स्कूल से जुड़े चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें स्कूल के निदेशक, प्रिंसिपल, एक शिक्षक और केयरटेकर शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने एक केयरटेकर को गिरफ्तार किया है और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस CCTV फुटेज समेत अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
बच्चे के साथ कथित मारपीट का आरोप
जानकारी के अनुसार, बच्चे के परिवार को उसके व्यवहार में बदलाव और शरीर पर चोट के निशान दिखाई दिए। इसके बाद परिजनों को स्कूल में बच्चे के साथ किसी तरह की घटना होने का शक हुआ। परिवार ने मामले की जानकारी स्कूल प्रबंधन को दी और CCTV फुटेज देखने की मांग की।
CCTV फुटेज की जांच के दौरान बच्चे के साथ कथित तौर पर मारपीट किए जाने की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक, फुटेज में बच्चे के साथ दुर्व्यवहार किए जाने के आरोपों की जांच की जा रही है। बताया गया है कि बच्चे को कथित तौर पर कुर्सी से बांधा गया था।
घटना सामने आने के बाद परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान वहां कौन-कौन लोग मौजूद थे और बच्चे के साथ कथित दुर्व्यवहार में किसकी क्या भूमिका थी।
चार लोगों के खिलाफ FIR
पुलिस ने मामले में स्कूल के निदेशक, प्रिंसिपल, शिक्षक और केयरटेकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। केस में भारतीय न्याय संहिता (BNS), किशोर न्याय अधिनियम और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने एक केयरटेकर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस CCTV फुटेज, परिवार की शिकायत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि स्कूल में बच्चों की देखभाल के लिए क्या सुरक्षा व्यवस्था थी और वहां काम करने वाले कर्मचारियों का सत्यापन किस तरह किया गया था।
CM रेखा गुप्ता ने मामले पर जताई नाराजगी
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नाराजगी जताई। उन्होंने बच्चों के साथ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार को गंभीर अपराध बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री की ओर से स्पष्ट किया गया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। स्कूल, प्ले स्कूल या डे-केयर सेंटर में बच्चों की जिम्मेदारी संभालने वाले लोगों की जवाबदेही तय करना जरूरी है।
CM रेखा गुप्ता के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित प्ले स्कूल के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और परिसर को सील कर दिया गया।
स्कूल की मान्यता और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच
बच्चे के साथ कथित मारपीट के अलावा प्रशासनिक जांच में स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी दस्तावेजों से जुड़े सवाल भी सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल के पास फायर सेफ्टी से संबंधित प्रमाणपत्र और भवन से जुड़े कुछ जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए।
जांच में स्वीकृत बिल्डिंग प्लान और कंप्लीशन या ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेजों की स्थिति भी देखी जा रही है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि स्कूल किस तरह संचालित हो रहा था और क्या उसने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी निर्धारित नियमों का पालन किया था।
अगर जांच में नियमों का उल्लंघन साबित होता है तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अलग से भी कार्रवाई की जा सकती है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार का सख्त संदेश
मौजपुर की इस घटना ने दिल्ली में छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्ले स्कूल और डे-केयर सेंटरों में छोटे बच्चे लंबे समय तक स्टाफ की निगरानी में रहते हैं। ऐसे में अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर होती है।
सरकार की ओर से संकेत दिया गया है कि बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, लापरवाही या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन से यह भी अपेक्षा की जा रही है कि ऐसे संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाए और जरूरी मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
CCTV फुटेज और अन्य सबूतों की जांच जारी
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े CCTV फुटेज और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चे के साथ कथित घटना कब और किन परिस्थितियों में हुई।
मामले में गिरफ्तार किए गए केयरटेकर से पूछताछ की जा रही है। वहीं, स्कूल प्रबंधन और अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों के बीच बढ़ी चिंता
इस घटना के सामने आने के बाद छोटे बच्चों के अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है। माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल या डे-केयर सेंटर भेजते समय वहां की सुरक्षा व्यवस्था, CCTV कैमरों, स्टाफ की निगरानी और कर्मचारियों के सत्यापन जैसी चीजों को लेकर अधिक सतर्क हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चों से जुड़े संस्थानों में केवल CCTV लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कर्मचारियों की जवाबदेही, नियमित निरीक्षण और शिकायत की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था भी जरूरी है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है। CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटना की पूरी कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के दौरान साबित होने बाकी हैं।
दिल्ली सरकार की ओर से मामले में सख्त कार्रवाई का संदेश दिया गया है। अब नजर पुलिस जांच और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर है।

